अमेरिका में रह रही भारतीय मूल की नेहा गुप्‍ता ने इंटरनेशनल चिल्‍ड्रन पीस प्राइज जीतकर भारत का नाम रोशन किया है. नेहा भारत में रह रहे अनाथ बच्‍चों की मदद कर रही हैं. इस प्राइज के साथ नेहा गुप्‍ता को €100000 की राशि मिली है.


बच्चों की मदद के लिए मिला पुरुस्कारअमेरिका के फिलडेल्िफया में रहने वाली नेहा गुप्ता भारत में रह रहे अनाथ बच्चों की मदद के लिए प्रोग्राम चलाती हैं. इससे पहले यह अवार्ड मलाला युसुफजई को मिल चुका है. गौरतलब है कि नेहा गुप्ता पहली ऐसी अमेरिकन इंडियन हैं जिन्हें चिल्ड्रन पीस प्राइज अवार्ड से सम्मानित किया गया है. नोबेल प्राइज विनर डेसमंड टूटू ने हेग में आयोजित समारोह में नेहा गुप्ता को इस प्राइज से सम्मानित किया. गौरतलब है कि यह प्राइज किसी ऐसे बच्चे को दिया जाता है जो बाल-अधिकारों के प्रति समर्पित हो. नौ साल पहले शुरू हुआ सफर
नेहा गुप्ता ने बाल-अधिकारों के लिए काम करना तब शुरू किया था जब वे स्वयं एक बच्ची थीं. अब से लगभग नौ साल पहले नेहा गुप्ता भारत आईं थीं. अपनी भारत यात्रा के दौरान उन्होंने पारिवारिक समारोह के दौरान अनाथ बच्चों को गिफ्ट देने की प्रक्रिया में भाग लिया. लेकिन इस घटना ने नेहा का जीवन पूरी तरह बदल दिया. इसके बाद नेहा ने अनाथ बच्चों के जीवन को सुधारने का बीड़ा उठाया. बच्चों के लिए बेच दिए सारे खिलौने


इस घटना के बाद अमेरिका पहुंचने पर नेहा गुप्ता ने भारत में रह रहे अनाथ बच्चों की मदद के लिए अपने सभी खिलौने बेच दिए. गौरतलब है कि नेहा के इस कदम को उसके घर के आसपास रह रहे लोगों से काफी सराहना मिली. लोगों ने नेहा के खिलौनों को खरीदने के साथ उसके कदम की काफी तारीफ की. गौरतलब है कि इस एक इवेंट से नेहा को 700 डॉलर्स इकठ्ठा हुए. इसके बाद यह सिलसिला रुका नही और आज नेहा इम्पॉवर ऑर्फन्स नाम से एक वैश्विक चैरिटी संस्थान चलाती हैं जिसने अब तक 1.3 मिलियन डॉलर इकठ्ठा कर चुकी हैं. इस राशि से नेहा बच्चों के लिए किताबें खरीदने, कंप्यूटर लैब इस्टेब्लिश करवाने और उन्हें रोजगार लायक बनाने के लिए काम करती हैं.

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Posted By: Prabha Punj Mishra