You Are Your Own Competitor

2016-12-21T08:05:03+05:30

एक ऐसा एरा जिसे हम जेननेक्स्ट कहते हैं एक ऐसा एरा जहां हम मॉडर्निटी को एंज्वॉय कर रहे हैं और एक ऐसा एरा जहां हमें पुराने तौर तरीके अक्सर दकियानूसी लगते हैं। लेकिन फिर भी ऐसी कई पुरानी थ्योरीज हैं जिनके बेसिस पर आप सालों साल काम करके अपनी सक्सेस को एंश्योर कर सकते हैं। अपने 40 साल के करियर में वेटरन फिल्ममेकर सुभाष घई ने कई बेहतरीन फिल्में बनाईं। कुछ ने सक्सेस का स्वाद चखा तो कुछ की चमक बॉक्स ऑफिस पर फीकी रही। लेकिन कुछ थ्योरीज का साथ उन्होंने कभी नहीं छोड़ा। ऐसी ही 10 थ्योरीज के बारे में बात कर रहे हैं बॉलीवुड के शोमैन सुभाष घई।

Unlearn, learn and relearn
जिस तरह से हर नेचुरल फिनोमेना एक साइकिल में काम करता है, उसी तरह ही काम करता है लाइफ का लर्निंग प्रोसेज। हम चीजों को सीखते हैं, भूलते हैं और फिर सीखते हैं। जब हम हर रोज कुछ नया सीखते हैं और सीखने की इच्छा रखते हैं तो जीवन की मुश्किलें आसान होने लगती हैं क्योंकि नए रास्ते खोजने के लिए हम अपनी सीखी हुई हर चीज का इस्तेमाल करते हैं। अगर किसी व्यक्ति को लगता है कि उसे तो सब कुछ आता है और उसकी बदौलत वो सफलता की ऊंचाइयों को छू लेगा तो ये उसकी सबसे बड़ी हार है। जरूरी है कि हम अपनी हर गलती से कुछ सीखें और खुद को बेहतर बनाने की कोशिश करते रहें।

Have full faith in your mentors without questions

लाइफ में हमारे कई मेंटर्स होते हैं, सबसे पहले हमारे माता-पिता, हमारा परिवार, हमारे शिक्षक, हमारे दोस्त, ऑफिस में हमारे सीनियर्स और कलीग्स या कोई भी। हमारे अपने और हमारे वेलविशर्स हमेशा वही एडवाइस देते हैं जो हमारे लिए बेस्ट होती है। आज की जेनरेशन के बच्चे और बड़े भी अक्सर अपनों की बातों को नजरअंदाज कर जाते हैं। लेकिन सच तो यही है कि जिन लोगों से हमें सीखने को मिलता है उन पर हमें बिना किसी शक के बिलीव करना चाहिए। हो सकता है कि उनकी दिखाई गई राह से हमें तुरंत फायदा न हो या लंबे वक्त तक फायदा न हो, लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि उनकी बात गलत है।
Active & applied intelligence is important than knowledge
किसी सŽजेक्ट पर नॉलेज होना अलग बात है और प्रैक्टिकली उसे लाइफ में यूज करना दूसरी बात। जितनी जरूरी पढ़ाई है उतना ही जरूरी है उसका सही इस्तेमाल। आज के दौर में अलग-अलग फील्ड में डिग्रीज हासिल करने का ट्रेंड चल पड़ा है। लेकिन इन डिग्रियों का क्या फायदा जब हमें पता ही नहीं कि हमें किस दिशा में जाना है। देश, सोसाइटी और हमारे वर्क एरिया में क्या चल रहा है और हम उन चीजों को सीखकर और उन्हें लाइफ में एक्चुअली इंप्लाई कर सकते हैं, ये सबसे ज्यादा इंपॉर्टेंट है।
Only wisdom can help you excel for longer term
सक्सेस के मायने हर किसी के लिए अलग हो सकते हैं। आजकल हर किसी में जल्द से जल्द ऊंचाइयां पाने की लालसा है लेकिन मुश्किल होता है उस ऊंचाई पर लंबे वक्त तक बने रहना। सफल होने के लिए हमारा हर मोड़ पर समझदारी से काम लेना सबसे जरूरी है। अक्सर हारने पर या मन का काम न होने पर हम झुंझला जाते हैं और जल्दबाजी में गलत फैसले ले जाते हैं। लेकिन इससे सिर्फ काम बिगड़ते हैं। लंबी रेस का घोड़ा बनना है तो सभी चीजों को ध्यान में रखते हुए फैसले लेने होंगे।
यह भी पढ़ें : बावरे मन के सपने
Patience is big virtue
जीवन में धैर्य के बिना कुछ भी हासिल नहीं किया जा सकता जिसकी आज के युग में बड़ी कमी नजर आती है। बड़ी-बड़ी शख्सियतों को देखें तो ये समझेंगे कि उनकी सफलता के पीछे कितने सालों की कड़ी मेहनत है। बड़े मुकाम पर पहुंचना कुछ महीनों या सालों का काम नहीं। ये लगातार और सही दिशा में की हुई मेहनत का नतीजा होती है। आपके फैसले अगर आपके फेवर में काम नहीं कर रहे हैं तो अपने फैसलों को बदलें लेकिन अपने उद्देश्य को नहीं। उद्देश्य का पीछा न छोड़ते हुए और धैर्य के साथ चलते हुए ही हम मंजिल तक पहुंच सकते हैं।

