शहीद की विदाई में गमगीन हुए लोग

2019-04-12T06:00:26+05:30

KAURIRAM: छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में नक्सली हमले में शहीद दंतेश्वर मौर्य का शव लेकर जिलाधिकारी के। विजेंद्र पांडियन तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सुनील गुप्ता दोपहर 1.40 बजे उनके पैतृक गांव माहोपार( कौड़ीराम) पहुंचे तो माहौल पूरी तरह गमगीन हो गया। इस दौरान भारत माता की जय, जब तक सूरज चांद रहेगा तब तक दंतेश्वर का नाम रहेगा के गगनभेदी नारों से माहौल गूंजायमान हो उठा। दंतेश्वर के शव वाले ताबूत को जिलाधिकारी गोरखपुर व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अपने कंधे पर उठाकर शहीद के दरवाजे तक ले गए। शहीद दंतेश्वर के शव को थाना अध्यक्ष गगहा राजू सिंह के निर्देशन में पुलिस के जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया। पैत्रिक गांव माहोपार मे आधे घंटे तक शहीद के सम्मान के बाद ताबूत को पुलिस वाहन में रखकर बडहलगंज के लिए विदा किया गया।

पैतृक आवास पर दी श्रद्धांजलि

गांव में पहुंचने से दो घंटे पूर्व एसडीएम बांसगांव अरुण कुमार मिश्र, सीओ बॉसगांव नितेश कुमार सिंह और तहसीलदार संजय कुमार अग्रहरि शहीद के पैतृक आवास पर पहुंच चुके थे। वहां शहीद दंतेश्वर मौर्य का चित्र रखा गया था जहां पहुंचने पर लोगों ने श्रद्धा सुमन अर्पित किया। शहीद की पत्‍‌नी मीनाक्षी कुशवाहा तथा माता कलावती देवी शहीद के एक मात्र सात वर्षीय पुत्र आग्रह के साथ बड़हलगंज से वहां आ गईं थी। पत्‍‌नी और माता के करुण क्रंदन से वहां उपस्थित हर किसी की आंखें नम थी। शहीद के आवास पर बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। महिलाएं शहीद की पत्‍‌नी को तथा मां को ढांडस बंधाती रहीं। वहीं शहीद की दोनों बहने सविता मौर्य तथा सुनीता चित्कार से माहौल और भी गमगीन हो गया।

मंगलवार को हुई थी अंतिम वार्ता

शहीद की पत्‍‌नी मीनाक्षी कुशवाहा प्राथमिक विद्यालय बड़हलगंज द्वितीय में अध्यापिका हैं। वे सिधुवापर में अपना आवास बनाकर रहती हैं। शहीद की पत्‍‌नी मीनाक्षी ने बताया कि मंगलवार को दोपहर दो बजे मेरे पति से अंतिम वार्ता हुई थी उन्होंने कहा कि अपनी दवा जाकर ले लेना। उन्होंने कहा कि 11 अप्रैल को यहां मतदान है 12 अप्रैल को चलुंगा और 15 अप्रैल को बहन के यहां जाना है और भांजी की शादी में शामिल होना है। पत्‍‌नी ने कहा कि मेरे बहादुर पति ने देश के लिए अपनी कुर्बानी दी है मैं भी पति के साथ सती हो जाती परंतु इस बच्चे का मुंह देख रही हूं। उन्होंने कहा कि बस यही इच्छा है कि मुख्यमंत्री योगी जी यहां आएं और कुछ ऐसा करें कि मेरे पति का नाम हमेशा के लिए अमर हो जाय। माता कलावती देवी ने रोते हुए कहा कि बेटा तो चला गया लेकिन देश के खातिर वो शहीद हुआ है इस बात का घमण्ड है।

पहुंचे राजनीतिक दलों के लोग

शहीद दन्तेश्वर मौर्य का शव गुरूवार को 1.30 बजे गांव माहोपार में पहुंचा तो बांसगांव सांसद कमलेश पासवान, विधायक विमलेश पासवान,भाजपा नेता उपेंद्र दत्त शुक्ल, दर्जा प्राप्त मंत्री डॉक्टर विभ्राट चन्द कौशिक, भाजपा जिलाध्यक्ष जनार्दन तिवारी, पूर्व जिलाध्यक्ष एवं पैक्सफेड के निदेशक मार्कण्डेय राय, भाजपा के वरिष्ठ नेता जिला सहकारी फेडरेशन के चेयरमैन गुलाब ध्वज उर्फ महन्थ सिंह, हियुवा जिला अध्यक्ष नरेन्द्र ध्वज सिंह, मनोज शुक्ला, लोक सभा संयोजक नित्यानंद मिश्र, सोमनाथ सिंह सोनू, बसपा के विद्या सागर उर्फ छोटू, जवाहर लाल मौर्य आदि श्रद्धांजलि देने पहुंचे। सांसद कमलेश पासवान, विधायक विमलेश पासवान, प्रदेश उपाध्यक्ष उपेंद्र दत्त शुक्ल तथा महन्थ सिंह ने कहा कि शहीद की शहादत व्यर्थ नही जायेगी। शहीद के परिवार को हर संम्भव मदद दी जायेगी।

शहीद के नाम पर रोड का नाम रखने की मांग

डीएम के विजेंद्र पांडियन तथा एसएसपी सुनील कुमार गुप्ता जब महोपार गांव से शहीद का शव लेकर बड़हलगंज के लिए चले तो गांव के बाहर ग्रामीणों ने काफिला रोक दिया। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को कौड़ीराम गजपुर रोड का नाम शहीद के नाम करने, गांव में डीह बाबा स्थान पर शहीद की मूर्तियां स्थापित करने,परिवार को पेट्रोल पंप देने, कौड़ीराम के गजपुर मोड़ पर शहीद के नाम का गेट स्थापित करने और एक मात्र पुत्र के पठन -पाठन का खर्चा सरकार द्वारा उठाने आदि से सम्बंधित आठ सूत्री मांग पत्र सौंपा गया। ग्रामीणों को डीएम ने इसके लिए आश्वासन भी दिया।

inextlive from Gorakhpur News Desk


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