नो ट्रिपिंग जोन में फाल्ट की समस्या से जूझ रही पब्लिक

2018-09-10T12:07:27+05:30

- सिटी में भरपूर बिजली आपूर्ति का दावा फुस्स

- 15 अगस्त से महानगर को नो ट्रिपिंग जोन किया था घोषित

- सिस्टम सुधार के नाम पर रोजाना चार से पांच फीडर क्षेत्रों में कटौती

GORAKHPUR: पावर कारपोरेशन ने 15 अगस्त से सिटी को फाल्ट मुक्त निर्वाध बिजली आपूर्ति देने का दावा किया। इसके लिए महानगर को नो ट्रिपिंग जोन भी घोषित किया। बावजूद इसके 12 लाख आबादी भरपुर बिजली को तरस रही है। कहीं फाल्ट तो कहीं रात में लो- वोल्टेज की समस्या शहरवासियों की परेशानी बढ़ा रही है। सिस्टम सुधार के नाम पर रोजाना चार से पांच फीडर क्षेत्रों में चार से पांच घंटे तक कटौती हो रही है। भीषण गर्मी व उमस के बीच दिन में बिजली गुल होने से सिटी के लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

नहीं हो सका चालू ऑन लाइन निगरानी सिस्टम

दरअसल पावर कारपोरेशन के चेयरमैन ने जोन के मुख्य अभियंता व नगरीय एसई की रिपोर्ट पर महानगर को 15 अगस्त को नो ट्रिपिंग जोन घोषित कर दिया। जबकि तैयारी आधी- अधूरी ही हो सकी थी। कुछ दिनों पहले उपकेंद्रों पर लगे पैनल व ब्रेकर पर सवाल उठे। इस पर महानगर विद्युत वितरण निगम के अफसरों ने अत्याधुनिक सिस्टम से लैस करने की बात कही। बावजूद इसके लोगों को फाल्ट व लो वोल्टेट की समस्या से निजात नहीं मिल सका। अब दावे पर दावे करने वाले अफसर अपनी बात से कतरा रहे हैं। उपकेंद्रों के पैनल व ब्रेकर पर डीएलएमएस मीटर व मॉडल लगाया गया। ताकि पावर कारपोरेशन मुख्यालय शक्तिभवन स्थित कंट्रोल रुम में बैठे अफसर महानगर में हो रही बिजली कटौती की जानकारी कर सके। सूत्र बताते हैं कि उपकेंद्रों के जिम्मेदारों ने अबतक ऑनलाइन निगरानी सिस्टम को चालू नहीं होने दिया। अब हर दिन कारपोरेशन को बिजली खपत की सूचना मोबाइल से देते हैं। उसमें शहर के सभी उपकेंद्रों पर 24 घंटे बिजली आपूर्ति दिखाते हैं।

25 दिन में कट गई 150 घंटे बिजली

महानगर के 15 अगस्त को नो ट्रिपिंग जोन घोषित किया गया। 25 दिन के सफर में सिस्टम सुधार व फाल्ट सिटी के लोगों के हिस्से की करीब 150 घंटे बिजली चट कर गया। 17 अगस्त से सिस्टम सुधार के नाम पर शुरु हुआ बिजली कटौती का सिलसिला अभी भी जारी है। उपकेंद्रों के लागबुक के आंकड़े बताते हैं कि फाल्ट के कारण ही शहर के विभिन्न मोहल्लों में करीब 75 घंटे बिजली गुल रहीं। लो- वोल्टेज की समस्या का कहीं कोई लिखित रिकार्ड दर्ज नहीं है। सिस्टम सुधार के नाम पर रोजाना चार से पांच फीडर क्षेत्र में तीन से पांच घंटे बिजली गुल रहीं। इसमें ट्रांसमिशन लाइन का फाल्ट के कारण गुल बिजली का आंकड़ा शामिल है।

सार्वाधिक फाल्ट वाले उपकेंद्र क्षेत्र

खोराबार, लालडिग्गी, नॉर्मल, सूरजकुंड, शाहपुर, तारामंडल, सर्किट हाउस, रानीबाग, विकासनगर, राजेंद्र नगर, विश्वविद्यालय, टाउनहाल व मोहद्दीपुर, उपकेंद्र क्षेत्र में सर्वाधिक फाल्ट की समस्या आती है। इन उपकेंद्रों से जुड़े मोहल्लों में आए दिन तार टूटने जंफर कटने व लो वोल्टेज की समस्या खड़ी हो जाती है। रात में फाल्ट होने पर उपभोक्ताओं को पूरी रात अंधेरे में काटनी पड़ती है।

कोट

नो ट्रिपिंग जोन वाले महानगर में फाल्ट ही फाल्ट हो रहे है। 25 दिनों के सफर में किसी भी दिन लगातार 24 घंटे बिजली नहीं मिली।

अविनाश गुप्ता, प्रोफेशनल

वर्जन-

सीएम सिटी को नो ट्रिपिंग जोन में शामिल किया गया है। अभी बहुत से काम कराए जाने है। कुछ इमरजेंसी कार्य व कुछ लाग टर्म कार्य कराए जाने की आवश्यकता का प्रस्ताव बनाकर कारपोरेशन को भेजा गया है। उसपर बजट आवंटित होने की उम्मीद है। यह कार्य होने के बाद महानगर में फाल्ट की समस्या खत्म हो जाएगी। शहरवासियों को भरपूर बिजली मिलेगी।

ई.एम के अग्रवाल, मुख्य अभियंता गोरखपुर जोन

inextlive from Gorakhpur News Desk


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