गढ़वाल विवि में धरना प्रदर्शन पर हाई कोर्ट ने लगाई रोक

2019-05-10T06:00:31+05:30

- हाई कोर्ट ने कानून व्यवस्था बनाए रखने को मुख्य सचिव, डीजीपी व जिला प्रशासन को दिए सख्त निर्देश

NAINITAL: गढ़वाल केंद्रीय विवि प्रशासनिक भवन में आंदोलन के दौरान गेट को बंद करना और रजिस्ट्रार को बंधक बनाना छात्र संगठनों को महंगा पड़ गया है। हाई कोर्ट ने इस आंदोलन को गंभीरता से लेते हुए मुख्य सचिव, डीजीपी व जिला प्रशासन को विवि में शांति व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही विश्वविद्यालय में नियम विरुद्ध तरीके से हड़ताल, धरना-प्रदर्शन पर पाबंदी लगा दी है। कोर्ट ने विवि के अधिकारी-कर्मचारियों को सुरक्षा मुहैया कराने को भी कहा है।

रजिस्ट्रार को बनाया था बंधक

गढ़वाल विवि ने याचिका दायर कर कहा है कि छात्रों द्वारा गेट व विवि में ताले लगाकर रजिस्ट्रार को बंधक बनाया गया है। छात्रों का कहना है कि विवि में पहले से कार्यरत सुरक्षा कर्मियों को ही रखा जाए, जबकि विवि ने इन सुरक्षा कर्मियों को हटाकर उनके स्थान पर पूर्व सैनिकों को रखा जा रहा है। इसके विरोध में छात्रों द्वारा विवि में ताले लगा दिए गए हैं। थर्सडे को न्यायाधीश न्यायमूर्ति आलोक सिंह की एकलपीठ ने मामले को सुनने के बाद मुख्य सचिव, डीजीपी व स्थानीय प्रशासन को विवि में शांति व्यवस्था सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए हैं। साथ ही सीएस व डीजीपी, जिलाधिकारी पौड़ी गढ़वाल के अलावा छात्रसंघ, छात्र संगठन के अमित प्रदाली, सुरजीत गैरोला, मंजीत सिंह, अंकित उचौली, अतुल सती, राम प्रकाश, संदीप राणा, विनीत पोस्ती, प्रवीण सिंह, आयुष मियान को नोटिस जारी कर चार सप्ताह में जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।

inextlive from Dehradun News Desk


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