कुंभ की कहानी कलाकृतियों की जुबानी

2019-02-11T06:00:25+05:30

कुंभ ग्राम में अलग- अलग राज्यों के परिधान और खान पान की वस्तुएं लोगों को लुभा रहीं

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PRAYAGRAJ: यदि आप कहीं घूमने जाते हैं तो चाहते हैं कि आपको एक ही डेस्टिनेशन पर कई सारी चीजें देखने को मिलें। ऐसे में इन दिनो कुंभ मेले के सेक्टर 19 अरैल क्षेत्र में अगल- बगल बसे कला ग्राम और कला कुंभ लोगों के आकर्षण का केन्द्र बने हुए हैं। इन दोनों ही जगहों पर लोगों को भारतीय परंपरा, सभ्यता और संस्कृति के तो दर्शन हो रही रहे है, उनके लिए खरीदारी के साथ खाने- पीने की भी पूरी व्यवस्था की गई है। यही कारण है कि यहां रोज बड़ी संख्या में लोग जुट रहे हैं.

दर्शन को आतुर हैं लोग

पहले बात कला ग्राम की करते हैं। कला ग्राम में इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केन्द्र की ओर से खूबसूरत वैदिक वीथिका, इलाहाबाद संग्राहलय द्वारा महाकुंभ पर प्रदर्शनी, गांधी स्मृति और दर्शन समिति की ओर से मोहनदास से महात्मा पर मनमोहक प्रदर्शनी, ललित कला अकादमी द्वारा सजीव चित्र संगोष्ठी, साहित्य अकादमी द्वारा अकादमी के पुस्तकों की प्रदर्शनी, ट्राईफेड भारत सरकार द्वारा विभिन्न राज्यों की शिल्पकला का प्रदर्शन एवं क्षेत्रीय सांस्कृतिक केन्द्र द्वारा भी शिल्पकला का प्रदर्शन किया गया है। इसके अलावा यहां विभिन्न राज्यों की अलग अलग संस्कृति पर आधारित सुन्दर परिधान लोगों को खूब लुभा रहे हैं। वहीं यहां आने वालों में चुनिंदा जगहों के टेस्टी फूड्स भी चखने को मिल रहे हैं.

जानें कुंभ के अनछुए पहलुओं को

अब बात करते हैं कला कुंभ की। कला कुंभ के बेहद खूबसूरत पंडाल में कुंभ की कहानियों को कलाकृतियों की जुबानी बयां किया गया है। यहां लोगों को पुराने समय के कुंभ और नए जमाने के कुंभ की दुर्लभ तस्वीरें एक साथ देखने को मिल रही हैं। पंडाल के बाहर समुद्रमंथ के दृश्य को दर्शाया गया है। अभिलेखों, पाण्डुलिपियों तथा अन्य प्रमाणिक ग्रन्थों के माध्यम से जनजीवन एवं उसके इतिहास को उकेरने की कोशिश की गई है। यहां पहुंचकर लोग इतिहास को जानने के लिए अभिलेखों का अध्ययन कर रहे हैं.

inextlive from Allahabad News Desk


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