तमाम कवायदों पर भी ट्रैफिक फेल पब्लिक रही झेल

2019-05-01T06:00:11+05:30

- चौराहों पर यातायात व्यवस्था संभालने में नाकाम हई पुलिस

- कई साल से लगातार हो रहे प्रयोग, फिर भी नहीं बदली व्यवस्था

GORAKHPUR: शहर के भीतर ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार की तमाम कवायदों के बावजूद जाम से निजात नहीं मिल पा रही है। शहर के विभिन्न चौराहों पर पब्लिक को जाम का झाल झेलना पड़ रहा है। हाल के दिनों में मोहद्दीपुर चौराहे पर वन-वे व्यवस्था करके एसपी ट्रैफिक ने व्यवस्था में सुधार की कोशिश की है। लेकिन व्यवहारिक रूप से यह प्रयोग सफल नहीं हो पा रहा है। इसलिए सोशल मीडिया पर अभियान चलाकर एसपी ने पब्लिक का सुझाव मांगा है। एसपी ट्रैफिक का कहना है कि ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार के लिए नए-नए प्रयोग किए जा रहे हैं।

चौराहा वन-वे होने से हलकान हो रहे बाहरी लोग

मोहद्दीपुर चौराहा शहर का सबसे प्रमुख चौराहा है। हाइवे पर होने की वजह से यहां से लोग शहर की तरफ भी आते हैं। मेडिकल कॉलेज और पादरी बाजार जाने वाले चौराहे से मुड़ जाते हैं। सड़क चौड़ीकरण में चौराहे के आसपास का अतिक्रमण हटाया गया जिससे चौराहा काफी चौड़ा हो गया। इसके बाद यहां पर ट्रैफिक संचालन के लिए नए सिग्नल लगाए गए। पुलिस कर्मचारियों की तैनाती करके ट्रैफिक चलाया जा रहा था। लेकिन चौराहे से काफी दूर तक ट्रैफिक रोकने पर जाम लग जा रहा था। इसको देखते हुए एसपी ट्रैफिक ने चौराहे को वन-वे कर दिया। इससे देवरिया-कुशीनगर की तरफ से आने वाले लोगों को मोहद्दीपुर से पैडलेगंज, छात्रसंघ चौराहा होकर आना पड़ रहा है। इसमें सबसे ज्यादा प्रॉब्लम मेडिकल कॉलेज की तरफ जाने वाले वाहनों को हो रही है। बाहर से आने वाले लोग जानकारी के अभाव में चौराहे पर मुड़ जा रहे जिससे जाम लग रहा। मुड़ने वालों को रोकने के लिए चक्कर में पुलिस कर्मचारियों से कहासुनी भी हो रही है।

क्या है मोहद्दीपुर चौराहे पर प्रॉब्लम

- देवरिया-कुशीनगर से आने वाले लोगों को मेडिकल कॉलेज की तरफ जाने में प्रॉब्लम हो रही है।

- रेल म्यूजियम, रेलवे स्टेशन की तरफ जाने वाले वाहनों को पैडलेगंज की तरफ से आना पड़ रहा है।

- पैडलेगंज जाने के बजाय लोग व्ही पार्क से सटे रोड से मुड़ जा रहे हैं। इससे दो जगह पर जाम लग रहा है।

- चौराहे पर वन-वे होने से लोगों को दो किलोमीटर से अधिक की दूरी तय करनी पड़ रही है। कट पर मुड़ने पर जाम लग रहा।

- पैडलेगंज और छात्रसंघ चौराहे पर पहले से ट्रैफिक दबाव है। मोहद्दीपुर का प्रेशर बढ़ने से वहां की प्रॉब्लम जस्ट डबल हो गई है।

- रेल म्यूजियम से मुड़कर रेलवे स्टेशन जाने वालों को बेवजह का चक्कर काटना पड़ रहा है। यूनिवर्सिटी चौराहे तक पहुंचने में चार गुना प्रॉब्लम उठानी पड़ रही।

यह हो सकता है समस्या का समाधान

चौराहे पर वन-वे हटाकर पहले की तरह ट्रैफिक संचालन कराया जाए। एक तरफ रोककर दूसरी तरह से वाहन चलते थे।

चौराहे पर 50 मीटर के दायरे में खड़े होने वाले वाहनों पर सख्ती बरती जाए। उनको वहां खड़ा करने के बजाय दूर खड़ा कराया जाए।

