काशी हिंदू विश्वविद्यालय के संग्रहालय ने अंतरराष्ट्रीय संग्रहालय दिवस पर टीपू सुल्तान का शंख प्रदर्शित किया। युद्घ में जीत के बाद 18वीं शताब्दी के इसी शंख से टीपू सुल्तान शंखनाद करता था।


टीपू का शंख 15 इंच लंबा और 10 ऊंचाvaranasi@inext.co.inVARANASI : अंतरराष्ट्रीय संग्रहालय दिवस पर काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के संग्रहालय भारत कला भवन में टीपू सुल्तान के संख को प्रदर्शित किया गया। 18वीं शताब्दी के उत्तरार्द्ध का यह शंख 15 इंच लम्बा तथा 10 इंच ऊंचा है।भारत कला भवन राष्ट्रीय महत्व का संग्रहालयभारत कला भवन के निदेशक प्रो. एके सिंह एवं प्रशासनिक अधिकारी व संयुक्त कुलसचिव (विकास) संजय कुमार ने बताया कि युद्ध के पूर्व तथा विजय होने के उपरान्त शासक टीपू सुल्तान इसी शंख से शंखनाद करता था। उन्होंने बताया कि पुरातात्विक दृृष्टि से भारत कला भवन का राष्ट्रीय महत्व का संग्रहालय है।इस म्यूजियम में 1.05 लाख दुर्लभ चीजें
यहां 1.05 लाख दुर्लभ व महत्वपूर्ण वस्तुएं हैं। उन्होंने बताया कि कला भवन की नींव 1920 में काशी में भारत कला परिषद के रुप में रखी गयी थी। 1950 में यह कमच्छा स्थित परिसर में आरम्भ हुआ। 1962 में वर्तमान में स्थित भारत कला भवन की आधारशिला देश के तत्कालीन प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरु ने रखी थी।100 टॉप यूनिवर्सिटीज में बीएचयू को तीसरी रैंकदुनिया का पहला मिसाइलमैन टीपू सुल्तान


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Posted By: Satyendra Kumar Singh