IPL प्लेऑफ में पहली बार जीती दिल्ली हैदराबाद को हराकर किया बाहर

2019-05-09T10:01:08+05:30

आईपीएल 2019 का एलिमिनेटर मैच बुधवार शाम दिल्ली कैपिटल्स बनाम सनराइजर्स हैदराबाद के बीच खेला गया। इस मैच में दिल्ली ने हैदराबाद को दो विकेट से हराकर क्वालीफाॅयर 2 में जगह बना ली है।

जागरण न्यूज नेटवर्क, नई दिल्ली। दिल्ली की फ्रेंचाइजी ने जब इस सत्र में अपनी टीम का नाम दिल्ली डेयरडेविल्स से बदलकर दिल्ली कैपिटल्स रखा और अपनी जर्सी भी बदली तो किसी ने भी नहीं सोचा था कि ये बदलाव उसकी किस्मत को भी बदल कर रख देंगे। इन बदलाव ने दिल्ली की किस्मत भी बदली और वह ना सिर्फ सात साल बाद प्लेऑफ में पहुंची, बल्कि आइपीएल के इतिहास में पहली बार प्लेऑफ में जीत दर्ज करने में सफल हुई।
पहली बार प्लेऑफ में जीती दिल्ली

दिल्ली ने बुधवार को विशाखापत्तनम में हुए एलिमिनेटर मुकाबले में पिछले बार की विजेता सनराइजर्स हैदराबाद को दो विकेट से हराकर क्वालीफायर-2 में जगह बनाई, जहां शुक्रवार को उसका सामना इसी मैदान पर चेन्नई सुपरकिंग्स से होगा। पहले बल्लेबाजी करते हुए हैदराबाद की टीम ने 20 ओवर में आठ विकेट पर 162 रन बनाए। उसके लिए मार्टिन गुप्टिल ने 19 गेंदों पर एक चौके और चार छक्के की मदद से सर्वाधिक 36 रन बनाए। जवाब में दिल्ली ने 19.5 ओवर में आठ विकेट पर 165 रन बनाकर जीत दर्ज की। दिल्ली की जीत की नींव पृथ्वी शॉ ने रखी, तो उसे जीत की दहलीज पर रिषभ पंत ने पहुंचाया। पृथ्वी ने 38 गेंदों पर छह चौकों और दो छक्कों की मदद से 56 रन बनाए, जबकि रिषभ ने 21 गेंदों पर दो चौकों और पांच छक्कों की मदद से 49 रन की पारी खेली।
पृथ्वी ने की आक्रामक शुरुआत
दिल्ली के सामने लक्ष्य छोटा जरूर था, लेकिन आसान नहीं था। जरूरत थी विश्वास के साथ खेलने की और यही काम किया युवा पृथ्वी शॉ और अनुभवी शिखर धवन (17) की सलामी जोड़ी ने। दोनों ने अपनी टीम को आक्रामक शुरुआत दिलाई। हालांकि, तेज शुरुआत के बाद धवन ने खुद को कुछ संभाला, लेकिन पृथ्वी ने आक्रामक अंदाज बरकरार रखा। इस दौरान पृथ्वी को जीवनदान भी मिला, जब चौथे ओवर में मुहम्मद नबी की गेंद पर बासिल थंपी ने मिडऑफ पर उनका आसान कैच टपका दिया। उस समय पृथ्वी ने सिर्फ 15 रन बनाए थे।
पृथ्वी ने लगाया पहला छक्का
दिल्ली की पारी का पहला छक्का भी पृथ्वी के बल्ले से निकला। पांचवें ओवर की तीसरी गेंद पर लगा यह छक्का दर्शनीय था। भुवनेश्वर कुमार ने ऑफ साइड के बाहर शॉर्ट गेंद की और पृथ्वी ने अपर कट के जरिये गेंद को थर्ड मैन की दिशा दिखा दी। हालांकि, थर्ड मैन पर क्षेत्ररक्षक मौजूद था, लेकिन उसके पास गेंद को छह रन के लिए जाता देखने के अलावा कोई विकल्प नहीं था। पृथ्वी ने भुवनेश्वर की गेंदों पर इस छक्के से ठीक पहले और ठीक बाद में चौके भी जड़े। दिल्ली के 50 रन सिर्फ 34 गेंदों में पूरे हुए। पावरप्ले की समाप्ति के बाद दिल्ली का स्कोर 55 रन था।
हुड्डा का ओवर
दीपक हुड्डा आठवें ओवर में गेंदबाजी करने आए तो पृथ्वी ने उनकी दूसरी ही गेंद को लांगऑन के ऊपर से छह रन के लिए भेज दिया। हालांकि, हुड्डा इस ओवर में धवन को अपनी ऑफ स्पिन के जाल में फंसाने में सफल रहे। हुड्डा की वाइड गेंद को खेलने के लिए धवन क्रीज से आगे निकले और रिद्धिमान साहा ने उन्हें स्टंप कर दिया। धवन ने पृथ्वी के साथ पहले विकेट के लिए 66 रन जोड़े। इसी ओवर में पृथ्वी ने एक रन लेकर 31 गेंदों पर अर्धशतक पूरा किया।
खलील ने दिए दोहरे झटके
खलील अहमद ने 11वें ओवर में दिल्ली को दोहरे झटके दिए। उन्होंने पहले कप्तान श्रेयस अय्यर (08) को विकेट के पीछे साहा के हाथों कैच कराया और फिर पृथ्वी को प्वाइंट पर विजय शंकर के हाथों कैच कराकर चलता किया। पृथ्वी के आउट होने से दिल्ली का स्कोर 11 ओवर में तीन विकेट पर 87 रन हो गया।

