भूखेप्यासे दिन गुजारा खुदा की इबादत में

2019-05-12T06:00:32+05:30

- मस्जिदों में पढ़ी गई तरावीह की नमाज

- हेल्पलाइन नंबरों से ले रहे जानकारी

LUCKNOW: माह-ए-रमजान पाक और रहमतों वाला माह है। इस दौरान एक नेकी का सवाब सत्तर गुना बढ़कर मिलता है। रमजान के पांचवे दिन रोजेदारों ने सुबह की सहरी के बाद दिन भर भूखे-प्यासे रहकर खुदा की इबादत में दिन गुजारा और शाम को इफ्तार के बाद रोजेदारों का रोजा मुकम्मल हुआ। वहीं शहर की अलग-अलग मस्जिदों में एक पारे से लेकर पांच पारे तक की तरावीह की नमाज पढ़ी गयी। तरावीह की नमाज में नमाजियों ने कुरान की तिलावत की और खुदा से दुआएं मांगीं।

शिया सवाल-जवाब

सवाल : अगर कोई कुरान रमजान मे नही पढ़ सकता है तो उसके लिए क्या हुक्म है?

जवाब : अगर कोई व्यक्ति बीनाई की वजह से कुरान नही पढ़ सकता है तो कुरान सुन ले तो सवाब मिल जाएगा।

सवाल : अगर कोई बीमार हो और वह जोहर से पहले ठीक हो जाए तो क्या रोजा रखना सही होगा?

जवाब : अगर उस व्यक्ति ने कोई ऐसा काम नही किया है जिससे रोजा टूट जाए तो नियत करके रोजा रख ले। उसका रोजा सही होगा।

सवाल : रोजे की हालत मे प्यास से मर जाने का डर हो तो क्या हुक्म है?

जवाब : रोजादार उतना पानी पी सकता है जितने मे उसकी जान बच जाए। और रोजा बातिल है उसकी कजा करेगा।

सवाल : क्या रोजे की हालत में दाढ़ी मुड़वा सकते हैं?

जवाब : इस्लाम में मुसलमान मर्द पर दाढ़ी मुड़ाना हराम बताया गया है। लेहाजा अगर कोई रोजा में या बगैर रोजा में दाढ़ी मुड़ाता है तो हराम है।

सवाल : क्या नमाजे जुमा वाजिब है हर मुसलमान मर्द पर?

जवाब : नमाजे जुमा गैबते इमाम अ.स। में वाजिब नही है। बल्कि कुछ मुजतहेदीन ने इसे वाजिब बताया है।

शिया हेल्पलाइन नंबर

महिलाओं के लिए हेल्प लाइन नंबर 6386897124 है। इसके साथ सुबह 10-12 बजे तक 9415580936 और 9839097407 या ईमेल: masael786@gmail.com पर संपर्क कर सकते हैं।

सुन्नी सवाल-जवाब

सवाल : एक रोजेदार बच्ची के पेट में दर्द हो रहा है। क्या वह पेनकिलर इंजेक्शन लगवा सकती है? मासूमा, इलाहाबाद

जवाब : जी हां लगवा सकती है।

सवाल : क्या रोजे में सिर के अंदर जख्म में दवा लगा सकते है? अब्दुल खालिक, उजरियाव

जवाब : जी लगा सकते है।

सवाल : एक औरत अस्थमा रोगी है। आज रोजे के दौरान उनकी हालत बिगड़ गयी। शौहर ने उसको इन्हेलर दे दिया तो क्या रोजा टूट गया? मुनीर अहमद, दोबग्गा

जवाब : रोजा टूट गया। सिर्फ कजा है, कफ्फारा नहीं।

सवाल : क्या रोजे में इंसुलीन लेना जायज है? अब्दुल बातिन , लालकुआं

जवाब : जी हां जायज है।

सवाल : अगर कोई सरकारी कंट्रोल से गल्ला लेता है। तो फितरा में किस कीमत का ऐतिबार करेगा। कंट्रोल की कीमत का या खुले बाजार की कीमत का? हसीब अहमद, गोलागंज

जवाब : बाजार की कीमत का ऐतिबार होगा।

सुन्नी हेल्पलाइन

9415023970, 9335929670, 9415102947, 7007705774, 9140427677 और farangimahal.in और ramzanhelpline2005@gmail.com पर सवाल पूछ सकते हैं।

inextlive from Lucknow News Desk


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