विराट तो नहीं इंग्लैंड में इन 3 भारतीय कप्तानों ने जरूर जीती है टेस्ट सीरीज

2018-09-03T02:10:44+05:30

भारत बनाम इंग्लैंड के बीच साउथैम्पटन में खेले गए चौथे टेस्ट में भारत को 60 रन से करारी हार मिली। इसी के साथ विराट के हाथों से यह सीरीज भी निकल गई।

कानपुर। भारत और इंग्लैंड के बीच पांच टेस्ट मैचों की सीरीज का चौथा टेस्ट भारत 60 रन से हार गया। इसी के साथ विराट के हाथों से सीरीज भी 1-3 से निकल गई। अब पांचवां टेस्ट ओवल में होगा जहां भारत जीत भी जाए फिर भी सीरीज अपने नाम नहीं कर सकता। यानी कि कप्तान कोहली का इंग्लैंड में टेस्ट सीरीज जीत का सपना अधूरा रह गया। खैर कोहली इंग्लैंड में विराट भले न बन पाए मगर भारत के तीन टेस्ट कप्तान ऐसे हैं जिनके नाम इंग्लैंड में टेस्ट सीरीज जीत का रिकॉर्ड दर्ज है। ईएसपीएन क्रिेकइन्फो के डेटा के मुताबिक, भारत ने इंग्लैंड में अभी तक कुल 18 टेस्ट सीरीज खेली हैं जिसमें सिर्फ 3 में उन्हें जीत मिली जबकि 14 बार हार का सामना करना पड़ा। वहीं एक सीरीज ड्रा रहीं।
अजीत वाडेकर (1971)
भारत बनाम इंग्लैंड टेस्ट क्रिकेट की शुरुआत 1932 में हुई थी। तब भारतीय टीम एक टेस्ट मैच की सीरीज खेलने इंग्लैंड दौरे पर गई थी। तब भारत के पहले टेस्ट कप्तान सीके नायडू ने इस मैच में टीम इंडिया की कमान संभाली थी। हालांकि भारत यह मैच हार गया था मगर पहली जीत के लिए टीम इंडिया को तकरीबन 40 साल लंबा इंतजार करना पड़ा। 1971 में अजीत वाडेकर की अगुआई में भारत ने तीन टेस्ट मैचों की सीरीज खेली। पहले दो मैच ड्रा रहने के बाद भारत के पास आखिरी मैच जीतकर इतिहास रचने का मौका था। भारत के पहले वनडे कप्तान भी रहे अजीत वाडेकर ने इस टेस्ट मैच को हाथ से नहीं जाने दिया। ओवल में खेला गया यह मैच भारत 4 विकेट से जीत गया इसी के साथ सीरीज भी 1-0 से अपने नाम की।

कपिल देव (1986)

इंग्लैंड में भारत को दूसरी टेस्ट सीरीज जीतने के लिए 15 साल और इंतजार करना पड़ा। 1986 में कपिल देव की कप्तानी में टीम इंडिया तीन टेस्ट मैचों की सीरीज खेलने इंग्लैंड गई थी। उस समय इंग्लिश टीम में ग्राहम गूच, एलन लैंब और माइक गेटिंग जैसे धुरंधर थे। इसके बावजूद कपिल एंड टीम ने शानदार प्रदर्शन किया। लॉर्ड्स में खेला गया पहला टेस्ट मैच भारत ने 5 विकेट से जीता, फिर लीड्स में दूसरे टेस्ट में मेजबान इंग्लैंड को 279 रन से मात दी। तीन मैचों की इस सीरीज में भारत 2-0 की अजेय बढ़त बना चुका था, मगर आखिरी मैच भी ड्रा कराकर कपिल देव ने अंग्रेजों का पूरी तरह से सफाया कर दिया था। ऐसा बहुत कम होता है कि इंग्लैंड अपने ही घर में एक भी मैच न जीत पाए। मगर भारत की इस ऐतिहासिक जीत का श्रेय कपिल देव को जाता है।
राहुल द्रविड़ (2007)
दो टेस्ट सीरीज जीतने के बाद तीसरी सीरीज जीत के लिए भारत को फिर 2007 तक इंतजार करना पड़ा। तब टीम इंडिया की कमान राहुल द्रविड़ के हाथों में थी। भारत तीन टेस्ट मैचों की सीरीज खेलने इंग्लैंड गया था। विश्व क्रिकेट में 'द वॉल' नाम से मशहूर राहुल द्रविड़ को उस वक्त कप्तानी का ज्यादा अनुभव भी नहीं था, इसके बावजूद उन्होंने तीन मैचों की यह सीरीज 1-0 से जीतकर इतिहास रच दिया। भारत ने सीरीज के पहले और तीसरे मैच को ड्रा कराया तो वहीं दूसरे मैच में 7 विकेट से जीत दर्ज कर सीरीज अपने नाम की।
विराट के अलावा इंग्लैंड में टेस्ट सीरीज हारने वाले ये हैं 11 भारतीय कप्तान

इन 5 वजहों के चलते साउथैम्पटन टेस्ट ही नहीं सीरीज भी हार गया भारत


This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy  and  Cookie Policy.