सरकार को प्रत्यावेदन दें कोर्ट का हस्तक्षेप नहीं

2018-11-14T06:00:42+05:30

इलाहाबाद का नाम प्रयागराज किये जाने को चुनौती देने वाली याचिका खारिज

prayagraj@inext.co.in

इलाहाबाद जिले का नाम बदलकर प्रयागराज करने के राज्य सरकार की अधिसूचना की वैधता की चुनौती याचिका पर हस्तक्षेप से इलाहाबाद हाई कोर्ट ने इंकार कर दिया है। कोर्ट ने याची से कहा है कि वह राज्य सरकार के समक्ष याचिका में उठाये गये मुद्दे प्रत्यावेदन के माध्यम से दाखिल करे। कोर्ट ने याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने कहा कि बना सरकार को शिकायत किये समादेश जारी करने की मांग में याचिका पर हस्तक्षेप नहीं किया जा सकता.

जनहित याचिका में दी थी चुनौती

यह आदेश एक्टिंग चीफ जस्टिस गोविन्द माथुर तथा जस्टिस सीडी सिंह की खण्डपीठ ने अधिवक्ता सुनीता शर्मा की जनहित याचिका पर दिया है। याचिका पर अधिवक्ता विजय चन्द्र श्रीवास्तव व एससी मिश्र ने बहस की। याची का कहना था कि राज्य सरकार ने इलाहाबाद नाम के एतिहासिक व पौराणिक महत्व की अनदेखी कर नाम परिवर्तित किया है और 2019 में लगने वाले अ‌र्द्ध कुम्भ को भी कुंभ का नाम देकर धार्मिक भावनाओं को आहत किया है। सरकार ने जिले का नाम बदलकर राजस्व संहिता की धारा 3 का उल्लंघन किया है। कोर्ट ने कहा कि समादेश की मांग में याचिका दाखिल करने से पहले याची को सरकार के समक्ष आपत्ति करनी चाहिए.

inextlive from Allahabad News Desk


This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy  and  Cookie Policy.