हनुमान जयंती पर अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए करें दीप दान जानें विधि और महत्व

2019-04-18T01:28:15+05:30

मंगलवार के दिन आंगन साफ करके दीपदान करके शुभत्व की प्राप्ति होती है। हनुमान जी के लिए दीपदान बत्ती लाल सूत वाली होनी चाहिए। पूजा में भी लाल वस्त्र व लाल पुष्प ही होने चाहिए।

इस वर्ष हनुमान जयंती 19 अप्रैल को है। इस दिन राम भक्त हनुमान की पूजा करने का विधान है। हनुमान जी के लिए दीप-दान अतिप्रिय है। हनुमानजी के दीप-दान में देव प्रतिमा के आगे, प्रमोद के अवसर पर, ग्रहों के निमित्त, ग्रहों में और चैराहों पर इन छः स्थलों में दीप जलाना चाहिए।

1. स्फटिक शिवलिंग के समीप शालीग्राम शिला के निकट हनुमान जी के लिए किया हुआ दीप-दान भोग और लक्ष्मी प्राप्ति हेतु कहा गया है।

2. विघ्न एवं संकटों का नाश करने के लिए गणेश जी के निकट हनुमान जी के लिए दीपदान करें, व्याधि नाश तथा दुष्ट ग्रहों की दृष्टि से रक्षा के लिए चैराहों पर दीप-दान करना चाहिए।

3. बन्धन से छूटने के लिए राजद्वार अथवा कारागार के समीप दीप-दान करना चाहिए। सम्पूर्ण कार्य की सिद्धि के लिए पीपल और वट वृक्ष के नीचे दीप-दान करने का विधान है।

4. भय निवारण और विवाद की शान्ति के लिए, ग्रह संकट एवं ज्वर उतारने आदि के लिए राजद्वार पर हनुमान जी के लिए दीप-दान अवश्य करना चाह

हनुमान जयंती पर दीपदान का महत्व


1. शास्त्रों के अनुसार, किसी भिक्षुक को तिल का तेल दिया जाए तो लक्ष्मी जी प्रसन्न रहती हैं।

2. सरसों के तेल के दान से रोगों का शमन होता है।

3. पुष्प सुगन्ध से युक्त तेल के दान से सभी इच्छाएं पूर्ण होती हैं। 

4. कन्या प्राप्ति के लिए लौंग, कपूर, इलायची का दीपक शुभ माना जाता है।

5. हनुमान जी को दीप-दान उड़द, गेहूं, मूंग और तिल से बने आटे का दीप ही दान करना चाहिए। ऐसे में सभी मनोरथ पूर्ण होते हैं।

6. मंगलवार के दिन आंगन साफ करके दीप-दान करके शुभत्व की प्राप्ति होती है। हनुमान जी के लिए दीप-दान बत्ती लाल सूत वाली होनी चाहिए। पूजा में भी लाल वस्त्र व लाल पुष्प ही होने चाहिए।

7. स्फटिक शिवलिंग से युक्त शिवलिंग के निकट शालीग्राम के निकट हनुमान जी के निमित्त दीप-दान करने से ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है।

8. विघ्न दूर करने के लिए हनुमान जी के निमित्त गणेश जी के निकट दीप-दान करना चाहिए।

9. विष व्याधि के शमन हेतु हनुमत विग्रह के समीप दीप-दान करना चाहिए।

10. क्रूर ग्रहों के अनिष्ट निवारण के लिए चैराहे पर दीप-दान करना चाहिए।

11. खोए हुए धन की प्राप्ति के लिए गाय के गोबर का दिया बनाकर दीप-दान कर चाहिए।

12. विदेश गए व्यक्ति के बुलाने हेतु, बच्चे की रक्षा, चोर आदि के भयनाश हेतु भी गाय के गोबर का दीप-दान करना चाहिए।

13. नित्य विधि विधान से हनुमान जी को दीप-दान करने वाले प्राणी को तीनों लोकों में स्वर्ग की प्राप्ति होती है।

— ज्योतिषाचार्य पं. राजीव शर्मा

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