जिला प्रशासन ने जोशीमठ के विद्यालयों में की यात्रियों के ठहरने की व्यवस्था। बदरीनाथ में पांच लाख से अधिक कर चुके दर्शन हेमकुंड में 72 हजार के पार पहुंचा आंकड़ा...

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GOPESHWAR: चारधाम यात्रा चरम पर है. देश-विदेश से चारधाम यात्रा के लिए लोग उत्तराखंड पहुंच रहे हैं. सैटरडे को भगवान बदरी विशाल और हेमकुंड साहिब के दर्शनों के लिए बड़ी संख्या में यात्री पहुंचे. इससे यात्रा के प्रमुख पड़ाव जोशीमठ में यात्रियों को ठहराने की समस्या खड़ी हो गई है. ऐसे में जिला प्रशासन की ओर से सैटरडे को जोशीमठ स्थित संस्कृत महाविद्यालय व राजकीय इंटर कॉलेज में यात्रियों के ठहरने की व्यवस्था की गई. साथ ही यात्रियों को कंबल, गद्दे, चटाई व बिस्तर और उनकी जरूरत के अनुसार भोजन सामग्री भी उपलब्ध कराई गई. यात्रियों के सैलाब से यात्रा मार्गो पर जाम की परेशानी से भी यात्रियों को दो चार होना पड़ रहा है. बदरीनाथ में अब तक पांच लाख से अधिक यात्री दर्शन कर चुके हैं, जबकि हेमकुंड साहिब में 72 हजार के पास यात्रियों का आंकड़ा पहुंच गया है.

होटल, धर्मशाला, रैन बसेरे पैक
डीएम स्वाति एस.भदौरिया ने बताया कि सैटरडे को यात्रा मार्ग और प्रमुख पडावों के साथ ही बदरीनाथ धाम में यात्रियों भारी भीड़ रही. सभी होटल, धर्मशाला व रैन बसेरे यात्रियों से पैक रहे. ऐसे में प्रशासन की ओर से जोशीमठ स्थित संस्कृत महाविद्यालय और जीआईसी में लगभग 700 तीर्थयात्रियों के लिए ठहरने की व्यवस्था की गई. बताया कि सैटरडे रात संस्कृत महाविद्यालय में लगभग 200 यात्री ठहरे थे. साथ ही जीआईसी में भी यात्रियों के ठहरने के इंतजाम किए गए थे. जिलाधिकारी ने बताया कि यात्रियों को आवासीय समस्या से न जूझना पड़े,़ इसके लिए यात्रा मार्ग के निकट स्थित विद्यालयों में उन्हें ठहराने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया जा चुका है.

रोजाना 20 हजार से ज्यादा यात्री पहुंच रहे बदरीनाथ
बदरीनाथ धाम में यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है. ऐसे में यात्रियों को भगवान बदरी विशाल के दर्शनों के लिए लंबी-लंबी लाइनों में अपनी बारी का इंतजार करना पड़ रहा है. श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के सीईओ बीडी सिंह ने बताया कि रोजाना 20 हजार से अधिक यात्री पहुंच रहे हैं और आठ जून तक तक पांच लाख छह हजार 172 यात्री भगवान बदरी विशाल के दर्शन कर चुके थे. यात्रियों की बढ़ती संख्या देखकर कारोबारियों के चेहरे भी खिले हुए हैं.

 

Posted By: Ravi Pal