जब श्रीलंका को हराने के लिए भारतपाक क्रिकेटर एक टीम में खेले

2019-02-13T09:01:56+05:30

13 फरवरी का दिन क्रिकेट इतिहास में कभी नहीं भूला जाएगा। यह वो दिन था जब क्रिकेट जगत के दो चिरप्रतिद्वंदी टीमों भारतपाकिस्तान के खिलाड़ी एक साथ मिलकर एक टीम से खेले। आइए जानें क्यों हुआ था ऐसा

कानपुर। भारत बनाम पाकिस्तान की क्रिकेट राइवलरी तो वर्ल्ड फेमस है। इनके बीच की भिड़ंत सिर्फ खिलाड़ियों को नहीं फैंस को भी काफी एक्साइटेड करती है। मगर सोचिए दोनों टीमों के खिलाड़ी एक साथ मिलकर एक टीम के लिए खेले, तब क्या होगा? पहली बार सुनने में ये बात भले अजीब लगे लेकिन ऐसा हुआ था 23 साल पहले। साल 1996 की बात है, वर्ल्ड कप शुरु होने में बस दो दिन बाकी थे। सभी मैचों की जगह और तारीख तय हो गई थी। भारत, पाकिस्तान और श्रीलंका की टीमें मिलकर इस विश्व कप को होस्ट कर रही थीं। टूर्नामेंट के कुछ मैच श्रीलंका में खेले जाने थे मगर ऐन वक्त पर ऑस्ट्रेलिया और वेस्टइंडीज क्रिकेट टीम ने श्रीलंका जाने से मना कर दिया। दरअसल उस वक्त श्रीलंका में सिविल वाॅर चल रहा था ऐसे में सुरक्षा के मद्देनजर कंगारु और कैरेबियाई टीम ने वहां खेलने से इंकार कर दिया।
क्यों खेला गया था मैच
वर्ल्ड कप जैसे बड़े आयोजन के लिए यह एक तगड़ा झटका था। विश्व क्रिकेट में श्रीलंका की बदनामी हो रही थी, ऐसे में अपने पड़ोसी देश की लाज बचाने उतरीं भारत और पाक की टीमें। 13 फरवरी 1996 को भारत और पाकिस्तान क्रिकेट टीमों ने मिलकर एक नई टीम बनाई। इसका नाम विल्स इलेवन रखा गया। यह पहला मौका था जब दो चिर-प्रतिद्वंदी टीमों के खिलाड़ी एक साथ मिलकर खेले। इस टीम में भारत और पाकिस्तान के बड़े-बड़े खिलाड़ी शामिल थे। सचिन से लेकर वसीम अकरम और अजहर से लेकर सईद अनवर तक सभी एक टीम में थे। इस टीम का मकसद था दुनिया को दिखाना कि श्रीलंका में खेलने में कोई डर नहीं।
विल्स इलेवन (भारत-पाक) संयुक्त टीम में ये थे 11 खिलाड़ी -
सचिन तेंदुलकर, सईद अनवर, आमिर सोहेल, मोहम्मद अजहरुद्दीन, इजाज अहमद, अजय जडेजा, राशिद लतीफ, वकार यूनुस, वसीम अकरम, अनिल कुंबले और आशीष कपूर।

श्रीलंका के खिलाफ मिलकर खेला मैच

भारत-पाक की संयुक्त टीम जिसका नाम विल्स इलेवन था, इसने 13 फरवरी को कोलंबो के प्रेमदासा स्टेडियम में श्रीलंका के खिलाफ एक वार्म अप मैच खेला। विल्स इलेवन टीम की कमान मोहम्मद अजहरुद्दीन को दी गई थी। अजहर ने टाॅस जीतकर पहले फील्डिंग का निर्णय लिया। श्रीलंका की तरफ से ओपनिंग करने आए जयसूर्या और कलुविथरना। श्रीलंका का जब पहला विकेट गिरा तो दुनिया ने वो पल देखा जो दोबारा कभी नहीं देखा गया। कलुविथरना को वसीम अकरम ने सचिन तेंदुलकर के हाथों कैच आउट करवाया। खैर इसके बाद विकेटों का सिलसिला गिरता गया। भारत और पाक गेंदबाजों ने निर्धारित 40 ओवर में श्रीलंका को सिर्फ 168 रन बनाने दिए। विल्स इलेवन की टीम से सर्वाधिक चार विकेट अनिल कुंबले ने लिए।

अनवर और तेंदुलकर आए ओपनिंग करने

श्रीलंका द्वारा दिए 169 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी विल्स इलेवन की टीम ने सईद अनवर और सचिन तेंदुलकर को ओपनिंग के लिए भेजा। सचिन ने जहां 36 रन बनाए वहीं अनवर 16 रन पर आउट हो गए थे। इसके बाद अजहर (32), अजय जडेजा (28) ने कुछ उपयोगी पारी खेली। अंत में विल्स इलेवन को जीत राशिद लतीफ नाबाद 21 ने दिलाई। भारत-पाक की इस संयुक्त टीम ने ये मैच चार विकेट से जीत लिया।

They won it in 1996 & they'll be back again in 2019! 🇱🇰
Relive the moment @OfficialSLC became champions of the world 🏆#CWC19 pic.twitter.com/byJruoYLJN

— Cricket World Cup (@cricketworldcup) 20 September 2017


फिर भी नहीं खेलने आईं ऑस्ट्रेलिया-विंडीज की टीमें
भारत-पाक के संयुक्त रूप से खेलने के बाद सभी को लगा कि ऑस्ट्रेलिया और वेस्टइंडीज टीमें अपना मन बदल लेंगी, मगर ऐसा नहीं हुआ। इन दोनों टीमों ने श्रीलंका में शेड्यूल कोई भी मैच नहीं खेले। ऐसे में मेजबान श्रीलंका को फायदा हुआ और उन्हें बिना खेले विजेता घोषित कर दिया गया। ऐसे में श्रीलंका के प्वाॅइंट्स काफी बढ़ गए थे। जिसके चलते लीग श्रीलंकाई टीम फाइनल तक पहुंच गई और खिताबी मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया को हराकर विश्व चैंपियन बनी।
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