गूगल का प्‍लान कॉल सेंटर्स से इंसानों को हटाकर लगाएगा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंट वायस कंप्‍यूटर!

2018-07-06T07:19:10+05:30

दुनिया की सबसे बड़ी टेक कंपनियों में से एक गूगल अब एक ऐसा प्‍लान और आर्टिफिशियल प्रोग्राम लेकर आ रहा है जिससे पूरी दुनिया में चल रहे कॉल सेंटर्स कर्मचारियों की नौकरी पर खतरा पैदा हो सकता है। जानिए वो अपनी नई टेक्‍नोलॉजी के दम पर क्‍या बड़ा करने जा रहा है?

ऑटोमेटिक वॉयस कंप्‍यूटर Duplex AI को कॉलसेंटर में इंसानों की जगह करेगा नियुक्‍त!

कानपुर। गूगल स्‍पीकर और वॉयस असिस्‍टेंट के बारे में तो हम जानते हैं पर अब गूगल उसी टेक्‍नोलॉजी को चरम पर लेकर जा रहा है। जी हां डेलीमेल ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि गूगल अब एक ऐसी टेक्‍नोलॉजी और प्‍लान लेकर दुनिया के सामने आ रही है, जिसके कारण पूरी दुनिया में कॉलसेंटर्स कर्मचारियों की नौकरी को खतरा हो सकता है। जी हां 'द इंफॉर्मेशन डॉट कॉम' की एक रिपोर्ट बताती है कि गूगल अपनी आर्टिफिशियल इंटेलीजेंसी वाली Duplex AI टेक्‍नोलॉजी को दुनिया भर के कॉलसेंटर्स में इस्‍तेमाल करने जा रहा है। यानि आने वाले समय में हो सकता है कि कॉलसेंटर्स में आने वाली तमाम कॉल्‍स का जवाब इंसान नहीं बल्कि गूगल का यह समझदार वॉयस कंप्‍यूटर देगा।


Duplex AI
कंप्‍यूटर के इस्‍तेमाल को लेकर कस्‍टमर्स से चल रही है गूगल की बात

दूसरी ओर क्‍वार्ट्ज की रिपोर्ट बता रही है कि अब रोबोट कस्‍टमर केयर के काम में इंसानों तरह बात करते और जवाब देते दिखाई देंगे। इस रिपोर्ट के मुताबिक गूगल ने भले ही अब तक इस बात का खुलासा भले ही नहीं किया है लेकिन जानकारी मिली है कि गूगल आर्टिफिशियल इंटेलीजेंसी वाले अपने Duplex AI सिस्‍टम को कॉलसेंटर्स में इंसानों की जगह यूज करने का फुलप्रूफ प्‍लान बना रहा है। इसकी टेस्टिंग के लिए गूगल दुनिया की एक बड़ी इंश्‍योरेंस कंपनी के साथ साथ कई कस्‍टमर्स से बातचीत भी कर रहा है। हालांकि गूगल के प्रवक्‍ता ने डेलीमेल को बताया है कि अभी तक कंपनी ने अपनी Duplex AI तकनीक का कॉलसेंटर वर्जन टेस्‍ट करना शुरु नहीं किया है।


आसान और बार बार आने वाली कॉल्‍स का जवाब इंसान नहीं कंप्‍यूटर देगा

डेलीमेल के मुताबिक Duplex AI तकनीक के कॉलसेंटर में इस्‍तेमाल को लेकर एक बात सामने आ रही है। वो यह है कि कॉल सेंटर में आने वाली कॉल्‍स में आसान और एक ही तरह के सवालों का जवाब गूगल का कंप्‍यूटर ही इंसानी आवाज में देगा, ताकि ग्राहक को पता न चले कि उसकी बातचीत इंसान से हो रही है या कंप्‍यूटर से। मुश्किल सवालों का जवाब देने या फिर बातचीत जटिल स्‍तर पर पहुंचने पर इंसानी कस्‍टमर केयर पर्सन उसमें इनवॉल्‍व होगा, ताकि वो बातचीत जल्‍दी किसी नतीजे पर पहुंच सके।


क्‍या है गूगल
Duplex AI? डेवलपर्स कॉन्‍फ्रेंस में दुनिया ने पहली बार देखा था कमाल

बता दें कि गूगल की Duplex AI टेक्‍नोलॉजी जो कॉलसेंटर्स कर्मचारियों की जॉब पर खतरा बनकर मंडराती दिख रही है, उसे दुनिया ने पहली बार इसी साल मई महीने में जाना था। हाल ही में अमरीका में हुई गूगल की सालाना डेवलपर्स कॉन्‍फ्रेंस के दौरान गूगल सीईओ सुंदर पिचई ने Duplex AI तकनीक का डेमो दिखाया था। यह तकनीक इतनी समझदार है कि यह इंसानी आवाज में और वैसे ही अंदाज में फोन पर बातचीत कर सकती है। जिससे फोन पर दूसरी ओर से बात कर रहे व्‍यक्ति को पता ही नहीं चलता कि वो इंसान से बात कर रहा है या कंप्‍यूटर से। गूगल की Duplex AI तकनीक के डेमो के दौरान इस प्रोग्राम ने अपने बॉस के लिए हेयरकट का एप्‍वाइंटमेंट लेने के लिए खुद से ही कॉल किया था और नॉर्मल इंसान की तरह 'हूं , हां' करते हुए बात की थी।

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