आरक्षण की मांग में हिंसा पड़ी महंगी कोर्ट ने हार्दिक पटेल संग तीन लोगों को दो साल की जेल की सजा सुनाई

2018-07-25T03:30:28+05:30

गुजरात की एक कोर्ट ने पटेल आरक्षण आंदोलन के नेता हार्दिक पटेल समेत तीन लोगों को 2015 में मेहसाणा जिले में हुए दंगों में दोषी करार दिया है। इस दौरान अदालत ने इन सबको दो साल की जेल की सजा सुनार्इ है।

अहमदाबाद (आईएएनएस)। गुजरात की एक अदालत ने मेहसाणा जिले में साल 2015 में हुए दंगों को लेकर एक बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने तीन साल पहले बीजेपी विधायक के कार्यालय को बर्बाद करने के आरोपी पाटीदार आंदोलन के प्रमुख हार्दिक पटेल और उनके दो सहयोगियों को दो साल की जेल की सजा सुनाई है।

विधायक रशीकेश पटेल के कार्यालय को बर्बाद कर दिया था

पटेल ने साल सरकारी नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में पाटीदार युवाआें को आरक्षण दिए जाने की मांग की थी। इसके लिए गुजरात में जगह-जगह आंदोलन किए गए थे। आंदोलन काफी हिंसक भी हुआ था। वहीं करीब  3,000 से 5,000 लोगों की एक भीड़ ने भाजपा विधायक रशीकेश पटेल के कार्यालय को बर्बाद कर दिया।

हार्दिक पटेल समेत करीब 17 लोगों पर लगे थे ये बड़े आरोप

इस मामले में हार्दिक पटेल समेत 17 लोगों पर आग लगाने, दंगे भड़काने और आपराधिक साजिश रचने का आरोप लगाया गया था। इतना ही नहीं इस घटना के बाद हार्दिक पटेल को गिरफ्तार कर लिया गया था। हालांकि बाम में बाहर आ गए थे। इस दौरान अदालत ने हार्दिक पटेल को मेहसाणा जिले में प्रवेश करने से रोक दिया था।
आरक्षण की मांग : हिंसक हुआ महाराष्ट्र बंद , मुंबर्इ समेत कर्इ शहरों के बिगड़े हालात रोकी गर्इ इंटरनेट सेवा

दिव्यांगों को चार प्रतिशत आरक्षण के अध्याधेश को राज्यपाल की मंजूरी


This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy  and  Cookie Policy.