शहर में छिपे बकाएदारों को बाहर निकालेगा गूगल मैप

2019-03-18T06:00:12+05:30

फैक्ट्स एंड फिगर

20 हजार शहर में बिजली बकाएदार हैं

100 करोड़ रुपए लोगों पर बिजली विभाग का बकाया है

2 लाख बिजली कंज्यूमर हैं शहर में

50-60 मिलियन यूनिट शहर में बिजली की डिमांड है

- बिजली विभाग उपभोक्ताओं के घर जाकर मीटर में लगाएगा जीपीएस ट्रैकर

- गूगल मैप पर फीड किया जाएगा डाटा, मैप पर दिखेगी उपभोक्ता की लाइव लोकेशन

बरेली :

बिजली विभाग ने बकाएदारों पर शिकंजा कसने के लिए नई पहल शुरू की है। अब बिजली विभाग गूगल मैप की मदद से बकाएदारों को पकड़ेगा। गूगल मैप पर शहर के सभी बकाएदारों की लाइव लोकेशन दिखेगी, इसके लिए सभी उपभोक्ताओं का डाटा गूगल मैप पर फीड किया जा रहा है। इससे बिजली विभाग के कर्मचारियों को परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा। पहले बकाएदारों को ढूढ़ने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ती थी। घर-घर जाकर बिजली का बिल चेक करना होता था, लेकिन अब उन्हें एक क्लिक से ही बकाएदारों की लोकेशन का पता चल जाएगा।

बिलिंग के समय ही हो जाएगी ऐड लोकेशन

बिजली विभाग के एक्सीएन सेकेंड मुकेश कुमार चौरसिया ने बताया कि बिजली विभाग ने बिलिंग का काम फ्लूएन ग्रिड कंपनी को दिया है, जो घर-घर जाकर बिलिंग करती है। इसी कंपनी के कर्मचारी जब उपभोक्ताओं के घर बिलिंग को जाएंगे तो उसी समय उनके मीटर में जीपीएस ट्रैकर सेट कर देंगे। इससे उपभोक्ताओं की लाइव लोकेशन गूगल मैप पर दिखने लगेगी। बिजली विभाग के अधिकारी अपने घर पर बैठकर ही यह पता कर सकते है कि किसके ऊपर कितना बिल बकाया है और उसका घर किस लोकेशन में है। जिसके बाद बिजली विभाग की टीम सीधा उसी बकाएदार के घर ही रेड कर सकेगी।

सबके घर नहीं होगी छापेमारी

अभी बकाएदारों को ढूढ़ने के लिए बिजली विभाग सभी उपभोक्ताओं के घर छापेमारी करते हैं। उपभोक्ताओं का डाटा गूगल मैप में फीड होने के बाद अब वह सीधे बकाएदार के घर पहुंच जाएंगे। इससे अन्य लोगों के घरों में छापेमारी नहीं करनी पड़ेगी और टाइम भी बचेगा। इससे अन्य लोगों को परेशानियों का सामना भी नहीं करना पड़ेगा।

बिलिंग स्टेटस का भी चल सकेगा पता

सीडीओ गौरव ने बताया कि गूगल मैप से बिजली विभाग अपने कंज्यूमर का स्टेटस भी पता कर सकेगा। इसके मुताबिक जो कंज्यूमर अपने मीटर की बिलिंग प्रॉपर कराएगा, उसे लाइव कंज्यूमर की श्रेणी में रखा जाएगा और जो कंज्यूमर बिलिंग नहीं कराएगा उसे डिफॉल्टर की कैटेगरी में रखा जाएगा। ऐसे कंज्यूमर पर बिजली विभाग की कार्रवाई करेगा।

कर्मचारियों को होगी आसानी

कंज्यूमर की लोकेशन लाइव होने के बाद सबसे ज्यादा आसानी बिजली विभाग के कर्मचारियों को होगी। इससे पहले जब कर्मचारी छापेमारी को जाते थे तो पता पूछने पर सभी बकाए अलर्ट हो जाते थे। यहां तक की कर्मचारियों के साथ मारपीट भी करते थे। अब गूगल मैप की मदद से कर्मचारी सीधे बकाएगदारों के घर पहुंचकर कार्रवाई कर सकेंगे।

सभी कंज्यूमर के मीटर में जीपीएस ट्रैकर लगाया जाएगा। जिससे गूगल मैप के जरिए उन्हें आसानी से ढूढ़ा जा सकेगा। इससे हमारी टीम बकाएदारों के घर आसानी से रेड कर सकेगी।

एसके सक्सेना, चीफ इंजीनियर, बिजली विभाग

inextlive from Bareilly News Desk


This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy  and  Cookie Policy.