ज्वाइंट सेक्रेटरी निकले मास्टर माइंड

2013-12-13T12:04:03+05:30

DEHRADUN सचिवालय सीडी और साजिश के खेल में थर्सडे को एक और बड़ा खुलासा हुआ यह खुलासा न केवल हैरान करने वाला है बल्कि बेहद सनसनीखेज भी पुलिस के मुताबिक सचिवालय में यूनियन के दो बार अध्यक्ष रहे ज्वाइंट सेके्रटरी सुमन सिंह वाल्दिया ही वह शख्स है जिसके आइडिया पर जेपी जोशी की अश्लील सीडी तैयार की गई सारा खेल नौकरी में प्रमोशन को लेकर था जो बाद में ब्लैकमेलिंग में तब्दील हो गया वाल्दिया को गिरफ्तार कर लिया गया है और फ्राइडे को कोर्ट में पेश किया जाएगा

रिमांड पर मिली कई जानकारी
दो दिन के लिए पुलिस रिमांड पर लिए गए सपा नेता और जेपी जोशी को ब्लैकमेल करने के आरोपी नीरज चौहान ने बड़ा खुलासा किया। उसने मामले की जांच कर रही पुलिस टीम को सुमन सिंह वाल्दिया का नाम बताकर चौंका दिया। ऐसा इसलिए कि वाल्दिया के आइडिया पर ही जोशी की नैनिताल में अश्लील सीडी तैयार की गई थी। इसके पीछे ब्लैकमेलिंग का नहीं, बल्कि नौकरी में प्रमोशन पाने का खेल था। उद्देश्य यह था कि सीडी चैनल पर प्रसारित होते ही जोशी का प्रमोशन रुक जाएगा और वाल्दिया प्रमोट होकर अपर सचिव बन जाएंगे। पर रुपए के लालच में तथाकथित मीडियाकर्मियों ने वाल्दिया को ठेंगा दिखा दिया।
डीजीपी ने दी जानकारी
थर्सडे देर शाम प्रेस कांफ्रेंस करते हुए प्रदेश के पुलिस मुखिया ने बताया कि ब्लैकमेलिंग के आरोपी नीरज चौहान ने रिमांड के दौरान सुमन सिंह वाल्दिया की भूमिका का खुलासा किया। बीते माह शासन में हुए प्रमोशन प्रक्रिया में वाल्दिया को इस बात का अंदेशा था कि जेपी जोशी का प्रमोशन हो जाएगा और उसका नहीं। महज जोशी का प्रमोशन रोकने के लिए उसने ब्लैकमेलिंग की आरोपी लड़की के साथ मिलकर सीडी तैयार करने का तानाबाना रचा।
काम नही आया शातिर दिमाग
सीडी तैयार होने तक सुमन सिंह वाल्दिया ने जैसा सोचा था वैसा होता गया, लेकिन बाद में कहानी ने यू टर्न ले लिया। अब सीडी न्यूज चैनल के हाथ में थी। सीडी हाथ में आते ही उन्होंने वाल्दिया को ठेंगा दिखा दिया। अब मामला सीधे तौर पर ब्लैकमेलिंग का बन गया और जेपी जोशी से रुपए की मांग की जाने लगी। तीन करोड़ दे पाना जेपी जोशी के वश की बात नहीं थी, इसलिए डील तय नहीं हो पाई। इस दौरान प्रमोशन की प्रक्रिया भी पूरी हो गई और जेपी जोशी अपर सचिव बन गए। ब्लैकमेलिंग के जरिए मोटी रकम पाने की उम्मीद में बैठे तथाकथित पत्रकारों ने देखा कि कोई दांव काम नहीं कर रहा तो उन्होंने इसे चैनल पर दिखाना शुरू कर दिया, जिसके बाद जोशी को यौन शोषण के आरोप में जेल जाना पड़ा।
ऋतु कंडियाल ने कराई थी मुलाकात
