बिहार के बिना Nothing Possible

2012-05-29T06:25:07+05:30

PATNA मिले जब हम तुम में मोरेना की माधुरी के नाम से पॉपुलैरिटी बटोरने वाली रति पांडे कहती हैं कि मुझे खुद पर गर्व है कि मैं बिहारी हूं

रति ने बताया कि कॉलेज में बंक मारकर फ्रेंड्स के साथ मौर्यालोक में गोलगप्पे खाना बहुत याद आता है. जब भी काम से थक-हारकर घर आती हूं, मां के हाथ के बने खाने को बहुत मिस करती हूं. मुंबई में रहते हुए अपना पटना हमेशा याद आता है. 
बहुत कुछ चेंज हो रहा
सेंट कैरेंस से स्कूलिंग और पटना वीमेंस कॉलेज से इकोनॉमिक्स में ग्रेजुएशन करने के बाद रति ने मिरांडा हाउस से मास-कॉम किया. मिरांडा हाउस में पढऩे के दौरान ही इन्हें ब्रेक मिला और फिर 'शादी स्ट्रीट' से लेकर 'हिटलर दीदी' तक का सुहाना सफर चल रहा है. रति कहती हैं कि बिहार में अब बहुत कुछ बदल रहा है. बाहर से देखने में यह बहुत अच्छा लगता है. हां, बस मुझे यही लगता है कि काश यह चेंजेज पहले हुए होते, तो ज्यादा बेहतर होता.
...तो दर्द ना झेलना पड़े
बिहारी के बारे में रति का कहना कि अगर बिहारी ना हो, तो देश का काम ही ना चले. जम्मू-काश्मीर हो या कन्या कुमारी, भुज हो या सिलचर हर जगह बिहारियों की धूम है. मुंबई को ही लीजिए ना, यहां ऑटो चलाने वालों से लेकर एमएनसी कंपनीज की ऊंची कुर्सी पर बैठने वालों तक में बिहारी आगे हैं. मुझे तब बहुत अफसोस होता है, जब बिहारियों को जिल्लत झेलनी पड़ती है. बीती बातें दुहराकर उन्हें जगह-जगह परेशान किया जाता है. मेरा तो मानना है कि अगर स्टेट में इंप्लॉयमेंट का जुगाड़ हो जाए, तो उन्हें बाहर वालों का दर्द भी ना झेलना पड़े. रति कहती हैं कि बिहार से दूर हैं, पर कभी लगता नहीं है. हमारे साथ कई बिहारी लोग काम करते हैं. जब भी हमलोग एक साथ होते हैं, अपने बिहारी स्टाइल में ही बतियाते हैं. पिछले दफे दीवाली में घर आई रति ने बताया कि मैं कोशिश करती हूं कि साल में कम से एक बार घर जरूर आऊं.
उसमें सेंस ऑफ ह्यूमर हो
मैंने भले ही हिटलर दीदी में कड़क कैरेक्टर का रोल किया है, पर पर्सनल लाइफ में मैं इससे बिल्कुल डिफरेंट हूं. अपने जीवनसाथी को लेकर रति बताती हैं कि मेरा लाइफ पार्टनर वैसा हो, जिसका सेंस ऑफ  ह्यूमर अच्छा हो. वह मेरी फीलिंग्स को समझे. रात-रात भर लेट से आने, इधर-उधर जाने में उसे कोई प्रॉब्लम ना हो. वह किसी भी प्रोफेशन का हो, बस हिटलर ना हो.
Awards and achievements
रति पांडे को उनके सीरियल 'मिले जब हम तुम' के लिए 2009 में यंग अचीवर्स अवार्ड के तहत बेस्ट एक्टर फीमेल का अवार्ड मिल चुका है. वहीं 2011 र्में Zee Rishtey Awards में उन्होंने फेवरेट बहन की कैटेगरी में अवार्ड हासिल किया है.

In conversation with Sanjeet N Mishra
sanjeet.narayan@inext.co.in


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