पूर्व मंत्री रमेश सिंह मुंडा हत्याकांड में गवाही जारी

2018-09-27T06:01:01+05:30

- सरकारी गवाह नक्सली राम मोहन सिंह ने दी गवाही

- बंद कमरे में दर्ज किया जा रहा बयान

- गुरुवार को भी जारी रहेगी गवाही

- राजा पीटर सहित दस लोगों हैं आरोपित

रांची : एनआइए की विशेष कोर्ट में तमाड़ के तत्कालीन विधायक रमेश सिंह मुंडा हत्याकांड में तीसरे दिन बुधवार को भी वादा माफ गवाह (सरकारी गवाह) नक्सली राम मोहन सिंह मुंडा की गवाही जारी रही। गवाह ने मामले में ट्रायल फेस कर रहे आरोपियों की पहचान की। गवाही बंद कमरे में दर्ज की जा रही है। गवाही के दौरान कुख्यात नक्सली कुंदन पाहन को अदालत में पेश किया गया था। जबकि पूर्व मंत्री गोपाल कृष्ण पातर उर्फ राजा पीटर व अन्य अभियुक्तों को जेल से वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से पेश किया गया था। गवाह ने सभी आरोपियों की पहचान की। गवाही चौथे दिन यानि गुरुवार को भी जारी रहेगी।

एनआइए कोर्ट में सुनवाई

मामले की सुनवाई एनआइए के विशेष न्यायाधीश नवनीत कुमार की अदालत में हो रही है। एनआइए ने पहले गवाह के रूप में नक्सली राम मोहन सिंह मुंडा को पेश किया है। गवाही पूरी होने के बाद बचाव पक्ष की ओर से गवाह से प्रतिपरीक्षण किया जा रहा है। बुधवार को नक्सली जय गणेश लोहरा के अधिवक्ता ने सरकारी गवाह से सवाल किया, जिसका जवाब गवाह ने दिया.

कोर्ट में हाजिर होने का अनुरोध

राजा पीटर के वकील ने अदालत में आवेदन देकर प्रतिपरीक्षण के दिन उनको को कोर्ट में हाजिर होने का अनुरोध किया है। बता दें कि रमेश सिंह मुंडा हत्याकांड में पूर्व मंत्री गोपाल कृष्ण पातर उर्फ राजा पीटर, कुख्यात नक्सली कुंदन पाहन उर्फ विकास दा समेत दस आरोपितों के खिलाफ बीते 21 अगस्त को आरोप गठन किया गया था। इसके बाद अदालत ने मामले में गवाही की तारीख 24 सितंबर को निर्धारित की थी। रमेश सिंह मुंडा की हत्या नौ जुलाई 2008 को एक कार्यक्रम के दौरान नक्सलियों ने गोली मारकर कर दी थी। मामले के आरोपित नक्सली राम मोहन सिंह को एनआइए ने सरकारी गवाह बनाया है।

inextlive from Ranchi News Desk


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