मैंने सीख लिया है गुस्से पर काबू कैसे करें

2013-03-18T11:50:59+05:30

Meerut/New Delhi कॉरपोरेट ट्रॉफी के दौरान बुरे बर्ताव के लिए बीसीसीआईं के निलंबन ने भारतीय तेज गेंदबाज प्रवीण कुमार को झकझोर दिया था अपनी गलती पर उन्हें काफी पछतावा है और उन्होंने भविष्य में ऐसा नहीं करने की कसम खाई है

प्रवीण को जब इस घटना की याद दिलाई गयी तो उन्होंने कहा कि यह उनकी गलती थी और यह नहीं होना चाहिए था। उन्हें अब इसका पछतावा है। उन्होंने कहा, ‘मैंने सीख लिया है कि अपने गुस्से को कैसे काबू करना है। मैदान में अपनी भावनाओं को व्यक्तकरते हुए मुझे सतर्क होने की जरूरत है। कभी-कभी ऐसा हो जाता है, जब चीजें आपके हिसाब से नहीं होती। मैं इस घटना को भुलाकर आगे बढ़ गया हूं। अब यह मेरे लिए इतिहास बन गई है। यह दोबारा नहीं होगी। उत्तर प्रदेश टीम के चार-पांच साथी मेरे साथ हैं, जो हमेशा मुझे सही गलत की सलाह देते हैं। सुदीप त्यागी, तन्मय श्रीवास्तव और सुरेश रैना के साथ घर जैसा माहौल रहता है और उनकी सलाह ने हमेशा मेरी काफी मदद की है.’ 26 वर्षीय खिलाड़ी आगामी आइपीएल के दौरान किंग्स इलेवन पंजाब के लिए खेलेगा।
प्रवीण ने इन्कम टैक्स टीम के अजितेश अर्गल को शॉर्ट पिच गेंद फेंकी थी और तब इस बल्लेबाज ने अंपायर से पूछा था कि क्या यह नो बॉल थी जिसके बाद प्रवीण ने उन्हें अपशब्द कहना शुरू कर दिया। प्रवीण ने मैदानी अंपायर कमलेश शर्मा और अजित दतार से असंतोष व्यक्त करना जारी रखा, जिन्होंने इस घटना की रिपोर्ट मैच रेफरी धनंजय सिंह को की थी। मैच रेफरी ने प्रवीण को ‘मानसिक रूप से अनफिट’ करार दिया था क्योंकि उसने अपना आपा खो दिया था और इस घटना की रिपोर्ट बीसीसीआइ को की। इससे पिछले मैच में भी प्रवीण दर्शकों से भिड़ गए थे और स्थानीय क्रिकेट अधिकारियों को मैदान में कड़ी सुरक्षा प्रदान करनी पड़ी थी।



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