बिहार के लिए दारू का स्टेशन बना गोरखपुर रोज जब्त हो रही साढ़े तीन लाख की शराब

2018-07-30T11:25:01+05:30

हरियाणा से लेकर बिहार तक अवैध शराब की खेप पहुंचाने वाले तस्करों का रैकेट बॉर्डर पर बदल जाता है

-गोरखपुर पुलिस ने दो में दो करोड़ की अवैध शराब बरामद, किए कई खुलासे

-बॉर्डर पार करने से पहले कई बार बदले जाते कैरियर, सबका अलग-अलग कोड

-देवरिया में फोन करना, चाबी लगाकर हट जाना

Gorakhpur@inext.co.in
GORAKHPUR: हरियाणा से लेकर बिहार तक अवैध शराब की खेप पहुंचाने वाले तस्करों का रैकेट बॉर्डर पर बदल जाता है. एक निश्चित दूरी तय करने के बाद अलग-अलग लोगों को जिम्मेदारी सौंप दी जाती है. ट्रक और टैंकर के जरिए अवैध शराब की हेराफेरी छोड़कर तस्करों के गैंग ने लग्जरी कारों का सहारा ले लिया है. हैरत की बात यह है कि फोरलेन के रास्ते हरियाणा से शराब की खेप बिहार में पहुंच जा रही है. हाइवे की पेट्रोलिंग पुलिस इस पर नजर रखने में नाकाम हो रही. दो माह के भीतर जीरो प्वॉइंट, कालेसर के आसपास चेकिंग में सहजनवा पुलिस करीब दो करोड़ रुपए की शराब पकड़ चुकी है. तस्करी के मामले में आधा दर्जन लग्जरी वाहन भी जब्त हुए हैं. एसएचओ सहजनवा अजय कुमार सिंह ने बताया कि शराब की खेप ले जाने की सूचना पर पुलिस टीम को कामयाबी मिली.

पगडंडियों के रास्ते पहुंचाते खेप
शनिवार को सहजनवा पुलिस टीम जीरो प्वॉइंट कालेसर पर चेकिंग कर रही थी. सुबह लग्जरी कार सवार कुछ लोग वाहन छोड़कर भाग गए. तलाशी लेने पर उसके भीतर लाखों रुपए की शराब मिली. दोपहर में पुलिस की दूसरी टीम हाइवे पर पहुंची. एक कार को रोकने की कोशिश में ड्राइवर ने रफ्तार बढ़ा दी. पीछा करके पुलिस ने कार पकड़ी तो उसमें शराब की पेटी मिली. पकड़े गए लोगों की पहचान हरियाणा के कैथल निवासी सुनील कुमार जाट और सुदीप दादरी के रूप में हुई. कार में 1616 बोतल, करीब पांच लाख रुपए की अंग्रेजी शराब बरामद हुई. पूछताछ में दोनों ने पुलिस को बताया कि देवरिया में दूसरे लोग शराब की डिलीवरी लेने के लिए इंतजार कर रहे थे. देवरिया से शराब की खेप बिहार पहुंचाने के लिए पगडंडियों का सहारा तस्कर लेते हैं. दोनों को एक मोबाइल नंबर देकर बताया गया था कि देवरिया पहुंचकर फोन करना. फोन करने के बाद गाड़ी में चाबी लगी छोड़कर वहां से हट जाना. वहां पहुंचा नया व्यक्ति खेप लेकर आगे बढ़ जाएगा.

नंबर प्लेट बदलकर चलती गाडि़यां
हरियाणा से शराब की खेप की तस्करी करने वाले अवैध कारोबारी हर प्रदेश का व्हीकल रजिस्ट्रेशन नंबर यूज करते हैं. कैरियर के कार की तलाशी में यूपी, बिहार और दिल्ली की फर्जी नंबर प्लेट मिली. पकड़े गए लोगों ने पुलिस को बताया कि हर प्रदेश में इंट्री करते ही वहां का नंबर प्लेट लगाकर आगे बढ़ जाते हैं. यूपी में वाहनों की चेकिंग में सीट बेल्ट, गाड़ी चलाते समय मोबाइल यूज करने और पेपर देखने के अलावा पुलिस कोई अन्य जांच नहीं करती. हाइवे पर कम जांच पड़ताल होने से उनको शराब की खेप पहुंचाने में प्रॉब्लम नहीं होती है. आरोपियों ने बताया कि वह पहली बार ही शराब की खेप लेकर आए थे. लेकिन पुलिस को शक है वह पहले भी आ चुके हैं.

हाल के दिनों में हुई अवैध शराब की बरामदगी
28 जुलाई 2018: जीरो प्वॉइंट कालेसर से अलग-अलग वाहनों में एक करोड़ से अधिक की शराब बरामद

30 जून 2018: चकिया नहर ढाबा के पास दो लाख से अधिक कीमत की अवैध शराब बरामद.

16 जून 2018: जीरो प्वॉइंट कालेसर पर फोर व्हीलर से आठ लाख रुपए की शराब बरामद.

03 मई 2018: तेनुआ टोल प्लाजा के पास वाहन चेकिंग में 50 लाख रुपए कीमत की शराब बरामद.

पकड़े गए व्यक्तियों से पूछताछ की गई है. इस बारे में गहन जांच पड़ताल की जा रही है कि देवरिया में शराब की डिलीवरी किसे दी जानी थी. कुछ अहम सुराग भी हाथ लगे हैं जिनके आधार पर कार्रवाई चल रही है. हाइवे से तस्करी को देखते हुए पुलिस टीम को एक्टिव कर दिया गया है.

- रोहित सिंह सजवान, एसपी नॉर्थ


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