रंजन गोगोई बने देश 46वें चीफ जस्टिस 24 की उम्र में शुरू किया था कानून का सफर

2018-10-03T13:00:10+05:30

जस्टिस रंजन गोगोई ने चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया भारत के मुख्य न्यायाधीश के रूप में आज शपथ ली। रंजन गोगोई को राष्ट्रपति ने शपथ दिलाई।आइए जानें उनके जीवन के इस सफर के बारे में

नई दिल्ली (पीटीआई / आईएएनएस)। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने आज बुधवार को भारत के 46वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ ली। 63 वर्षीय जस्टिस रंजन गोगोई को राष्ट्रपति भवन के दरबार हॉल में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने शपथ दिलाई।  ऐसे में वह 13 महीने 15 दिनों तक का भारत के चीफ जस्टिस के रूप में कार्यभार संभालेंगे। वह 17 नवंबर, 2019 को सेवानिवृत्त होंगे। रंजन गोगोई से पहले चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया दीपक मिश्रा इस पद को संभाल रहे थे।
23 अप्रैल, 2012 को सुप्रीम कोर्ट के जज बने
18 नवंबर, 1954 को जन्में रंजन गोगोई 1978 में वकील के रूप में रजिस्टर्ड हुए थे। उन्होंने  कराधान और कंपनी मामलों पर गुवाहाटी हाईकोर्ट में प्रैक्टिस की थी। इसके बाद वह 28 फरवरी 2001 को गुवाहाटी हाईकोर्ट के परमानेंट जज बने। गोगोई का 9 सितंबर, 2010 को उनका पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में स्थानांतरण हुआ। 12 फरवरी, 2011 को वह पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस नियुक्त किए गए। इसके बाद 23 अप्रैल, 2012 को सुप्रीम कोर्ट के जज बने थे।

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