Work to be better and better

अक्सर हम दूसरों से आगे निकलने की होड़ में रहते हैं जबकि जरूरी तो है खुद से आगे निकलना। अपने पिछले काम से बेहतर और फिर उस काम से बेहतर काम करके ही तो हम आगे बढ़ते हैं। जब हम दूसरों से कंपीट करते हैं तो कहीं न कहीं अपने लक्ष्य से भटक जाते हैं क्योंकि उनके और हमारे लक्ष्य अलग होते हैं। वहीं जब खुद के ही कॉम्पिटीटर बन जाते हैं तो लक्ष्य की तरफ तेजी से बढ़ते जाते हैं। बेहतर बनने के लिए अपना कॉम्पिटीटर होना जरूरी है।
Respect and help others
वो कहते हैं न कि हम जैसा दूसरों के साथ करेंगे या उनके प्रति भावना रखेंगे, वैसा ही हमारे साथ होगा, तो इस बात को बिना भूले ही हमें काम करना चाहिए। कोई व्यक्ति हमसे बड़ा हो या छोटा, उसके प्रति जब हम सम्मान रखेंगे तभी तो हम भी सम्मान के काबिल बनेंगे। किसी की अगर किसी भी तरह से हम मदद कर सकते हैं तो उससे कभी हिचकने की जरूरत नहीं। क्या पता कब हमारी छोटी सी मदद से किसी का बड़ा काम बन जाए।
Stop following sheep mentality
शीप मेंटेलेटी यानि भेड़चाल जिसमें फंसकर अक्सर लोगों के जीवन के उद्देश्य ही ओझल हो जाते हैं। कोई क्या कर रहा है, ये जानने से बेहतर होगा कि हम क्या कर रहे हैं और कैसे। कुछ अलग करने के लिए अलग ही सोचना होगा और वो तभी पॉसिबल होगा जब आप लोगों को फॉलो नहीं करेंगे बल्कि वो काम करेंगे जो आपकी अपनी पसंद का है। अपने टैलेंट, च्वॉइस और पसंद पर किसी और के विचारों को हावी न होने दें। वहीं करें जिस पर आपका दिल भरोसा करता है क्योंकि जब हम अपने दिल की सुनते हैं तो हमारी तरक्की के रास्ते खुलते जाते हैं।
यह भी पढ़ें : कुछ गलत हो तो आवाज उठाना जरूरी है
Be a good human being
एक व्यक्ति केतौर पर अगर आपमें अच्छाई है तो सही मायनों में आपको कई तरह की परेशानियों का सामना करने की शक्तिमिलती है। जब आप दिल से अच्छे होते हैं तो दूसरों में भी अच्छाइयां ही नजर आती हैं। साथ ही किसी भी चीज को देखने का हमारा नजरिया भी पॉजिटिव रहता है। पॉजिटिव अप्रोच के साथ जब आप किसी काम को करते हैं तो उस काम की सफलता निश्चित होती है।
Connect to ancient classics only to be a future
अगर हम आज की जेनरेशन की बात करें तो यूथ को पुरानी बातें और पुरानी सोच काफी हद तक दकियानूसी और बेकार लग सकती हैं जबकि सच तो ये है कि कुछ ऐसी बेसिक चीजें होती हैं जिन्हें कोई भी इंडिविजुअल खुद से अलग नहीं कर सकता है। मॉडर्न साइंस भी हमारे समृद्ध इतिहास से ही जुड़ी हुई। यह एक साइकिल की तरह है जिसे हर किसी को समझना चाहिए।
Subhash Ghai
बॉलीवुड के 'शो मैन' सुभाष घई 24 जनवरी 1945 को नागपुर में पैदा हुए और दिल्ली में पढ़ाई के बाद पुणे के फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया से डिप्लोमा करके 1970 में किस्मत आजमाने मुंबई आए।
सुभाष घई ने कालीचरण,कर्ज, हीरो, कर्मा, सौदागर, राम लखन,खलनायक,परदेस जैसी बेहतरीन फिल्में दर्शकों को दी।
1967 की तकदीर व 1971 में आराधना में छोटे-छोटे रोल में भी दिखाई दिए।
70 के दशक की फिल्मों जैसे उमंग और गुमराह में लीड एक्टर के रोल में थे सुभाष।
सुभाष ने अपनी पहली फिल्म कालीचरण एक डायरेक्टर के तौर पर बनाई थी।
2006 में उन्हें सामाजिक फिल्म इकबाल के लिए राष्ट्रीय सम्मान से भी सम्मानित किया गया। उन्होंने 16 फिल्में लिखीं, जिनमें से 13 हिट हुईं।
Report by : Kratika Agrawal
kratika.agrawal@inext.co.in

Bollywood News inextlive from Bollywood News Desk

 


This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy  and  Cookie Policy.