IAS अनुराग की मर्डर मिस्ट्री में बडा़ खुलासा हत्या नहीं इस वजह से हुई मौत

2018-11-11T11:59:14+05:30

IAS अनुराग निधन के हर पहलू की बारीकी से जांच करने के बाद सीबीआई इस निष्कर्ष पर पहुंची है कि अनुराग की मौत की वजह हादसा थी। जानें पूरा मामला और निधन की वजह

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LUCKNOW : कर्नाटक कैडर के आईएएस अनुराग तिवारी की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले का सीबीआई पटाक्षेप करने जा रही है। जल्द ही इस मामले की जांच कर रही सीबीआई की टीम राजधानी आकर अदालत में फाइनल रिपोर्ट लगाने की तैयारी में है जिसमें वह अदालत को बताएगी कि अनुराग तिवारी की मौत की वजह कोई साजिश नहीं बल्कि हादसा थी। इसके लिए जांच टीम ने सीबीआई डायरेक्टर से रिपोर्ट दाखिल करने की अनुमति मांगी है। करीब डेढ़ साल तक इस मामले के हर पहलू की बारीकी से जांच करने के बाद सीबीआई इस निष्कर्ष पर पहुंची है कि अनुराग की मौत की वजह हादसा थी। ध्यान रहे कि राजधानी में हुए इस हाईप्रोफाइल मामले ने खासी सुर्खियां भी बटोरी थी और इस पर खूब सियासत भी हुई थी।
हर पहलू की जांच की
मालूम हो कि सीबीआई की जांच टीम ने दो बार अनुराग की मौत की वजह जानने को क्राइम सीन रिक्रिएशन किया, एम्स के डाक्टरों से पोस्टमार्टम रिपोर्ट का दोबारा परीक्षण कराया, सीबीआई की फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी से तमाम सुबूतों को गहनता से परखा। इतना ही नहीं, सीबीआई ने कर्नाटक जाकर अनुराग के विभाग के अफसरों से भी पूछताछ की, दस्तावेजों को खंगाला पर कोई भी ऐसा सुराग नहीं मिला जिससे यह पता चलता हो कि अनुराग को किसी साजिश के तहत मौत के घाट उतारा गया हो। अनुराग के तमाम बैचमेट और दोस्त भी सीबीआई की पूछताछ के दायरे में आए पर वे भी कोई ऐसी अहम जानकारी नहीं दे सके जिससे इस केस में नया मोड़ आ पाता। इनमें तमाम आईएएस, आईपीएस और आईआरएस अधिकारी शामिल थे जिन्होंने मसूरी में अनुराग के साथ ट्रेनिंग ली थी। सीबीआई ने अनुराग की पत्नी से भी पूछताछ की पर वहां भी उसे कोई सुराग हाथ नहीं लगा। इसके बाद सीबीआई की जांच का पूरा दारोमदार उन रिपोर्ट्स पर आकर टिक गया जो अनुराग की मौत की वजह बता सकती थी।
गला चोक होने से गिरे
एम्स के डाक्टरों द्वारा अनुराग की पोस्टमार्टम रिपोर्ट के गहन अध्ययन और फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स की मौजूदगी में हुए क्राइम सीन रिक्रिएशन से यह सामने आया कि अनुराग की मौत की वजह कोई धारदार हथियार से प्रहार, किसी गाड़ी से एक्सीडेंट आदि नहीं थी। दरअसल अनुराग जब स्टेट गेस्ट हाउस से बाहर निकले तो उनकी हालत ठीक नहीं थी। रात भर जगने से उनके गले में कंजेशन हो गया था। गेस्ट हाउस से चंद कदम दूर आते ही उनका गला चोक हुआ और वह अचेत होकर औंधे मुंह सड़क पर गिर गये। इससे उनकी नाक के नीचे के हिस्से में गहरी चोक आई जिससे उनका नर्वस सिस्टम डाउन हो गया। तत्काल कोई मेडिकल हेल्प न मिलने से सांस की नली पूरी तरह चोक हो गयी जिसने उनकी जान ले ली। अब सीबीआई ये सारे तथ्य अदालत के सामने रखकर इस मामले में फाइनल रिपोर्ट लगा इसे बंद करने की मांग करेगी।
फैक्ट फाइल
- 17 मई 2017 को मीराबाई मार्ग स्थित स्टेट गेस्ट हाउस के सामने मिला था अनुराग का शव
- 18 मई 2017 को मामले की जांच को एसआईटी गठित, संदिग्धों से हुई पूछताछ
- 18 मई 2017 को विधानसभा में हंगामा, सीबीआई जांच की मांग को लेकर विपक्ष का वॉक आउट
- 22 मई 2017 को अनुराग के परिजनों ने मुख्यमंत्री से मिलकर सीबीआई से जांच कराने की मांग की
- 16 जून 2017 को सीबीआई मुख्यालय में अनुराग तिवारी की मौत का केस दर्ज
- 17 जून 2017 को सीबीआई की जांच टीम आई लखनऊ, पुलिस से डिटेल रिपोर्ट हासिल की
- 24 जून 2017 को अनुराग के शव का पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों के पैनल से पूछताछ
- 06 जुलाई 2017 को सीबीआई की टीम ने फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स के साथ क्राइम सीन रिक्रिएशन किया
और उलझ गया है IAS अनुराग तिवारी की मौत का मामला
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