तस्करों को रोकने में जीआरपी नाकाम

2015-08-02T07:00:21+05:30

- बिहार की तरफ से आने वाली ट्रेनों से होता गांजा और विदेशी सुपारी की सप्लाई

- गाड़ी स्टेशन पर पहुंचने से पहले ही चारफाटक ओवर ब्रिज पर ही करते हैं चेन पुलिंग

GORAKHPUR:

नेपाल, बिहार की सरहद के पास तस्करों ने अपना जाल फैला रखा है। चाहे वह नोट तस्करी का मामला हो या फिर होश उड़ा देने वाले चरस, गांजा और अफीम का। नेपाल से इन आइटम्स को बिहार और गोरखपुर से दूसरी जगह पहुंचाने के लिए शातिरों ने ट्रेन को अपना सहारा बनाया है। इन दिनों बिहार की तरफ से आने वाली ज्यादातर ट्रेनों में इनके सप्लायर्स एक्टिव हैं। गोरखपुर रेलवे पुलिस की इन्हें पकड़ने के लिए लगातार जाल बिछा रही है, लेकिन अब तक वह गैंग को बेनकाब करने में नाकाम साबित हुए हैं।

चारफाटक को बना रखा है अड्डा

नशीले सामानों की तस्करी का सिलसिला यूं तो काफी दिनों से चल रहा है, लेकिन इन दिनों जहरखुरानी की घटना और तस्करी की सूचनाओं के मद्देनजर जीआरपी एक्टिव हो गई है। जीआरपी से जुड़े सोर्सेज की मानें तो इन दिनों शातिरों ने चारफाटक ओवरब्रिज को अपनी तस्करी का अड्डा बना रखा है। बिहार की तरफ से आने वाली ट्रेंस को चारफाटक ओवरब्रिज के नीचे चेन पुलिंग कर देते हैं। उसके बाद माल उतारने के बाद उसे रवाना किया जाता है। ट्रेन ड्राइवर्स और गार्ड इस मामले की आरपीएफ में शिकायत भी कर चुके हैं।

बिहार से आने वाली ट्रेंस से करते है तस्करी

जीआरपी से जुड़े सोर्सेज की मानें तो बिहार की तरफ से आने वाली कई ट्रेंस में यह शातिर एक्टिव हैं। इसमें सबसे ज्यादा सत्याग्रह एक्सप्रेस, शहीद एक्सप्रेस, जनसाधारण एक्सप्रेस और जननायक एक्सप्रेस आदि ट्रेंस से यह शातिर गांजा और विदेशी सुपारी के दर्जनों बंडल की तस्करी कर रहे हैं। इस सूचना के बाद से जीआरपी पूरी तरह से मुस्तैद हो गई है। इस नेक्सस में शामिल मेंबर्स को बेनकाब करने के लिए जीआरपी ने स्पेशल टीम भी बनाई गई है, जो इनकी धरपकड़ के लिए जी जान से जुटी हुई है। इस नेक्सस को बेनकाब करने के लिए जीआरपी ने लगातार दबिश भी देना शुरू कर दिया है। उनका दावा है कि वह जल्द इस नेक्सस का खुलासा करेगी।

केस वन

सत्याग्रह एक्सप्रेस से 25 जुलाई की शाम 4 बजे चारफाटक ओवर ब्रिज के पास चेन पुलिंग की गई। स्लीपर कोच से कम से कम से 5-6 बंडल गांजा और विदेशी सुपारी उतारी। उसके बाद ट्रेन रवाना हुई। गार्ड ने इसकी सूचना रेलवे एडमिनिस्ट्रेशन को दी थी।

केस टू

24 जुलाई को शहीद एक्सप्रेस के जनरल बोगी में लोडेड गांजा उतारा जा रहा था। गार्ड ने इसकी सूचना आरपीएफ कंट्रोल को दी। इस मामले की जांच करने मौके पर आरपीएफ भी पहुंची, लेकिन जांच-पड़ताल के बाद भी मौके से कोई पकड़ा नहीं जा सका।

बिहार की तरफ से आने वाली ट्रेनों में विशेष नजर रखी जा रही है। चारफाटक ओवर ब्रिज पर रुकने वाली गाडि़यों पर नजर रखने के लिए टीम बनाई गई है। ताकि इस खेल में शामिल गैंग के सदस्यों को पकड़ा जा सके।

गिरजा शंकर त्रिपाठी, प्रभारी जीआरपी, गोरखपुर जंक्शन

inextlive from Gorakhpur News Desk


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