विश्वविद्यालय में नियुक्ति रोकने को चुनौती

2018-09-12T12:01:54+05:30

केंद्र सरकार यूजीसी से जवाब तलब

allahabaad@inext.co.in

इलाहाबाद विश्वविद्यालय सहित अन्य विश्वविद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्ति रोकने संबंधी आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। कोर्ट ने इस मामले में यूजीसी और केंद्र सरकार से जवाब मांगा है। बृजेंद्र कुमार सिंह और 11 अन्य की याचिका पर जस्टिस बी अमित स्थालेकर और जस्टिस जयंत बनर्जी की पीठ सुनवाई कर रही है.

विभागवार आरक्षण को चुनौती

याचिका में 18 जुलाई 2018 के केंद्र सरकार और 19 जुलाई 18 के यूजीसी के आदेश को चुनौती दी गई है। इस आदेशों के द्वारा विश्वविद्यालयों में कहना है कि विवेकानंद तिवारी केस में हाईकोर्ट ने विभागवार आरक्षण लागू करने का आदेश दिया था। इस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी। सुप्रीमकोर्ट ने भी हाईकोर्ट के निर्णय को सही करार देते हुए विभागवार आरक्षण की व्यवस्था को ही सही माना। अब केंद्र सरकार ने सुप्रीमकोर्ट में फिर से याचिका दाखिल कर विभागवार आरक्षण को चुनौती दी है। केंद्र सरकार पूरे विश्वविद्यालय को इकाई मानकर आरक्षण लागू करना चाहती है। इस याचिका के परिप्रेक्ष्य में केंद्र सरकार ने यूजीसी को भर्तियां रोकने का आदेश दिया है। याचीगण का कहना है कि जब हाईकोर्ट और सुप्रीमकोर्ट ने विभागवार आरक्षण को सही करार दिया है तो फिर नियुक्तियां रोकने का कोई औचित्य नहीं है। कोर्ट ने मुद्दे को विचारणीय मानते हुए चार सप्ताह में जवाब तलब किया है.

inextlive from Allahabad News Desk


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