कांग्रेस से बाहर का रास्ता दिखा दी गई ऋतु कंडियाल का नाम एक बार फिर से पूरे खेल में उभर कर सामने आया। डीजीपी के मुताबिक ऋतु ने ही सुमन सिंह वाल्दिया और लड़की की मुलाकात करीब दो वर्ष पूर्व कराई थी। तब से दोनों का आपस में करीबी संबंध रहा है। वाल्दिया ने युवती और उसके तथाकथित मीडिया साथियों के साथ मिलकर सीडी तैयार करने का प्लान रचा। कंडियाल को पूरी जानकारी थी कि इस पूरे खेल में कब और क्या-क्या हो रहा है। पुलिस के अनुसार फेसबुक पर खुद को पाक-साफ बताने वाली ऋतु का चेहरा अब बेनकाब हो चुका है।
19 नवंबर को दिन भर हुए मैसेज
पुलिस के मुताबिक 20 नवंबर की जिस रात नैनिताल में सीडी तैयार की गई उससे महज एक दिन पहले 19 नवंबर को सुमन सिंह वाल्दिया और ब्लैकमेलिंग की आरोपी लड़की के बीच पूरे दिन मैसेज चलते रहे। ये मैसेज हर एक घंटे के अंतराल पर किए गए। इसके अलावा 20 को भी दोनों के मोबाइल फोन पर दो मैसेज के जरिए बातचीत की गई। सभी मैसेज और कॉल्स का पूरा डाटा पुलिस के पास उपलब्ध है। डीजीपी ने बताया कि पुलिस जो भी एक्शन ले रही वह साइंटिफिक एविडेंस पर आधारित है। गिरफ्तारी से पहले उन हर तथ्यों पर विशेष गौर किया जा रहा है, जिससे आरोपियों को कोर्ट से किसी तरह की मोहलत न मिल सके।
पुलिस से भाग रही है ऋतु
डीजीपी बीएस सिद्धू ने कहा ऋतु कंडियाल जिस तरह पुलिस से भाग रही है, वह उसके लिए ठीक नहीं है। हाईकोर्ट ने भी ऋतु की अग्रिम जमानत की अर्जी को खारिज कर दिया है। अगर वह खुद पुलिस के पास आकर अपने बयान दर्ज कराती है तो ठीक है, नहीं तो पुलिस उसे कहीं न कहीं से ढूंढ निकालेगी। कंडियाल सीडी तैयार कराने से लेकर जोशी से रुपए मांगने तक में शामिल रही है। मामले की जांच चल रही है अभी इसमें ब्लैकमेल के खेल के मास्टर माइंड मीडियाकर्मी और अमित गर्ग की गिरफ्तारी शेष है। माना जा रहा है दोनों की अरेस्टिंग के बाद ऋतु की भूमिका और भी साफ हो जाएगी।
हाईकोर्ट ने दिया एक सप्ताह का समय
अपर सचिव (सस्पेंड) जेपी जोशी को ब्लैकमेल करने की आरोपी लड़की को हाईकोर्ट ने तगड़ा झटका देते हुए सरेंडर करने के लिए एक सप्ताह का समय दिया है। युवती ने कोर्ट में अग्रिम जमानत की अवधि को आगे बढ़ाने के लिए याचिका डाली थी, जिसे कोर्ट ने रिजेक्ट कर दिया। अब उसे एक सप्ताह के अंदर कोर्ट में सरेंडर करना होगा। अगर ऐसा नहीं हुआ तो लोअर कोर्ट उसके खिलाफ नॉन बेलेबल वारंट जारी कर सकती है। उधर, बेल के लिए राजधानी स्थित सेशन कोर्ट में जेपी जोशी के अधिवक्ता द्वारा डाली गई एप्लीकेशन पर थर्सडे को भी सुनवाई नहीं हो सकी। अब फ्राइडे को जोशी के बेल एप्लीकेशन पर निर्णय होने की संभावना है।
आई-नेक्स्ट ने किया था खुलासा  
आई-नेक्स्ट ने एक बार फिर अपनी तथ्यात्मक रिपोर्टिंग का लोहा मनवाया। आई-नेक्स्ट ने थर्सडे के अंक में ही इस बात का खुलासा कर दिया था कि सेक्स स्कैंडल के पीछे एक सचिवालयकर्मी का ही हाथ है। खबर सच निकली और डीजीपी बीएस सिद्धू ने भी थर्सडे देर शाम इस खबर पर मुहर लगा दी। डीजीपी के अनुसार अभी इस मामले में कई तथ्यों की बारीकी से जांच की जा रही है। कई अन्य की भूमिका भी संदिग्ध है।


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