पानी के अवैध कारोबार पर लगाम की तैयारी

2019-06-08T06:00:13+05:30

- अवैध बोरिंग पर कार्रवाई के लिए प्रशासन ने जल संस्थान को बनाया नोडल

- बोरिंग का रेगुलाइजेशन नहीं कराया तो कटेगा कनेक्शन

- नई बोरिंग एसडीएम के यहां कराना होंगे रजिस्टर्ड

DEHRADUN: पानी का अवैध कारोबार करने वालों की अब खैर नहीं। प्रशासन ने इस पर कार्रवाई के लिए जल संस्थान को नोडल बनाया है। फ्राइडे को एसडीएम ने जल संस्थान और पुलिस के साथ इस संबंध में मीटिंग की। जिसमें जल संस्थान से अवैध बोरिंग पर कार्रवाई के लिए कहा गया। वहीं दैनिक जागरण आई नेक्स्ट की ओर से अवैध बोरिंग की खबरें लिखकर प्रशासन में मामलों की शिकायत की गई थी।

एक्शन मोड में प्रशासन

एक ओर जहां सभी विभाग जल-नीति का रोना रोते हुए अवैध बोरिंग के मामले में चुप्पी साधे बैठे हैं, वहीं प्रशासन अब एक्शन मोड में आ गया है। एसडीएम ने फ्राइडे को जल संस्थान के अधिकारियों को दिशा-निर्देश देते हुए इस दिशा में सख्ती से पेश आने के लिए कहा है। उन्होंने जल संस्थान से जल्द से जल्द अवैध बोरिंग के रेगुलाइजेशन के लिए कहा है।

खाका तैयार करने के निर्देश

वहीं जल संस्थान की ओर से एसडीएम को सुझाव दिए गए कि इसमें एमडीडीए, सिंचाई विभाग और नगर निगम को भी इंवॉल्व किया जाए। ताकि सभी के स्तर पर मामलों की जानकारी मिल सके। जिस पर एसडीएम की ओर से जल संस्थान को नोडल बनाते हुए खाका तैयार करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही जल्द से जल्द इस दिशा में आगे की कार्रवाई करने को कहा है।

बोरिंग की देनी होगी जानकारी

अब होटल, कमर्शियल हॉस्टल, अर्पाटमेंट्स आदि को जल्द से जल्द अपनी बोरिंग को रेगुलाइज करवाना होगा। हालांकि इसके लिए जल संस्थान की ओर से एक विज्ञप्ति निकाल सीमित दिनों का समय दिया जाएगा। जिसके बाद सभी को खुद ही जल संस्थान पहुंचकर अपनी बोरिंग की जानकारी देनी होगी और इसे रेगुलाइज करवाना होगा।

अवैध बोरिंग पर होगी कार्रवाई

एक ओर जहां पुरानी बोरिंग को रेगुलाइज करवाना होगा वहीं नई बोरिंग के लिए प्रशासन से अनुमति लेनी होगी। बावजूद इसके यदि जिले में अवैध बोरिंग पाई जाती है तो जल संभरण एवं सीवर व्यवस्था अधिनियम 1975 के तहत कार्रवाई होगी। जिसके तहत सीधे बोरिंग ही हटा दी जाएगी।

दैनिक जागरण आईनेक्स्ट का अभियान

पानी के काले कारोबार पर दैनिक जागरण आई नेक्स्ट की ओर से मुहिम छेड़ी गई थी। जिसके बाद कई जगहों से रातों-रात बोरिंग करने वालों ने अपना बोरिया-बिस्तर समेट लिया था। यही नहीं इसके लिए डीएम को भी पत्र दिया गया था। साथ ही एसडीएम से भी मामलों की शिकायत की गई थी। दैनिक जागरण आई नेक्स्ट की इस मुहिम पर प्रशासन ने कार्रवाई शुरू की और अब जल नीति फाइनल होने से पहले ही प्रशासन ने कमर कस ली है। जल्द ही अभियान के तहत इस दिशा में काम किया जाएगा। जिसमें नए-पुराने सभी बोरिंग चिन्हित होंगे। पहली बार प्रशासन स्तर से इस तरह की बड़ी कार्रवाई की जा रही है।

जब तक जल नीति फाइनल नहीं होती है। प्रशासन और जल संस्थान इसके लिए मिलकर काम करेंगे। जल संस्थान को इसका नोडल बना दिया गया है, जो चैक कर अवैध बोरिंग को रेगुलाइज करवाएगा।

- कमलेश मेहता, एसडीएम

inextlive from Dehradun News Desk


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