गवर्नर बोले उच्च शिक्षा के एजेंडे में छात्रहित सर्वोपरि

2019-06-14T06:00:25+05:30

-सुशील मोदी बोले, 2020 जून से पहले विश्वविद्यालय सेवा आयोग के जरिए होगी आठ हजार टीचर्स की बहाली

PATNA: राज्यपाल लालजी टंडन ने कहा है कि उच्च शिक्षा के विकास में हमारा सर्वोच्च लक्ष्य हमारे छात्र हैं। कुलपति, शिक्षक, सरकार, राजभवन, सभी छात्रों के भविष्य सुधार के लिए ही प्रयासरत हैं। वह राजभवन में गुरुवार को कुलपतियों की बैठक को संबोधित कर रहे थे। राज्यपाल ने कहा कि नए भारत का निर्माण हो रहा है। बिहार की उच्च शिक्षा में हो रहे सुधार को पूरे देश में गंभीरता से देखा, परखा और स्वीकारा जा रहा है। जरूरत इस बात कि है सभी कुलपति नवनिर्माण की इस प्रक्रिया में खुद भी यशस्वी बनकर उभरें और बिहार के समग्र विकास का मार्ग प्रशस्त करें। परीक्षा कैलेंडर का अनुपालन हर हालत में सुनिश्चित कराया जाना चाहिए।

हॉस्टल में न हो अवैध कब्जा

राज्यपाल ने कहा कि दिग्भ्रमित होकर कई सम्बद्धताविहीन महाविद्यालयों में नामांकन ले चुके छात्रों के भविष्य को बचाने के लिए हमने क्रांतिकारी निर्णय लिया है। इसके फलस्वरूप बड़ी संख्या में छात्रों का भविष्य सुरक्षित हो चुका है। ऐसे विद्यार्थियों का निकटवर्ती अंगीभूत या सम्बद्ध कालेजों में नामांकन कराने की व्यवस्था की जा रही है। ऐसे छात्रों के अध्ययन के लिए संबंधित महाविद्यालयों में अतिरिक्त पालियों में अध्यापन कार्य किए जाने के निर्देश दिए गए है। राज्यपाल ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन, गृह विभाग और जिला प्रशासन यह सुनिश्चित करेगा कि छात्रावासों में अवैध कब्जा नहीं रहे, परीक्षाएं शांतिपूर्ण एवं कदाचारमुक्त हों। विश्वविद्यालयों की परिसम्पत्तियां सुरक्षित रहें। यह भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि सभी शिक्षकों एवं शिक्षकेतर कर्मियों को समय पर वेतन मिले। उन्होंने कहा कि नैक प्रत्ययन हर हालत में सभी महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों को सुनिश्चित करना होगा। क्लीन कैंपस, ग्रीन कैंपस कार्यक्रम के तहत इस बरसात में वन महोत्सव सभी विश्वविद्यालयों में एकसाथ आयोजित किया जाएगा।

क्लास में बढ़ाएं उपस्थिति

डिप्टी सीएम सुशील मोदी ने कक्षाओं में छात्रों की उपस्थिति बढ़ाने के लिए हर संभव कदम उठाने का आग्रह करते हुए कहा कि शिक्षा के अनुकूल वातावरण बहाल कराने के लिए प्रति राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि करीब 3500 शिक्षकों की बीपीएससी से बहाली हो चुकी है। लगभग 8000 सहायक प्राध्यापकों की नियुक्ति विश्वविद्यालय राज्य सेवा आयोग के जरिए जून 2020 के पूर्व पूरी कर ली जाएगी। उन्होंने विश्वविद्यालयों में इंजीनिय¨रग विंग को मजबूत करने और आइटी आफिसरों की नियुक्ति करने जैसे कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए। बैठक को शिक्षा मंत्री कृष्णनंदन वर्मा, गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव आमिर सुबहानी, राज्यपाल के प्रधान सचिव आरके महाजन, राज्यपाल के परामर्शी(उच्च शिक्षा) प्रो। आरसी सोबती, वित्त विभाग के सचिव राहुल सिंह ने भी अपनी बातें रखीं।

inextlive from Patna News Desk


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