यह 5 टिप्‍स जो लंबे समय तक स्‍मार्टफोन बैटरी को रखेंगे सुरक्षित

2015-06-02T12:15:05+05:30

स्‍मार्टफोन के बढ़ते इस्‍तेमाल से यह यूजर्स की जिंदगी का अहम हिस्‍सा बनता जा रहा है शॉपिंग से लेकर गेमिंग तक सभी कामों में स्‍मार्टफोन का यूज किया जा रहा है ऐसे में कंपनियां भी बेहतर स्‍पेसिफिकेशन वाले हैंडसेट मार्केट में उतार रही हैं लेकिन यह फोन जितना स्‍मार्ट वर्क करता है उतनी ही बैटरी भी खाता है जिसके चलते ज्‍यादातर यूजर्स कम समय में बैटरी खत्‍म होने वाली प्राब्‍लम्‍स से जूझ रहे हैं तो आइए जानते हैं कुछ खास टिप्‍स के बारे में जिनकी मदद से बैटरी की पॉवर बढ़ाई जा सकती है

(1) Mind the temperature :-
आसपास का माहौल स्‍मार्टफोन की बैटरी पर खासा प्रभाव डालता है. यानी कि टेंपरेचर का बैटरी पॉवर पर सीधा असर पड़ता है. अगर आप स्‍मार्टफोन की ऐसी जगह रख रहे हैं, जहां का तापमान 35 से ऊपर और 0 से नीचे है, तो बैटरी की क्षमता काफी जल्‍दी घटने लगेगी. ऐसे में स्‍मार्टफोन को डायरेक्‍ट सनलाइट से दूर रखना चाहिए. इसके साथ ही किसी बहुत ठंडी जगह से भी स्‍मार्टफोन को बचाकर रखना चाहिए. ज्‍यादा गर्मी और ज्‍यादा ठंड दोनों ही बैटरी की क्षमता के लिए हानिकारक हैं.
(2) Partial discharge vs. Full discharge :-
अक्‍सर आपने सुना होगा कि, फोन को तभी चार्जिंग में लगाना चाहिए जब वह पूरी तरह डिस्‍चार्ज हो चुका है. यानी कि 0-5 परसेंट के बीच आने पर ही बैटरी को चार्ज करना चाहिए. हालांकि यह बिल्‍ुकल गलत तथ्‍य है. एक्‍सपर्ट का कहना है कि, फोन को 30-40 परसेंट तक आते ही चार्ज कर लेना चाहिए, इससे बैटरी की लाइफ बढ़ जाती है. क्‍योंकि माना जाता है कि,  Partial discharge cycle काफी हद तक Full discharge cycle से बेहतर है. ऐसे में अब कभी भी फोन की बैटरी को पूरी तरह डिस्‍चार्ज न करें, इससे बैटरी की क्षमता घटने का खतरा नहीं होता.

(3) Avoid over charging :-

कई स्‍मार्टफोन यूजर्स की आदत होती है कि, वे अपने फोन को चार्जिंग में लगाकर भूल जाते हैं और फोन 100 परसेंट चार्ज होने के बाद भी चार्जर में लगा रहता है. जो काफी नुकसानदायक है. ओवर चार्जिंग कभी भी सही नहीं मानी जाती. ज्‍यादातर स्‍मार्टफोन में लीथियम-ऑयन बैटरी का यूज किया जाता है, जो ओवरचार्ज को अब्‍जॉर्व नहीं करती है. ऐसे में अगर इसमें फुल चार्जिंग के बाद भी करेंट आता रहा, तो इसकी मेटल में इफेक्‍ट पड़ता है जिसके चलते बैटरी जल्‍दी खराब हो जाती है.
(4) Avoid using ultra-fast chargers :-
मार्केट में इस समय जितने भी नए स्‍मार्टफोन आ रहे हैं, इन सभी में 'फॉस्‍ट चार्जिंग' का फीचर एड किया गया है. जोकि काफी हानिकारक है. फोन को कभी भी 'फॉस्‍ट-चार्जिंग' मोड में चार्ज नहीं करना चाहिए. यह बैटरी पॉवर को आगे चलकर घटा देता है. क्‍योंकि बैटरी चार्ज हो रही होती है, तो वह अपने अंदर लगे सर्किट के हिसाब से चार्जिंग साइकल बना लेती है. ऐसे में अगर आप इसे फॉस्‍ट-चार्जिंग मोड में लगा देंगे, तो इसका साइकल टूट जाता है और वह डिसबैलेंस हो जाता है. जो बैटरी की लाइफ को कम कर देता है. तो याद रखिए स्‍मार्टफोन को हमेशा नॉर्मल चार्जिंग मोड पर ही चार्ज करना चाहिए.
(5) Avoid wireless charging :-
स्‍मार्टफोन के ज्‍यादा इस्‍तेमाल से यूजर्स के बीच वायरलेस चार्जिंग का चलन काफी बढ़ गया है. जोकि एक अच्‍छी आदत नहीं है. इसके कई डिसएडवांटेज है, जो आगे चलकर फोन की बैटरी को नुकसान पहुंचा सकते हैं. ऐसे में फोन को हमेशा प्‍लग-इन चार्जिंग से चार्ज करना चाहिए.

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