100 नंबर से जुड़ सीनियर सिटीजन ले सकेंगे मदद

2018-12-26T06:00:15+05:30

-पीआरवी की जिम्मेदारी, डाउनलोड कराएंगे एप

-जाड़े के मौसम में खतरे की आशंका, अलर्ट

GORAKHPUR: घर में अकेले रहने वाले बुजुर्गो की आपातकाल में मदद के लिए सौ नंबर से जोड़ा जाएगा। मोबाइल एप के जरिए बुजुर्ग बटन दबाकर पुलिस की मदद ले सकेंगे। जाड़े के दिनों में बुजुर्गो की सुरक्षा के लिए पुलिस सिक्योरिटी एप लोड कराएगी। जिले में यूपी 100 के नोडल अफसर, एसपी आदित्य प्रकाश वर्मा ने बताया कि यह एक ऐसा फीचर हैं जिसमें एक बटन दबाते ही पुलिस के पास सूचना पहुंच जाएगी। डॉयल 100 को इसके लिए तैयार किया जा चुका है।

अलर्ट मोड में आई पुलिस

घर में अकेले रहने वाले बुजुर्गो की सुरक्षा के लिए डीजीपी हेडक्वार्टर से एडवाजयरी जारी की गई थी। इसमें कहा गया था कि ऐसे बुजुर्ग जो घर में अकेले रह रहे हैं। उनकी सुरक्षा का ख्याल पुलिस रखेगी। कुछ दिनों तक अभियान चलाने के बाद पुलिस सुस्त पड़ गई। ठंड बढ़ने पर होने पर घटनाओं को देखते हुए पुलिस को बुजुर्गो की सुधि आई है। इसलिए दोबारा पुलिस इस योजना पर काम शुरू करने जा रही है। इसलिए पुलिस बुजुर्ग व्यक्तियों के मोबाइल एप में सिक्योरिटी फीचर डाउनलोड करेगी। इस फीचर से जुड़ने के बाद बुजुर्ग व्यक्तियों के बटन दबाने पर तत्काल मौके पर पुलिस पहुंच जाएगी। किसी बुजुर्ग पर हमला होने, उसके बीमार होने या अन्य किसी मुसीबत में मदद लेने में सहूलियत होगी।

रजिस्टर में दर्ज करना था नाम-पता, तब भूल गई पुलिस

पुलिस उन लोगों का ख्याल रखेगी, जो जिनके बच्चे नौकरी या अन्य किसी कारोबार के सिलसिले में बाहर रहते हैं। कोई किसी दूसरे प्रदेश तो कोई विदेश में रहकर कमा रहा है। उनकी सुरक्षा को लेकर बच्चे भी टेंशन में रहते हैं। लेकिन वह कोई कदम नहीं उठा पाते। इस समस्या को देखते हुए यूपी पुलिस ने योजना तैयार की थी। करीब तीन माह पूर्व जारी एडवायजरी में कहा गया था कि अकेले रह रहे बुजुर्गो का सर्वे कराकर थानेदार रजिस्टर में सूचना दर्ज रखें जिससे सबका ख्याल रखा जा सके। लेकिन पुलिस ने इस पर गंभीरता से अमल नहीं किया। अब कहीं जाकर पुलिस की नींद खुली है।

यह सौंपी गई थी जिम्मेदारी

पुलिस गश्त करके अपने क्षेत्र के अकेले रहने वाले बुजुर्गो को चिह्नित करेगी।

रजिस्टर में सभी बुजुर्ग व्यक्तियों का नाम-पता और मोबाइल नंबर दर्ज किया जाएगा।

हल्का दरोगा और सिपाही अपने क्षेत्र में रहने वाले बुजुर्ग से मिलकर हालचाल पूछेंगे।

इस दौरान यह जानने की कोशिश करेंगे कि कोई उनको परेशान तो नहीं कर रहा है।

सीओ और एसओ फोन करके रजिस्टर पर दर्ज पर सूचनाओं की पुष्टि करेंगे।

ऐसे काम करेगा डॉयल यूपी 100

पुलिस के 100 में नया सिक्योरिटी एप जुड़ चुका है।

सभी सीनियर सिटीजन के मोबाइल में पुलिस एप डाउनलोड करेगी।

बुजुर्गो को बताया जाएगा कि जरूरत पड़ने पर वह कैसे मदद ले सकते हैं।

मोबाइल एप में बटन दबाते ही सूचना पुलिस के पास पहुंच जाएगी।

चंद मिनटों में मौके पर पहुंचकर पुलिस बुजुर्गो की मदद सकेगी।

पूर्व में हो चुकी हैं वारदातें

शहर के भीतर अकेले रहने वाले बुजुर्ग व्यक्तियों के साथ कई बार वारदातें को चुकी हैं। 2003 में कैंट एरिया में बुजुर्ग दंपति का मर्डर हुआ था। 2004-05 में सूरजकुंड मोहल्ले में एक बुजुर्ग दंपति की हत्या हुई थी। 2015 में कैंट एरिया में अकेली रहने वाली बुजुर्ग महिला शांति देवी का मर्डर करके बदमाश फरार हो गए थे। इस मामले में कातिल तक पुलिस नहीं पहुंच सकी।

बुजुर्ग व्यक्तियों की सुरक्षा को लेकर पुलिस गंभीर है। यूपी 100 की मदद से सीनियर सिटीजन के मोबाइल फोन में सिक्योरिटी एप डाउनलोड कराया जाएगा। थानावार बुजुर्ग व्यक्तियों रिकार्ड लेकर कार्रवाई की जाएगी।

आदित्य प्रकाश वर्मा, नोडल अफसर यूपी 100 गोरखपुर

inextlive from Gorakhpur News Desk


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