चोरी का सामान भी पोस्ट होता है ओलेक्स पर

2014-02-01T10:01:03+05:30

Allahabad ऑनलाइन शॉपिंग प्रिफर करते हैं करते हैं तो यह खबर आपके लिए ही है स्पेशली फ्री एंड पोस्ट करके सामान बेचने की डील कराने वाली साइट्स से तो बिल्कुल बचें कोई भी सामान पसंद आ गया है तो खरीदने से पहले पूरी क्वेरी कर लें अन्यथा आपका पैसा तो जाएगा ही पुलिस के भी चक्कर लगाने पड़ेंगे

ओएलएक्स पर बेच दी चोरी की बाइक
किसी साइट पर विज्ञापन देखकर खरीदारी करने जा रहे हैं तो पूरा वेरीफिकेशन जरूर कर लें। सिर्फ कागज हाथ में होना ही सफिशिएंट नहीं है। कागजात को संबंधित विभाग से वेरीफाई करा लें तो ज्यादा बेहतर होगा। यह हम नहीं बल्कि फ्राइडे को हुआ खुलासा सामने आने के बाद पुलिस का कहना है। ओएलएक्स के चक्कर में कानपुर के युवक का पचास हजार रुपए तो फंस ही गया है बाइक भी हाथ से चली गई है जो उसने साइट पर एड देखकर खरीद ली थी। पुलिस का चक्कर लगाना पड़ेगा, सो अलग।


क्या है ओएलएक्स का काम

पुराने सामानों को ओएलएक्स पर बेच दें। सामान की फोटो क्लिक करें और उसे फ्री में इस साइट पर पोस्ट कर दें। यहां आपको सामान सेल करने के लिए कांटैक्ट नंबर देना पड़ता है। बेसिकली यह दो पक्षों में डील कराने वाली साइट है। साइट पर पड़े एड को देखने वाला वहां दिए गए मोबाइल नंबर पर सम्पर्क करता है और फिर दोनों सामान के बिक्री की डील करते हैं। इस लिहाज से इस साइट का रोल सामानों का फ्री ऑफ कास्ट विज्ञापन करना है। आनलाइन होने के चलते अब यहां भी फ्राड करने वालों के साथ ही चोरों ने भी रीच बनानी शुरू कर दी है।
कौशांबी के एक युवक की थी बाइक
कौशांबी का रहने वाला शुभम जायसवाल 25 नवम्बर को अपनी पल्सर से किसी काम से कर्नलगंज एरिया में आया था। यहां उसकी बाइक उचक्कों ने गायब कर दी। काफी कोशिश के बाद भी बाइक के बारे में कुछ पता न चलने पर उसने कर्नलगंज थाने में बाइक चोरी होने की रिपोर्ट दर्ज करा दी। पुलिस मामले की जांच कर रही थी। इसी बीच कर्नलगंज पुलिस को पता चला कि चोरी गई बाइक कानपुर के किसी सख्श ने खरीद ली है। इसका पता भी उसे तब चला जब वह इंश्योरेंस रीन्यू कराने के लिए पहुंचा। वहां असली मालिक के बारे में पता चला तो उसके पैरों तले से जमीन खिसक गई। उससे सम्पर्क होने के बाद पुलिस ने ओएलएक्स के जरिए चोरी की बाइक बेचा जाना पता चला। पुलिस को बाइक बेचने वाले का नंबर मिल गया तो उसने सर्विलांस के सहारे युवक को ट्रेस करना शुरू किया। एसएसपी के आदेश पर इसमें क्राइम ब्रांच भी लगी थी। मेहनत रंग लाई और लल्ला चुंगी के पास बेचने वाला पुलिस के हत्थे चढ़ गया।
52 हजार में बेची थी चोरी की बाइक
चोरी की बाइक बेचने का आरोपी अभिषेक पाण्डेय मूलरूप से भदोही जिले के गोपीगंज का रहने वाला है। उसने पुलिस को बताया कि टीवी पर आने वाले विज्ञापन को देखकर उसे चोरी की बाइक का एड ओएलएक्स पर पोस्ट करने का आइडिया आया। एड देखकर कानपुर के एक युवक ने उससे बाइक खरीदने की इच्छा जाहिर की। इसके बाद दोनों मिले और बाइक भी दिखाई गई। बाइक की कंडीशन के आधार पर फाइनली सौदा 52 हजार रुपए में तय हुआ और अभिषेक ने उसे बाइक बेच दी।



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