चौराहे पर बने नए होटल के बाहर भी वाहन खड़े होते हैं। होटल से संबंधित वाहनों को उनकी पार्किंग में खड़ा कराने के लिए सख्ती की जाए।

चौराहे पर ट्रैफिक पुलिस कर्मचारी, मार्शल लगाकर चारों तरफ का आवागमन सुलभ कराया जाए। चहुंओर जेब्रा क्रॉसिंग भी बनाए जाएं।

मोहद्दीपुर पुलिस चौकी से लेकर चौराहे तक सड़क के दोनों ओर पटरियों को पूरी तरह से खाली कराया जाए। शॉपिंग मॉल के वाहनों को बेसमेंट में बने पार्किंग में खड़ा कराया जाए।

बॉक्स

सुधार की कोशिशें नहीं चढ़तीं परवान, फ्लॉप हो जाता प्लान

शहर में ट्रैफिक व्यवस्था सुधार के लिए तमाम कोशिशें होती हैं। लेकिन ट्रैफिक पुलिस, नगर निगम, पीडब्ल्यूडी और बिजली विभाग के बीच बेहतर तालमेल और एक साथ एक्शन न होने की वजह से व्यवस्था बहाल नहीं हो पाती। कुछ दिनों के बाद हालत जस की तस हो जाती है। पांच साल के भीतर शहर में एक दर्जन से अधिक प्लान बनाए गए है। चौराहों के संकरे होने और अतिक्रमण की जद में होने का हवाला देकर मामला टाल दिया जाता था। लेकिन सड़कों के निर्माण से चौराहे ज्यादा बड़े नजर आने लगे हैं। फिर भी हालात जस के तस हैं। इसके लिए ट्रैफिक पुलिस के लोग पब्लिक को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पब्लिक में ट्रैफिक सेंस नहीं है इसलिए यह नौबत आ रही।

इस तरह से व्यवस्था बदलने की हुई कोशिशें

- प्रमुख चौराहों पर ट्रैफिक सिग्नल लगवाए गए। जेब्रा क्रॉसिंग बनवाया गया जिससे जाम से निजात मिले।

- चौराहों को चौड़ा कराया गया। बिजली-टेलीफोन के खंभे हटाने के साथ-साथ सभी चौराहे अतिक्रमण मुक्त हुए।

- चौराहों पर ट्रैफिक पुलिस कर्मचारियों की तादाद बढ़ाई गई। जगह-जगह बैरियर लगाकर ट्रैफिक संचालन कराया गया।

- शहर के प्रमुख और भीड़भाड़ वाले बाजारों में वन-वे ट्रैफिक किया गया। आवागमन के लिए अलग-अलग रास्ते बनाए गए।

- शहर के गोलघर, बैंक रोड, मोहद्दीपुर, रेलवे स्टेशन, असुरन चौक, गोरखनाथ, पादरी बाजार सहित कई जगहों पर अतिक्रमण हटाया गया।

- चौराहों पर ऑटो-टेंपो खड़े होने पर पूरी तरह से रोक लगाई गई। इसके लिए तय हुआ कि कम से कम 50 मीटर की दूरी पर वाहन खड़े होंगे।

- शहर के पॉश और घनी आबादी वाली जगहों पर दिन में भारी वाहनों के आवागमन, वाहनों के खड़ा करने पर रोक लगाई गई।

- जाम से निपटने के लिए नौसढ़ में भारी वाहनों का स्टॉपेज बनाया गया। प्राइवेट बसों को बस अड्डों से हटाकर दूसरी जगह पर खड़ा करने की व्यवस्था बनी।

- विभिन्न चौराहों और रूट पर प्लास्टिक के तिकोने बैरियर लगाए गए। लोहे वाले मोबाइल बैरियर लगाकर आवागमन में बदलाव किया गया।

- ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने के मामले में लगातार चालान की कार्रवाई, शमन शुल्क भी वसूला जा रहा है।

वर्जन

मोहद्दीपुर चौराहे पर एक प्रयोग किया गया है। यह प्रयोग कितना सार्थक हो रहा है इस पर नजर रखी जा रही है। सोशल मीडिया के जरिए लोगों का फीडबैक लिया जा रहा है। ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार के अन्य कार्य भी चल रहे हैं। पब्लिक के सहयोग से ही कोई बदलाव संभव है। यदि लोगों ने सहयोग किया तो इसका फायदा उनको ही मिलेगा।

- आदित्य प्रकाश वर्मा, एसपी ट्रैफिक

inextlive from Gorakhpur News Desk


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