मस्जिद के इमाम की बेटी बनी पाकिस्‍तान की सबसे तेज धावक

2019-01-02T03:04:57+05:30

पाकिस्‍तान में एक मस्जिद इमाम के रूढि़वादी धार्मिक परिवार से निकली बेटी ने देश भर में अपने पिता और परिवार का नाम रौशन कर दिया है क्‍योंकि वो बेटी बन गई है पाकिस्‍तान की सबसे तेज धावक।

कानपुर। बेटियां किसी भी मामले में बेटों से कम नहीं है, यह बात तो आजकल हमें तमाम मौकों पर सुनने को मिलती है, लेकिन किसी रूढि़वादी परिवार की बेटी अपनी काबिलियत से देश भर में अपने पिता का नाम रौशन कर दे। तो ऐसी बेटी पर तो हर किसी को फक्र होगा। हम बात कर रहे है पाकिस्‍तान की रहने वाली साहिब-ए-असरा की जो बन गई है पाकिस्‍तान की सबसे तेज महिला एथलीट। असरा की कहानी इसलिए सबसे ज्‍यादा खास है, क्‍योंकि उसके पिता मस्जिद के इमाम हैं और जिनके परिवार में इस्‍लाम की तमाम बंदिशें रवायत की तरह चली आ रही हैं।

कैसे बनी देश की सबसे तेज धावक
समाज की तमाम बंदिशों को तोड़कर देश में इस टॉप लेवल रैंक को हासिल करने वाली असरा ने अपनी मेहनत और अपने परिवार के सहयोग से ही यह मुकाम बनाया है। पाकिस्‍तान टुडे की एक रिपोर्ट में असरा की यह मोटिवेशनल स्‍टोरी हम सबके सामने आई है। एक धावक के तौर पर अपनी शुरुआत को लेकर असरा बताती हैं कि सरकारी स्‍कूल में रनर के तौर पर अव्‍वल आने के बाद उनका सिलसिला शुरु हुआ, जो जिला स्‍तर, डिवीजन और स्‍टेट लेवल से होता हुआ राष्‍ट्रीय स्‍तर तक पहुंचा। हाल ही में असरा ने धावक के तौर देश स्‍तर पर अपना सबसे बेस्‍ट परफॉर्मेंस दिया है। जिससे अब वो पाकिस्‍तान की सबसे तेज महिला एथलीट बन चुकी है।

बेटी असरा को हर पल सपोर्ट किया इमाम पिता ने
अपनी बेटी असरा की इस उपलब्धि को लेकर पिता कारी आलम खान बताते हैं कि असरा की एथलीट एक्‍टीविटीज के बारे में उन्‍हें उसके स्‍कूल डेज में ही पता चल गया था। जब उसके टीचर्स ने बताया कि वो दौड़ में बहुत अच्‍छा परफॉर्म कर रही है। इसके बाद मैने असरा को खेलकूद से कभी भी मना नहीं किया। हालांकि तमाम लोगों ने कहा कि बेटी को खेलकूद में मत भेजो। अपने सही निर्णय का परिणाम मैं आज देख रहा हूं कि अब वो नेशनल चैंपियन बन गई है।

 

 

सरकार द्वारा मिलने वाली सुविधाओं को लेकर यह कहना है असरा का
पाकिस्‍तान में खिलाडि़यों को सरकार द्वारा दी जाने वाली कोचिंग और अन्‍य ट्रेनिंग सुविधाओं को लेकर असरा कहती हैं कि यहां की स्थिति तो भारत और बांग्‍लादेश से भी गई गुजरी है। हालांकि असरा अपने पिता के सपोर्ट से काफी खुश हैं। उन्‍होंने अपने पिता से कहा था कि मैं देश के लिए कुछ बड़ा करना चाहती हूं और आज उसने वो कर दिखाया है। जिस पर उनके पिता को सच में गर्व है।

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