फुलैरा दूज 2019 जानें ये क्यों है फाल्गुन मास का पवित्र दिन इस दिन होती है राधाकृष्ण की पूजा

2019-03-07T12:58:56+05:30

इस वर्ष फुलैरा दूज 8 मार्च को पड़ रहा है। इस दिन अतिशुभ मुहूर्त दिन में 1148 बजे से लेकर 1224 बजे तक रहेगा। इस दिन आप इस मुहूर्त में अपने मांगलिक कार्य संपन्न कर सकते हैं।

फुलैरा दूज को कुछ जगहों पर फुलरिया दूज भी कहा जाता है। यह दूज फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष में मनाई जाती है। इसे अबूझ मुहूर्त भी कहा जाता है क्योंकि इस दिन हम किसी भी समय कोई भी शुभ कार्य कर सकते हैं। इसलिए फुलैरा दूज पर अधिक शादियां होती हैं। फुलैरा दूज से ही होली का प्रारंभ माना जाता है।

आपको बता दें कि ठंड के मौसम में शादियों के लिए यह एक तरह से आखिरी दिन होती है, इसलिए इस दिन ज्यादा शादियां होती हैं। इस दिन के बाद 15 मार्च से 14 अप्रैल तक खरमास प्रारंभ हो जाएगा, ऐसे में शादी—विवाह जैसे सभी मांगलकि कार्य वर्जित हो जाते हैं।

इस वर्ष फुलैरा दूज 8 मार्च को पड़ रहा है। इस दिन अतिशुभ मुहूर्त दिन में 11:48 बजे से लेकर 12:24 बजे तक रहेगा। इस दिन आप इस मुहूर्त में अपने मांगलिक कार्य संपन्न कर सकते हैं।

इस दिन भगवान कृष्ण और राधा जी की पूजा करने का विधान है। गांवों में बच्चे अनेक प्रकार के फूल और रंगों से अपने घर के बाहर और अंदर रंगोली बनाते हैं।

विशेष रूप से मथुरा और वृंदावन में इस पर्व को खासतौर पर मनाया जाता है। फूलों का त्योहार होने के कारण ही इसे फुलैरा दूज कहते हैं।

इस दिन राधा—कृष्ण के मंदिरों को फूलों और गुलाल से सजाया जाता है। राधा—कृष्ण को अबीर, रंग और अनेक तरह के फूल अर्पित किए जाते हैं। 

कान्हा का इस कारण से नाम पड़ा श्रीकृष्ण, जानें एकांत में क्यों हुआ था नामकरण

योगबल से हुआ था श्रीकृष्ण का जन्म, जानें मुकुट पर लगे मोर-पंख का रहस्य


This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy  and  Cookie Policy.