जूना अखाड़े ने सबसे पहले पेशवाई निकालकर कुंभ मेला क्षेत्र में किया प्रवेश

2018-12-26T06:00:37+05:30

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PRAYAGRAJ: संगम की रेती पर आयोजित होने वाले कुंभ मेला की तैयारियां तो पहले से चल रही हैं। मंगलवार को इसकी औपचारिक शुरुआत भी हो गई। सबसे पहले और सबसे बड़े अखाड़े के रूप में मान्य श्री पंच दशनाम जूना अखाड़ा की पेशवाई शाही अंदाज में निकलकर मेला क्षेत्र स्थित सेक्टर सोलह में बने शिविर में पहुंची। पेशवाई निकलने से पहले यमुना बैंक रोड स्थित मौज गिरि मंदिर में पेशवाई में शामिल होने पहुंचे नागा संन्यासियों व संत- महात्माओं को प्रसाद के रूप में खिचड़ी व दही के साथ पापड़ व अचार वितरित किया गया.

भगवान दत्तात्रेय का पूजन
मौज गिरि मंदिर में अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर पीठाधीश्वर स्वामी अवधेशानंद महाराज, अखाड़े के संरक्षक महंत हरी गिरि व जगद्गुरु स्वामी पन्चानंद गिरि की अगुवाई में अखाड़े के आराध्य देव भगवान दत्तात्रेय का पूजन- अर्चन किया गया। चांदी के बहुपात्रों से भगवान की आरती उतारी गई। इस दौरान मंदिर परिसर भगवान भोलेनाथ के जयकारों से गूंजता रहा.

सोने के सिंहासन पर विराजे दत्तात्रेय

पेशवाई निकालने से पहले मंदिर परिसर में भव्य रथ पर सबसे आगे सोने के सिंहासन पर आराध्य देव भगवान दत्तात्रेय की प्रतिमा को रखा गया.

स्वामी अवधेशानंद महाराज आकर्षक हंस रथ में सवार हुए

ट्रैक्टर पर रखे चांदी के हौदे पर अखाड़े के दो दर्जन संत- महात्मा और महामंडलेश्वर सवार होकर निकले

बीच में डीजे की धुन पर हर- हर महादेव व गंगा मैया जय के जयकारे की धुन बज रही थी.

पेशवाई में सैकड़ो वाहनों का काफिला शामिल रहा.

पेशवाई मार्गो पर चलते हुए दर्जनों हाथी, घोड़ा व ऊंट आकर्षण का केन्द्र बिन्दु रहे.

दिखाया हैरतअंगेज करतब
पेशवाई का मुख्य आकर्षण अखाड़े के नागा संन्यासी रहे। ये पेशवाई मार्गो के दोनों ओर खड़े आम जनमानस को अपने हैरतअंगेज करतबों से आकर्षित करते रहे। हाथों में त्रिशूल, भाला व तलवार लेकर नागा संन्यासियों ने अपना करतब दिखाया। जगह- जगह जनमानस से संत- महात्माओं, नागा संन्यासियों व महामंडलेश्वरों का माल्यार्पण कर स्वागत किया। लोगों ने चांदी के हौदे पर सवार होकर चल रहे महामंडलेश्वरों पर पुष्प वर्षा की। इस दौरान रास्ते भर संत- महात्माओं के द्वारा हर- हर महादेव का जयकारा लगाया जाता रहा.

माल्यार्पण कर किया स्वागत
जूना अखाड़े के साथ ही अग्नि अखाड़े की पेशवाई पूरी भव्यता के साथ निकाली गई। इसकी अगुवाई स्वामी कैलाशानंद सरस्वती कर रहे थे। दोनों अखाड़ों की पेशवाई जब आगे- पीछे होकर मौज गिरि मंदिर से निकल मिंटो पार्क चौराहे पर पहुंची तो वहां अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेन्द्र गिरि ने अन्य पदाधिकारियों की अगुवाई में संत- महात्माओं का माल्यार्पण कर स्वागत किया। पेशवाई मिंटो पार्क चौराहे से इलाहाबाद डिग्री कालेज रोड, फिर नए यमुना ब्रिज के नीचे से होकर परेड ग्राउंड में पहुंची। वहां से संगम पुलिस चौकी, त्रिवेणी मार्ग होते हुए त्रिवेणी पाण्टून पुल से होकर अपने- अपने शिविरों में पहुंची.

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नागा सन्यासी बने पेशवाई का हिस्सा

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ट्रैक्टर पर रखा गया था चांदी का हौदा, प्रत्येक पर थे सन्यासी व महामंडलेश्वर

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किलोमीटर लम्बा था पेशवाई जुलूस

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हाथी शामिल हुए पेशवाई जुलूस में

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ऊंट व इतने ही घोड़े भी शामिल हुए

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किलोमीटर तक चलकर पहुंचे कुंभ एरिया

inextlive from Allahabad News Desk


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