मेडिकोज को मिला जार्जियन बनने का गुरुमंत्र

2018-08-21T06:01:02+05:30

- जॉजियन बनने का सपना लेकर पहुंचे मेडिकोज

- केजीएमयू में एमबीबीएस, बीडीएस के नए सत्र का शुभारंभ

- दिलाई गई चरक और हिप्पोक्रेटिक शपथ

250 एमबीबीएस के स्टूडेंट्स

70 बीडीएस के स्टूडेंट्स

LUCKNOW :

आंखों में जार्जियन बनने का सपना लेकर 250 एमबीबीएस और 70 बीडीएस स्टूडेंट्स का बैच खुशनुमा माहौल में सोमवार को केजीएमयू पहुंचा। जहां पर कलाम सेंटर में पहले दिन वीसी प्रो। एमएलबी भट्ट ने सफल चिकित्सक और अच्छा नागरिक बनने का मंत्र दिया। इस दौरान छात्र छात्राओं को चरक और हिप्पोक्रेटिक ओथ दिलाई गई। मेडिकोज को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि केजीएमयू देश का गौरवशाली संस्थान है और ऐसे संस्थान में एडमिशन मिलना गर्व की बात है। इसकी ऐतिहासिक गरिमा को बनाए रखने के लिए संस्थान में पूर्ण अनुशासन में रहकर अपनी पढ़ाई को पूरा करें.

अनुशासित रहे, सीनियर्स का सम्मान करें

वीसी ने कहा कि एमबीबीएस की ट्रेनिंग कठिन है। शिक्षकों के साथ सीनियर्स का भी सम्मान करना होगा। भयमुक्त माहौल में पढ़ाई करें और रैगिंग जैसी समस्या आती है तो तुरंत जानकारी दें। इसके लिए चीफ प्रॉक्टर की अध्यक्षता में प्रॉक्टोरियल बोर्ड है। डीन हैं और वीसी ऑफिस में भी शिकायत की जा सकती है। उन्होंने कहा कि इस उम्र में बहुत से युवा भटक जाते हैं। इसलिए अनुशासित और नशे, क्लास बंक करने, वार्ड छोड़कर मूवी जाने से बचें। संस्थान की लाइब्रेरी में अधिक समय बिताएं। नियमित व्यायाम करें और चाउमीन, बर्गर, कोल्ड ड्रिंक जैसी चीजों से दूर रहें और विनम्र रहें.

इस अवसर पर डीन चिकित्सा संकाय प्रो। विनीता दास ने केजीएमयू के 100 वर्षो गौरवशाली इतिहास के बारे में बताया। इस अवसर में डीन दंत संकाय प्रो। शादाब मोह मद ने मेडिकोज को अनुशासित रहने और उनके उज्जवल भविष्य की कमाना की। डीन स्टूडेंट वेलफेयर प्रो। जीपी सिंह ने कहा कि क्लास में अनुशासन को बनाए रखें साथ ही अपनी पढ़ाई पर पूरा ध्यान दें, उन्होंने कहा कि क्लासेज में 85 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य है.

खुशनुमा माहौल में पहुंचे छात्र

कलाम सेंटर में शपथ दिलाए जाने के बाद छात्र छात्रओं को फिजियोलॉजी विभाग, बायोकेमेस्ट्री विभाग ले जाया गया। जहां पर फैकल्टी से उनका परिचय कराया। लंच के बाद सभी को एनॉटमी विभाग भी ले जाया गया जहां पर एचओडी प्रो। नवनीत चौहान ने उन्हें टीचर्स से परिचय के बाद एक बुकलेट भी दी गई। बता दें कि पढ़ाई के दौरान करीब 800 घंटे मेडिकोज को एनॉटमी की पढ़ाई करनी होती है।

inextlive from Lucknow News Desk


This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy  and  Cookie Policy.