यहां तो बाइक पर ढो डाली करोड़ों की लकड़ी

2018-09-12T12:02:20+05:30

- बनगाई जंगल का वीडियो हुआ वायरल, हड़कंप

- रासुका की कार्रवाई से भी नहीं थम रही अवैध कटान

GORAKHPUR: तिनकोनिया रेंज के जंगल में अवैध कटान करने वाले वन माफिया के खिलाफ रासुका की कार्रवाई प्रभावी नहीं रही। जिले के जंगलों में सक्रिय वन तस्कर धड़ल्ले से पेड़ों की कटान कर रहे हैं। रात में जंगल के भीतर वन तस्कर से बाइक से प्रतिबंधित पेड़ों के बोटे ढो रहे हैं। दो साल के अंदर करीब छह करोड़ की अवैध लकड़ी बाइक पर लादकर तस्करों ने पार लगा दिया.

वनाधिकारियों का कहना है कि जंगल के भीतर अवैध कटान रोकने के लिए वन कर्मचारियों की सक्रियता बढ़ाई गई है। पुलिस की मदद से तस्करों पर शिकंजा जा रहा है। गोरखपुर के मुख्य वन संरक्षक ने बताया कि इस मामले की जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी.

बोटा ले जाते वीडियो वायरल, हड़कंप

शहर के आसपास जंगलों में तस्करों के अलग- अलग गुट अवैध कटान करते हैं। तिनकोनिया रेंज के जंगल बनगाई में पेड़ों की कटान का वीडियो वायरल हुआ है। पांच दिन पूर्व कुछ लोग बाइक से पेड़ों के बोटे ढो रहे थे। जंगल से निकलते हुए किसी ने वीडियो बना लिया। धीरे- धीरे यह वीडियो कई लोगों तक पहुंच गया। बनगाई जंगल से पेड़ काटकर लोग बाहर भेज रहे थे। कहा जा रहा है कि गोरखनाथ एरिया का एक कारोबारी जंगलों से अवैध कटान कराता है। उसके कहने पर दिनदहाड़े पेड़ों की कटान कर बोटे ढोए जाते हैं। जो वीडियो वायरल हुआ है उसमें दिन के उजाले में तस्कर लकड़ी ले जाते नजर आ रहे हैं। इसके पूर्व बाकी रेंज के जंगल टिकरिया उर्फ भेलमपुर में पेड़ों की अवैध कटान से संबंधित वीडियो वायरल हुआ था.

लोगों का कहना है कि जंगलों में पेड़ों की कटान कर उनके बोटे बाइक से ढोए जाते हैं। जंगल में बाइक लेकर चलने में आसानी होती है। वन विभाग ने दो साल के अंदर करीब डेढ़ सौ वाहनों को अवैध ढंग से लकड़ी ढोने के आरोप में कब्जे में लिया है। इन वाहनों में 60 से अधिक बाइक की बरामदगी है। जबकि, अन्य वाहनों में ट्रैक्टर- ट्राली, जीप, लग्जरी कारें शामिल हैं। एक अनुमान के अनुसार, जिले भर के जंगलों से रोजाना करीब सौ पेड़ कट जाते हैं। साखू और सागौन के पुराने पेड़ों की बाजार में मुंहमांगी कीमत मिलती है। इसलिए अवैध कटान रोकने के प्रति कोई गंभीरता नहीं दिखाई जाती है।

रासुका की कार्रवाई हाे गई बेअसर

तिनकोनिया रेंज के जंगल रामलखना में डिप्टी रेंजर पर हमले के आरोपी, वन माफिया शिव शरन और मनोहर प्रजापति को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून में निरुद्ध किया गया है। वन माफिया गैंग के शिवशरन के खिलाफ एक दर्जन से अधिक गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। इस गैंग में शामिल मनोहर प्रजापति, राजेश निषाद, सिराज अहमद, शेषमणि और जनार्दन पासवान के खिलाफ भी विभिन्न मामलों में एफआईआर है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि रासुका की कार्रवाई से वन माफिया का मनोबल टूटेगा। लेकिन जो वीडियो वायरल हुआ है उसे देखकर ऐसा लगा रहा है कि पुलिस की कार्रवाई का कोई असर इन पर नहीं पड़ रहा है।

इन जगहों पर ज्यादा होती कटान

- कैंपियरगंज के जंगलों में पेड़ों की कटान कर नदी के रास्ते तस्करी की जाती है। जंगल के आसपास ग्रामीणों की मदद से तस्कर सक्रिय रहते हैं.

- बाकी रेंज के जंगल टिकरिया से पेड़ों की कटान कर गोरखनाथ, शाहपुर और देवरिया जिले में अवैध लकड़ी की सप्लाई दी जाती है। पूर्व में कई मामले सामने आ चुके हैं.

- तिनकोनिया रेंज के कुसम्ही और बनगाई जंगल सहित अन्य पर तस्करों की नजर रहती है। देवरिया और कुशीनगर जिले के वन माफियाओं के अलावा यहां पर लोकल तस्करों की तूती बोलती है।

पास्ट हिस्ट्री

05 सितंबर 2018: बनगाई जंगल से पेड़ों की कटान का वीडियो वायरल हुआ, दो पेड़ कटने की सूचना

12 अगस्त 2018: जंगल टिकरिया में साखू के पेड़ की कटान, 23 पेड़ कटने की सूचना से हड़कंप

6 अगस्त 2018: जंगल टिकरिया में पेड़ काटने को लेकर दो गुट भिड़े, सात बोटे बरामद हुए।

29 जुलाई 2018: पीआरवी ने जंगल टिकरिया के पास अवैध लकड़ी के चार बोटे बरामद किए.

वर्जन

जंगलों की सुरक्षा को लेकर पहले ही निर्देश दिए जा चुके हैं। अवैध कटान रोकने के लिए वन कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। वीडियो वायरल होने की जांच कराई जाएगी। हो सकता है कि किसी अन्य जगह का वीडियो यहां का बताया जा रहा हो। इस मामले में कड़ा एक्शन लिया जाएगा।

हेंमत कुमार, मुख्य वन संरक्षक

inextlive from Gorakhpur News Desk


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