-कुंभ के दौरान एसटीपी, सीईटीपी के संचालन और टेनरी वेस्ट को गंगा में गिरने से रोकने में नाकामी के बाद कार्रवाई

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KANPUR : आखिरकार वेडनेसडे को 'गंगा के गुनहगारों' पर कार्रवाई हुई। कुंभ के दौरान और बाद में भी गंगा में टेनरी वेस्ट रोकने में नाकाम पाए गए रीजनल ऑफिसर घनश्याम और सहायक पर्यावरण अभियंता डॉ। अनिल माथुर को बोर्ड के प्रेसीडेंट जेपीएस राठौर ने सस्पेंड करने का फरमान सुना दिया। दोनों ही अधिकारियों को काम में लापरवाही करने का दोषी माना गया। बता दें कि दैनिक जागरण आई नेक्स्ट ने लगातार गंगा में गिरने वाले टेनरी वेस्ट की पोल खोली थी।

छबीलेपुरवा बनी बड़ी वजह

पंपिंग स्टेशन-1 छबीलेपुरवा, जाजमऊ से जुड़ी 27 टेनरियों से सबसे ज्यादा वेस्ट गंगा में गिर रहा था। इन टेनरियों को कुंभ के दौरान भी खुलने की परमीशन दी गई थी। लेकिन इनके द्वारा ही क्षमता से अधिक टेनरी वेस्ट गंगा में छोड़ा जाता रहा। वहीं बंदी के बाद भी अवैध रूप से टेनरियों का संचालन किया जाता रहा। जिला प्रशासन, पुलिस और पॉल्यूशन बोर्ड की टीम भी इस पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं कर सके।

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विभागीय जांच भी की जाएगी

रीजनल ऑफिसर घनश्याम और डा। अनिल कुमार माथुर को लखनऊ अटैच कर दिया गया है। इसके साथ ही दोनों पर विभागीय जांच भी बैठाई गई है। मुख्य पर्यावरण अधिकारी डा। बृज बिहारी अवस्थी को जांच सौंपी गई है।

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टेनरी बंदी पर प्रभावी कार्रवाई और कार्य में लगातार बरती गई लापरवाही के चलते दोनों अधिकारियों को सस्पेंड किया गया है। गंगा में गंदगी को किसी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

-आशीष तिवारी, सदस्य सचिव, यूपी पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड

Posted By: Inextlive