मेहनत मैटर करती है फेल या पास नहीं

2019-03-11T06:01:12+05:30

लाइफ में बड़ा बनना है तो किताबें पढ़े और अपने बच्चों को भी उसकी आदत डालें

लाइफ में बड़ा बनना है तो किताबें पढ़े और अपने बच्चों को भी उसकी आदत डालें

बच्चे को एक अच्छा इंसान स्कूल नहीं उसका घर उसका परिवेश बनाता है

MEERUT। कंकरखेड़ा स्थित अशोका एकेडमी स्कूल में रविवार को प्रबंधक केडी शर्मा और प्रिंसिपल नीलम गेरा व वाइस प्रिसिंपल संदीप मुद्गल की अध्यक्षता में इफेक्टिव पेरेंटिंग पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसमें लाइफ कोच मोटिवेटर नरेश कुमार ने मौजूद अभिभावकों को बताया कि कैसे थोड़ी सी कोशिश से आप अच्छे मां- बाप बन सकते हैं।

रीडिंग की आदत डालें

मोटिवेटर नरेश कुमार ने कहा कि आजकल के माहौल में क्राइम तेजी से बढ़ रहा है तो मैं आपको चौंकाने वाली एक बात शेयर करता हूं। शायद दो लाइन से आप बहुत कुछ सीख जाएं। उन्होंने कहा कि क्रिमिनल्स पर आई एक सर्वे रिपोर्ट बताती है कि ज्यादातर क्रिमिनल्स का मैथ कमजोर होता है और रीडिंग हैबिट जीरो। इसलिए बच्चों को रीडिंग की आदत डालें। इसके लिए ऑनलाइन किताबें बच्चों की मदद करके उनसे ऑर्डर करवाएं। साथ ही मैथ को दो दूनी चार वाले स्टाइल से न पढ़ाकर कहानी और लॉजिक से जोड़ें। उन्होंने कहा कि सभी ने अक्सर देखा होगा कि बड़े लोगों के घरों में एक बड़ी लाइब्रेरी होती है। इसका मतलब है कि लाइफ में बड़ा बनना है तो किताबें पढ़े और अपने बच्चों को भी उसकी आदत डालें।

बच्चों से कहें कि उठो आगे बढ़ो

उन्होंने बताया कि अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति ओबामा जब भी युवाओं और बच्चों से मिलते तो कहते थे कि भारत और चाइना हमसे आगे निकल रहे हैं तो उठो और आगे बढ़ो। यही बात सुबह के वक्त बच्चों से हमेशा कहें कि उठो और आगे बढ़ो। आप जानते है कि अमेरिका एक सुपर पावर है।

हाइपर एक्टिव बच्चों को दें दिशा

उन्होंने बताया कि जो बच्चे हाइपर एक्टिव यानी हर काम पूरी एनर्जी सोर्स के साथ काम करते हैं, उनकी एनर्जी को ऐसी ही वेस्ट न होने दें बल्कि एनर्जी को पॉजिटीव वे में एकाग्र करने की कोशिश करें।

पीटीएम शिकायत न करें

उन्होंने बताया कि अक्सर हम और बच्चे के टीचर्स पेरेंट्स टीचर्स मीटिंग में बच्चें की कमियों पर बात करते हैं। इस रवैये को बदलना होगा। उसकी खूबियों पर बात करें तो आप देखेंगे कि कैसे आपके साधारण से बदलाव से बच्चे में असाधरण बदलाव होते हैं।

बच्चें में शेयरिंग का आदत डालें

मोटिवेटर नरेश कुमार ने कहा कि बच्चे में बचपन से ही शेयरिंग आदत डालें। दो भाई- बहन हैं तो रात में उन्हें एक- दूसरे के जूते पॉलिश करने को कहें इससे उन्हें जिम्मेदारी का एहसास होने के साथ ही टीम वर्क करना भी आएगा.

रात को कहानी जरूर सुनाएं

उन्होंने कहा कि हम सभी की लाइफ में कहानियों का बड़ा रोल होता था लेकिन आज के वक्त में दादा- दादी और नाना- नानी की कहानियां खत्म हो गई हैं। इसलिए रात को सोने से पहले बच्चे को एक शिक्षाप्रद कहानी गढ़ कर सुनाएं या पढ़कर सुनाएं। इससे जो बदलाव होंगे वो यादगार होंगे। साथ ही बच्चे को चैरिटी करना सीखाएं ताकि जरूरत पड़ने पर वो आपकी और दूसरों की मदद कर सके।

वो सब सीखाएं जो आपको आता है

उन्होंने बताया कि बच्चे को एक अच्छा इंसान स्कूल नहीं उसका घर उसका परिवेश बनाता है। इसलिए आप अपने बच्चे को जैसा बनाना चाहते हैं ठीक वैसे ही बनने की आदत डालें क्योंकि 8 से 10 तक आप ही बच्चे के रोल मॉडल होते हैं। साथ ही बच्चे की मेहनत और उसके प्रयास को सराहें न कि उसके कम नंबर, फेल होने या पास होने पर उसे कोसें। दरअसल, घड़ी की सुईं हर पल काटा बदलती है इसलिए अगली बार नंबर भी बदल जाएंगे.

inextlive from Meerut News Desk


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