बंगाल के हावड़ा डिवीजन में सबसे ज्यादा लेट हो रही हैं ट्रेनें लखनऊ दूसरे स्थान पर

2018-06-14T09:28:28+05:30

बंगाल के हावड़ा डिवीजन में ट्रेनें सबसे ज्यादा लेट होती हैं। इस मामले में अभी लखनऊ दूसरे स्थान पर है।

28 मई से लेकर 3 जून तक की रिपोर्ट
नई दिल्ली (आईएएनएस)।
ट्रेनों की लेट लतीफी ने यूं तो देशभर के यात्रियों को परेशान कर रखा है लेकिन बंगाल का हावड़ा डिवीजन इस मामले में सबसे आगे है क्योंकि यहां सबसे ज्यादा ट्रेनें लेट हो रही हैं। दरअसल इंडियन रेलवे ने 28 मई से लेकर 3 जून तक अपने हर डिवीजन पर समय से पहुंचने वाली ट्रेनों का एक आकड़ा जारी किया है, जिसमें हावड़ा डिवीज़न सबसे खराब परफॉर्मर है। आइये जानें उस अवधि में बाकी डिवीज़नों का क्या हाल रहा।
34 परसेंट ट्रेनें ही समय पर पहुंची
दरअसल, इंडियन रेलवे के नियमों के अनुसार, हरेक डिवीज़न में कम से कम 80 परसेंट ट्रेनों को समय पर पहुंचना अनिवार्य होता है, लेकिन फिलहाल भारतीय रेलवे की कुल समयबद्धता दर लगभग 65 प्रतिशत है, जो अधिकारियों या यात्रियों के लिए ठीक नहीं है। 28 मई से लेकर 3 जून तक किये गए सर्वे में पाया गया कि बंगाल के हावड़ा डिवीजन की हालत लेट लतीफी के मामलों में सबसे खराब है। आकड़ों के मुताबिक, पिछले सप्ताह के अंत तक इस डिवीजन में सिर्फ 34 परसेंट ट्रेनें ही समय पर पहुंची। हावड़ा के बाद लखनऊ डिवीजन लेट लतीफी के मामलों में सबसे खराब परफ़ॉर्मर रहा। तय समय सीमा अवधि के दौरान यहां सिर्फ 39 प्रतिशत ट्रेनें ही समय पर पहुंच पाईं।

भावनगर का सबसे जबरदस्त प्रदर्शन

इसी तरह, दक्षिण पूर्व मध्य जोन का प्रदर्शन भी 44 प्रतिशत के नीचे दर्ज किया गया, वहीं इस अवधि में उत्तर मध्य का परफॉरमेंस 47.5 प्रतिशत तक रहा। हालांकि पिछले सप्ताह भावनगर और सियालदाह डिवीजन ने जबरदस्त परफॉर्म किया। भावनगर में 99.27 फीसदी और सियालदाह में 98.19 प्रतिशत ट्रेनें टाइम पर पहुंची, जो रेलवे कर्मचारी और यात्रियों के लिए बहुत ही अच्छी खबर है।

उत्तरी जोन में मुरादाबाद डिवीजन की भी हालत खराब
3 जून तक दिल्ली डिवीजन का प्रदर्शन 65 फीसदी के नीचे यानी कि 64.64 प्रतिशत रहा, जबकि इसी अवधि के दौरान मुंबई डिवीजन में सिर्फ 55.5 परसेंट ट्रेनें समय पर पहुंची। बता दें कि लखनऊ के बाद उत्तरी जोन के मुरादाबाद डिवीजन में भी ट्रेनें काफी लेट हुईं, तय समय सीमा में यहां सिर्फ 40.14 प्रतिशत ट्रेनें ही समय पर पहुंच पाईं। दक्षिणी जोन में, तिरुवनंतपुरम का प्रदर्शन 45.68 प्रतिशत तक रहा जबकि चेन्नई और पलक्कड़ में 66.4 प्रतिशत और 69.08 प्रतिशत ही ट्रेनें समय पर पहुंची।  
सोनपुर में भी भारी गिरावट
इसके अलावा पिछले हफ्ते पूर्व मध्य जोन के सोनपुर में 44.19 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, वहीँ दानापुर डिवीजन में 67.6 प्रतिशत का प्रदर्शन देखा गया। इसके बाद रेल नेटवर्क का सबसे व्यस्त मार्ग मुगलसराय का प्रदर्शन 55 प्रतिशत से भी नीचे रहा, इस डिवीज़न में सिर्फ 54.72 प्रतिशत ट्रेनें ही समय पर पहुंच पाईं।

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