बिकिनी डे 72 साल की हुई यह टू पीस ड्रेस आज भी लोगों की पसंद में है टाॅप पर

2018-07-05T08:48:03+05:30

बिकिनी ड्रेस महिलाओं के बीच काफी पाॅपुलर मानी जाती है। खास बात तो यह है कि 5 जुलाई को बिकनी डे के रूप में मनाया जाता है। आइए जानें इस आज इस खूबसूरत ड्रेस के बारे में

फ्रेंच इंजिनियर 'लुईस रियर्ड' ने बनाया था
कानपुर। बिकिनी ड्रेस बेहद पाॅपुलर है। आज स्विमिंग पुल से लेकर खेल के मैदान तक यह देखी जा सकती है। यह ड्रेस पहनने में बेहद आराम दायक होती है। हिस्ट्री डाॅट काॅम वेबसाइट के मुताबिक बिकिनी को फ्रेंच इंजिनियर 'लुईस रियर्ड' ने बनाया था।
बिकिनी 5 जुलाई 1946 को प्रदर्शित हुई
फ्रेंच इंजीनियर 'लुईस रियर्ड' की बनाई बिकिनी 5 जुलाई 1946 को प्रदर्शित हुई थी। वहीं इस ड्रेस का नाम भी बिकिनी अटाॅल नाम की एक जगह  के नाम पर रखा गया था।बिकिनी अटाॅल वह जगह थी जहां पर उस समय अटोमिक बम की टेस्‍टिंग हो रही थी।

'मिशेलिन बर्नार्डिनी'  ने पहनी थी बिकिनी

'लुईस रियर्ड'  ने जब इस ड्रेस को तैयार किया था तो उस समय उन्हें एक ऐसी माॅडल की तलाश थी कि जो इस टू पीस ड्रेस को पहन सके। ऐसे में उन्होंने पेरिस  मॉडल 'मिशेलिन बर्नार्डिनी'  को यह ऑफर दिया। बर्नार्डिनी' ने भी उसे स्वीकार कर लिया था।

कई बड़े अखबारों की हेडलाइन बन गई थी

टू पीस ड्रेस बिकिनी प्रदर्शित होने से पहले ही चर्चा में थी। वहीं 'लुईस रियर्ड'  को भी भरोसा था कि यह काफी पसंद की जाएगी।पेरिस की  'मिशेलिन बर्नार्डिनी'  का बेझिझक 5 जुलाई  को बिकिनी ड्रेस पहनना कई बड़े अखबारों की हेडलाइन बनी थी।

50,000 प्रशंसकों ने पत्र लिखकर भेजे थे

पेरिस की मॉडल 'मिशेलिन बर्नार्डिनी'  के बिकिनी  पहनने के बाद लोगों ने उन्हें हाथाें हाथ लिया था। खास कर पुरुषों को तो यह कुछ ज्यादा ही पसंद आई थी। बिकिनी प्रदर्शन के बाद बर्नार्डिनी को लगभग 50,000 प्रशंसकों के पत्र प्राप्त हुए थे।
बिकिनी को पाॅपुलर बनाना एक बड़ा टाॅस्क था
लुईस रियर्ड का कहना था इसे पॉपुलर बनाना किसी एटम बम को उतारने से कम नहीं था। बिकिनी से पहले डिजाइनर हेम का एटम का स्‍माल बॉथिंग शूट चलन में था। ऐसे में जब बिकिनी आई तो बाथिंग शूट से भी छोटी होने की वजह से ज्यादा पसंद की गई।
कुछ देशों में शुरू में इस पर बैन लगा था
शुरुआत में कुछ कारणों से इटली समेत कुछ देशों में इस पर बैन लगा था। हालांकि कुछ समय बाद इस पर से बैन हटने के बाद 1950 में यह तेजी से चलन में आई। 1960 में अमेरिका में भी इस पर से बैन हट गया और यह ड्रेस काफी पसंद की जाने लगी थी।

वक्त के साथ इसका चलन बढ़ने लगा

शुरू में  बिकिनी सिर्फ तैराकी के लिए पहनी गई लेकिन वक्त के साथ इसका चलन बढ़ने लगा। सी बीच से लेकर यह रैंप वाॅक तक पहनी जाने लगी। ब्यूटी कांटेस्ट जैसी प्रतियोगिताओं में भी यह पहनी जाने लगी। गर्मियों में आराम मिलने से यह लोकप्रिय हो गई।
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