महिला थाना जरूरी नहीं संबंधित थाना को भी विवेचना का अधिकार

2019-04-17T06:00:25+05:30

एसएसपी प्रयागराज ने संशोधित किया आदेश, हाई कोर्ट को दी सूचना

prayagraj@inext.co.in

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दहेज उत्पीड़न की प्राथमिकी को महिला थाने में दर्ज करने व महिला पुलिस द्वारा विवेचना करने के आदेश को एसएसपी प्रयागराज द्वारा संशोधित करने तथा धूमनगंज थाने में दर्ज याची की प्राथमिकी पर चार्जशीट दाखिल करने के बाद याचिका निस्तारित कर दी है।

पूर्व में जारी आदेश संशोधित

इससे पूर्व कोर्ट ने इस जानकारी पर नाराजगी व्यक्त की जो कि धूमनगंज पुलिस विवेचना नही कर रही और महिला थाना के पास पुलिस की कमी के कारण विवेचना नही हो पा रही है। कोर्ट ने एसएसपी व विवेचनाधिकारी को तलब किया था। कोर्ट में हाजिरी एसएसपी की तरफ से एजीए मुर्तजा अली ने कहा कि अब सम्बंधित थाने या महिला थाने किसी में भी विवेचना हो सकेगी। पूर्व में जारी आदेश संशोधित कर दिया गया है। धूमनगंज थाना क्षेत्र की सुनीता उपाध्याय की याचिका की सुनवाई चीफ जस्टिस गोविन्द माथुर तथा जस्टिस एसएस शमशेरी की खंडपीठ ने की। चार्जशीट दाखिल होने के बाद कोर्ट ने याचिका निस्तारित कर दी। कोर्ट ने सवाल उठाया था कि एसएसपी के आदेश से विवेचना में अवरोध उत्पन्न किया जा रहा है। अब महिला थाना या सम्बंधित पुलिस थाना पुलिस विवेचना कर सकेगी।

inextlive from Allahabad News Desk


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