मौसम कहीं बारिश व हवाआें का तो कहीं कोहरे का कहर जानें आज का मौसम

2018-11-22T07:01:02+05:30

बंगाल की खाड़ी में बने लो प्रेशर की वजह से दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में बारिश के आसार हैं। वहीं वेस्टर्न डिस्टर्बेंस से मध्य भारत के आसपास के इलाकों में तापमान सामान्य से अधिक रह सकता है। इसके अलावा पूर्वाेत्तर भारत में भी कोहरे की चादर रहेगी। जानें पूरे देश के मौसम का हाल

कानपुर। बंगाल की खाड़ी मेें इन दिनों लो प्रेशर की वजह से दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में हालात गंभीर है।  खाड़ी के दक्षिणपश्चिम मेें बने लो प्रेशर की वजह से तमिलनाडु के तटीय इलाके चपेट में हैं। इसकी वजह से यहां कल कर्इ इलाकों में हवाएं काफी तेज चली आैर बारिश भी हुर्इ। भारतीय मौसम विभाग के मुताबिक आज भी तमिलनाडु, पुडुचेरी के तटीय इलाकों में भारी बारिश के आसार है। आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में, केरल, रायलसीमा के दक्षिणी इलाके आैर दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में अगले दो दिनों में भारी बारिश हाेने की आशंका है।
तापमान सामान्य से ऊपर रहने की संभावना
वहीं इन दिनों वेस्टर्न डिस्टर्बेंस की वजह से भी उत्तर भारत के कुछ इलाकों में स्थितियां उतार चढ़ाव की हैं। बीते कर्इ दिनों से उत्तरी पाकिस्तान में वेस्टर्न डिस्टर्बेंस होने से उससे सटे जम्मू-कश्मीर जैसे इलाके प्रभावित हैं। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक वेस्टर्न डिस्टर्बेंस की वजह से कुछ इलाकाें में धूल भरी हवाएं चल रही हैं। जिससे उत्तर पश्चिमी आैर मध्य भारत के आसपास के इलाकों में अगले 3 से 4 दिन तक तापमान सामान्य के करीब व सामान्य से ऊपर रहने की संभावना है। वहीं पश्चिमी हिमालय में 23 नवंबर से बारिश शुरू हाे सकती है।
पूर्वोत्तर के कर्इ इलाकों कोहरे की चादर चढ़ी
इधर बीते कर्इ दिनों से पूर्वोत्तर के कर्इ इलाकों में कोहरे की चादर चढ़ी है। आज भी असम और मेघालय में सुबह के समय घना कोहरा छाया रहेगा। अगले दो दिनों तक यहां एेसे ही हालात रहेंगे।  इसके अलावा अरूणाचल प्रदेश, नागालैंड, मिजोरम, त्रिपुरा मेें भी अगले 5 दिन तक काेहरे की चादर सुबह चढ़ी रहेगी। यहां ठंडी हवाएं चलने से तापामान में गिरावट होगी।  इसके अलावा देश के अन्य हिस्सों में मौसम शुष्क रहेगा। वहीं अगले 3-4 के दौरान देश के अधिकांश हिस्सों में न्यूनतम तापमान में कोई महत्वपूर्ण बदलाव हाेने के आसार नहीं दिख रहे हैं।

मौसम : चलेंगी तेज हवाएं इन इलाकों में होगी बारिश, मछुआरों को समुद्र में न जाने की चेतावनी

 


This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy  and  Cookie Policy.