छेड़छ़ाड़ की तो पब्लिकली होंगे जलील एंटी रोमियो स्क्वायड अब एक्शन में

2019-06-15T12:34:29+05:30

सीएम योगी आदित्यनाथ के आदेशों के बाद कानपुर में फिर एंटी रोमियो स्क्वायड और पिंक चौकी सक्रिय होगी

- रोमियोगिरी की तो ऑनलाइन निकलेगा इज्जत का जुलूस

- सीएम योगी आदित्यनाथ के आदेशों के बाद कानपुर में फिर सक्रिय होगा एंटी रोमियो स्क्वायड और पिंक चौकी

- शोहदों को शर्मशार करने को सार्वजनिक रूप से उठक बैठक करा और उनके वीडियो बना वायरल करेगी पुलिस

kanpur@inext.co.in
KANPUR: शोहदों के 'बुरे' दिन एक बार फिर आने वाले हैं। अगर अब महिलाओं के साथ छेड़छाड़ या कोई ऐसी-वैसी हरकत की तो उनकी इज्जत का जूलूस ऑनलाइन निकाला जाएगा। स्कूल कॉलेज, कोचिंग के बाहर, चौक चौराहों पर महिलाओं के साथ छेड़छाड़ करने वाले शोहदों को पकड़ने के साथ सार्वजनिक तौर पर उनसे उठक बैठक कराना मुर्गा बनवाया जाएगा। ऐसा करते हुए शोहदों का वीडियो बना कर उसे वायरल भी किया जाएगा। जिससे छेड़छाड़ करने वालों को सबक मिल सके।

जीरो टॉलरेंस पॉलिसी
महिलाओं के प्रति अपराध को लेकर सीएम योगी आदित्यनाथ की जीरो टालरेंस नीति के तहत एसएसपी ने सभी थानेदारों और पुलिस अधिकारियों के साथ क्राइम मीटिंग की और शासन की मंशा साफतौर पर बताई। छेड़छाड़ और रेप जैसे मामलों में आरोपी की तुरंत गिरफ्तारी के साथ ही पास्को एक्ट यहां तक कि एनएसए के तहत कार्रवाई की जाएगी। साथ ही ऐसे मामलों की जल्द सुनवाई के लिए उन्हें फास्टट्रैक कोर्ट में भेजा जाएगा। क्राइम मीटिंग में एसएसपी अनंत देव ने एंटी रोमियो स्क्वायड और पिंक चौकी को मजबूत करने और उन्हें ज्यादा एक्टिव करने को कहा।

13 मामले अब फास्टट्रैक में
रेप के ऐसे मामले जिसमें पुलिस पाक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई करती है। उनकी सुनवाई जल्द हो इसके लिए उन्हें फास्टट्रैक कोर्ट भेजा जाएगा। कानपुर जनपद में अभी ऐसे 13 मामलों को चिन्हित किया गया है जिनकी सुनवाई अब फास्टट्रैक कोर्ट में होगी। इसमें नौबस्ता में मौलाना वाला रेप का मामला भी है।

एक्शन मोड में पुलिस-

- बेल पर चल रहे छेड़छाड़ और रेप के आरोपियों के खिलाफ गुंडा एक्ट की कार्रवाई

- महिलाओं के रेप के आदतन आरोपियों के खिलाफ एनएसए की कार्रवाई

- महिला सिपाही और दरोगा की फील्ड में ज्यादा तैनाती

- छेड़छाड़ और रेप के मामलों में तुरंत गिरफ्तारी

- एस-10 के जरिए क्षेत्र में छेड़छाड़ की घटनाओं की निगरानी

- कम्यूनिटी पुलिसिंग के जरिए जागरूकता अभियान


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