पूर्व मुख्यमंत्रियों को नहीं मिलेगी कोई सुविधा बाजार भाव पर वसूला जाएगा गनर टेलीफोन व मकान का किराया

2019-05-04T10:49:53+05:30

हाई कोर्ट ने फ्राइडे को उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्रियों को दी गई सुविधाओं से संबंधित सभी शासनादेश रद कर दिए

- हाईकोर्ट ने छह माह में बाजार दर पर किराया वसूलने के दिए आदेश

- सुविधाओं पर खर्च का आंकलन कर चार माह में रिपोर्ट पेश करने के निर्देश

dehradun@inext.co.in
NAINITAL:
पूर्व मुख्यमंत्रियों पर बकाया किराया छह माह के भीतर बाजार दर पर जमा करने के आदेश दिए हैं। इसके साथ ही सरकार को चार माह के भीतर बिजली, पानी, गनर, टेलीफोन, पेट्रोल सहित अन्य खर्चो का आंकलन कर वसूली के निर्देश भी दिए। कोर्ट ने दिवंगत पूर्व सीएम एनडी तिवारी पर बकाया मामले में कहा है कि यदि सरकार चाहे तो उनकी संपत्ति से किराया वसूल सकती है। हाई कोर्ट के इस आदेश से पूर्व मुख्यमंत्रियों को बड़ा झटका लगा है।

पूर्व मुख्यमंत्रियों पर लाखों बकाया
मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रमेश रंगनाथन व न्यायमूर्ति रमेश चंद्र खुल्बे की खंडपीठ में देहरादून की रूरल लिटिगेशन एंड एंटाइलमेंट केंद्र (रूलक) ने उत्तराखंड के पूर्व सीएम भगत सिंह कोश्यारी, एनडी तिवारी, डा। रमेश पोखरियाल निशंक व विजय बहुगुणा को सरकारी आवास समेत अन्य सुविधाओं को लेकर याचिका दायर की थी। कोर्ट ने अपने फैसले में पूर्व मुख्यमंत्रियों से बकाया 2.85 करोड़ छह माह के भीतर बाजार दर पर वसूलने का आदेश पारित किया है। इसमें पूर्व सीएम निशंक पर 40.85 लाख, बीसी खंडूरी पर 46.95 लाख, विजय बहुगुणा पर 37.50 लाख, भगत सिंह कोश्यारी पर 37.57 लाख और स्व। एनडी तिवारी पर 1.12 करोड़ बकाया है। कोर्ट ने 2001 से अब तक पूर्व मुख्यंत्रियों को आवास समेत अन्य सुविधाओं को लेकर जारी समस्त शासनादेशों को असंवैधानिक बताते हुए निरस्त कर दिया है। कोर्ट ने पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा पर तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि यह चिंतनीय विषय है कि उनके द्वारा अपने सेवाकाल पूरा होने से पहले ही अपने लिए सारी सुविधाएं मंजूर करा ली गई।


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