'हम हिंदुस्तानी' से अपने बॉलीवुड करियर की शुरुआत करने वाले एक्टर संजीव कुमार का आज जन्मदिन है। इस मौके पर चलिए जानते हैं संजीव के परिवार के उस श्राप के बारे में जिसकी वजह से उनके परिवार के मर्द 50 साल से अधिक उम्र तक जीवित नहीं रह सकते थे।


कानपुर। संजीव कुमार का असली नाम है हरीभाई जरीवाला पर बाद में इनका नाम संजीव पड़ गया। संजीव वे अपने बॉलीवुड करियर की शुरुआत बी ग्रेड की एक्शन फिल्मों से की। अपने पहले स्क्रीन टेस्ट में वो फेल भी हुए थे।- पहले स्क्रीन टेस्ट में फेल होने के बाद भी संजीव कुमार ने 1960 में फिल्म 'हम हिंदुस्तानी' में काम किया। संजीव ने अपने करियर की बतौर लीड एक्टर पहली फिल्म 1965 में की थी जिसका नाम था 'निशान'।


- 1968 में संजीव ने उस समय के सुपर स्टार रहे दिलीप कुमार के साथ फिल्म 'संघर्ष' में अभिनय किया। संजीव को उनके बेहतरीन अभिनय के लिए पहचाना जाने लगा जब 1970 में  उन्होंने फिल्म खिलौना की थी। फिल्म में संजीव दिमागी तौर पर बीमार दिखाए गए हैं और लोगों को उनकी ये एक्टिंग खूब पसंद आई। - संजीव को दो नेशनल अवॉर्डों से सम्मानित किया जा चुका है। फिल्म 'दस्तक' और 'कोशिश' में उन्हें बेस्ट एक्टिंग परफॉर्मेंस के लिए नेशनल अवॉर्ड से नवाजा गया। इसके बाद उन्होंने एक फिल्म की जिसमें मूक और बधिर इंसान की भूमिका में दिखे थे और लोगों का दिल जीत लिया था।

- संजीव ने भले ही हिंदी फिल्मों में खूब नाम कमाया हो पर उन्होंने पंजाबी भाषा में भी फिल्में की हैं। पंजाबी भाषा में संजीव ने फिल्म 'फौजी चला' में अभिनय किया। मजे की बात ये है कि संजीव के जन्मदिन पर ही उनके प्रिय मित्र सत्रुघन सिन्हा की वेडिंग एनिवर्सरी होती है। यहां तक की कई बार दोनों ने ये दिन साथ में ही सेलीब्रेट किया है। - संजीव कुमार को अपने परिवार को लेकर एक बात हमेशा खटकती थी। उन्हें लगता था कि उनकी फैमिली में सभी मेल सदस्यों को ये श्राप मिला है कि वो 50 साल से ज्यादा नहीं जी सकते। वहीं संजीव कुमार का निधन भी 50 की उम्र के आसपास ही हुआ था। - संजीव कुमार के बारे में ये बात हमेशा मानी जाती रही को वो एकट्रएस हेमा मालिनी से हमेशा से प्यार करते रहे। मिड डे की रिपोर्ट के मुताबिक बाद में वो सुलक्षणा पंडित के साथ रिलेशनशिप में रहे पर निधन के वक्त वो अकेले और कुंवारे ही रहे।  

- संजीव कुमार के निधन के बाद उनकी एक या दो नहीं ब्लकि 10 रुकी हुई फिल्में रिलीज हुईं। इनमें से एक फिल्म थी 'प्रोफेसर की पडो़सन' जो साल 1993 में रिलीज हुई थी। फिल्म के फर्स्ट हाफ में तो संजीव का काफी काम था पर सेकंड हाफ में ज्यादा रोल नहीं था। - संजीव ने बॉलीवुड में अपने अभिनय को जितना भी वक्त दिया उस छोटे से समय में वो मिसाल बन गए। फिर 6 नवंबर, 1985 को उनका दिल का दौरा पड़ने से अचानक निधन हो गया। जानें क्यों नीतू लिखती थीं पति ऋषि कपूर की गर्लफ्रेंड को लवलेटर, गजब है इनकी लव स्टोरीअपने बर्थडे पर रणवीर सिंह पांच साल पहले बने थे 'लुटेरा', खुद को दिया ये शानदार तोहफा

Posted By: Vandana Sharma