राशिद का डबल विकेट मेडन ओवर

अब क्रीज पर रिषभ पंत और कोलिन मुनरो (14) थे। रिषभ ने नबी पर लांगऑन पर छक्का जड़कर अपने इरादे जाहिर किए। कुछ देर बाद मुनरो ने भी थंपी पर छक्का जड़कर अपने हाथ खोले, लेकिन दो गेंद बाद ही राशिद खान ने उन्हें एलबीडब्ल्यू कर दिल्ली का स्कोर चार विकेट पर 111 रन कर दिया। इसी स्कोर पर राशिद ने अक्सर पटेल (14) का विकेट भी झटका। राशिद का यह ओवर पारी का 15वां ओवर था, जो डबल विकेट मेडन रहा।

पंत ने बदला खेल

अंतिम पांच ओवर में दिल्ली को 52 रन की जरूरत थी। पंत और शेरफेन रदरफोर्ड (09) ने अगले दो ओवरों में एक-एक छक्का जड़कर दिल्ली की उम्मीदों को जिंदा रखा। अंतिम तीन ओवर में दिल्ली को 34 रन की जरूरत थी। 18वां ओवर थंपी ने किया, जो टर्निग प्वाइंट साबित हुआ। पंत ने इस ओवर की पहली चार गेंदों चौका, छक्का, चौका और फिर छक्का जड़कर 20 रन जुटाए। इस ओवर में कुल 22 रन बने और दिल्ली के 150 रन भी पूरे हुए।
क्षेत्ररक्षण में डाली बाधा
अंतिम 12 गेंदों पर दिल्ली को 12 रन चाहिए थे, लेकिन 19वें ओवर ने मैच को फिर हैदराबाद की ओर मोड़ा। भुवनेश्वर ने इस ओवर में सिर्फ सात रन दिए और रदरफोर्ड एवं पंत को पवेलियन भेज दिया। आखिरी ओवर में कीमो पॉल और अमित मिश्रा क्रीज पर थे, जबकि गेंदबाजी पर खलील थे। इस ओवर में जब दिल्ली की टीम हैदराबाद के स्कोर से एक रन पीछे थी तो बेहद दिलचस्प घटना घटी। चौथी गेंद पर मिश्रा क्षेत्ररक्षण में बाधा डालने (आब्सट्रेक्टिंग द फील्ड) की वजह से रन आउट हो गए। खलील की गेंद पर वह चूक गए और गेंद विकेट के पीछे साहा के हाथों में चली गई, लेकिन मिश्रा रन लेने के लिए दौड़ पड़े। साहा ने गेंदबाजी छोर के स्टंप की ओर गेंद फेंकी, लेकिन मिश्रा पिच के बीच में आ गए और गेंद उन्हें लग गई। हालांकि, हैदराबाद ने रिव्यू लिया। पहले लगा कि यह विकेट के पीछे कैच आउट के लिए रिव्यू लिया गया है, लेकिन बाद में साफ हुआ कि यह क्षेत्ररक्षण में बाधा डालने के लिए रिव्यू लिया गया था।
दूसरी बार क्षेत्ररक्षण में बाधा
यह आइपीएल इतिहास का दूसरा मौका है जब कोई बल्लेबाज क्षेत्ररक्षण में बाधा डालने की वजह से आउट हुआ। इससे पहले 2013 में पुणे वॉरियर्स के खिलाफ केकेआर के यूसुफ पठान को भी इस तरह से आउट दिया गया था। मिश्रा के आउट होने के बाद अगली गेंद पर चौका जड़कर पॉल ने दिल्ली को जीत दिला दी।
अकेले पड़े गुप्टिल
इससे पहले दिल्ली के कप्तान श्रेयस अय्यर ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। सलामी बल्लेबाज रिद्धिमान साहा (08) को इशांत ने जल्द पवेलियन भेज दिया। लेकिन, दूसरी ओर से गुप्टिल ने अपना आक्रामक अंदाज जारी रखा। पावरप्ले के दौरान हैदराबाद की टीम ने 54 रन बनाए और सिर्फ एक विकेट गंवाया। गुप्टिल ने पावरप्ले में 17 गेंदों में 35 रन बनाए। पावरप्ले के बाद दिल्ली के स्पिनरों ने दबाव बनाया, जिसके कारण गुप्टिल को अपना विकेट गंवाना पड़ा। मनीष पांडे (30) और कप्तान केन विलियमसन (30) ने धीमी पारी खेलकर अपनी टीम को निराश किया। पांडे को कीमो ने चलता किया। कुछ देर बाद ही इशांत ने विलियमसन को पवेलियन भेज दिया। पारी का आखिरी ओवर डालने आए कीमो के इस ओवर में हैदराबाद की टीम 11 रन जोड़ पाई और उसने अपने तीन विकेट गंवा दिए।



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