4G से लेकर 7G तक हर मुश्किल सवाल का जवाब मिलेगा यहां!

2018-10-16T08:45:49+05:30

सवाल : भारत में कब लॉन्‍च होगी 5जी सर्विस?
जवाब : साल 2020 में भारत में 5जी सर्विस शुरु होने की पूरी उम्‍मीद है। इस दिशा में लगातार काम चल रहा है। इसी दिशा में नोकिया ने बैंगलुरु में अपना एक R&D सेंटर खोला है, जो 2020 तक भारत में 5जी नेटवर्क लॉंच कर देगा। वैसे बता दें कि चीन, साउथ कोरिया, जापान और चिली भी 2020 तक 5जी सर्विस लॉन्‍च करने में पूरी तरह जुटे हैं।

सवाल : कौन सा 4जी स्‍मार्टफोन को अपडेट करने से 5जी में बदल जाएगा?
जवाब : ऐसा पॉसिबल नहीं है। स्‍मार्टफोन को अपडेट करने से सिर्फ उसका सॉफ्टवेयर अपग्रेड होगा, ना कि उसका हार्डवेयर। 5जी नेटवर्क से जुड़ने के लिए स्‍मार्टफोन के ट्रांसमीटर समेत सभी जरूरी डिवाइसेस को 5जी कम्‍पैटिबल होना जरूरी है।

सवाल : Annual 5g India congress 2018 का आयोजन किस शहर में हुआ था?
जवाब : अप्रैल 2018 में यह आयोजन राष्‍ट्रीय राजधानी नई दिल्‍ली में हुआ था।

सवाल : Moto 3rd generation mobile क्‍या 5जी सपोर्ट करता है?
जवाब : Moto 3rd generation mobile सिर्फ 3जी और 4G-LTE को सपोर्ट करता है।

सवाल : अमेरिका में कौन सा नेटवर्क चलता है 4g 5g 6g 7g 8g
जवाब : अमेरिका में फिलहाल 3जी और 4जी मोबाइल नेटवर्क इस्तेमाल होता है। यहां ज्‍यादातर यूजर्स 4जी पर शिफ्ट हो चुके हैं। इसलिए टेलीकॉम कंपनियां 3जी नेटवर्क सपोर्ट लगभग खत्‍म कर रही हैं। दूसरी ओर अक्‍टूबर 2018 के पहले हफ्ते में ही अमेरिकी कंपनी वेरिजॉन ने देश के कुछ शहरों में सीमित स्‍तर पर 5जी सर्विस लॉन्‍च की है। यह 5जी सर्विस का दुनिया का पहला कमर्शियल लॉन्‍च माना जा रहा है।

सवाल : क्‍या है 3जी, 4जी और 5जी, इनकी स्‍पीड में क्‍या है अंतर?
जवाब:

3G: 3जी वायरलेस कम्‍युनीकेशन की दुनिया में थर्ड जनरेशन तकनीक के नाम से जानी जाती है। जो साल 2001 में पहली बार दुनिया में लॉन्‍च हुई थी। इसमें डाटा ट्रांसफर की गति 144kbps से बढ़कर 2 एमबीपीएस तक पहुंची गई। इस तकनीक द्वारा वाइस कॉलिंग के साथ ही हाई स्‍पीड इंटरनेट और वीडियो कॉलिंग की सुविधाएं मिलना शुरु हुईं।

4G: इसे फोर्थ जनरेशन वायरलेस तकनीक के साथ ही 4G-LTE (Long-term evolution) भी कहा जाता है। दुनिया में पहली बार 4जी सेवाएं साल 2009 में स्‍वीडन और नॉर्वे की राजधानी में लॉन्‍च हुईं थीं। इसमें डाटा ट्रांसमिशन की स्‍पीड 3जी की तुलना करीब 10 गुना तक बढ़ गई। नेटवर्क केबल्‍स की क्षमता और लोड के अनुसार इसकी फाइनल डाउनलोडिंग स्‍पीड 5 से 12 मेगाबिट्स प्रति सेकेंड तो अपलोडिंग स्‍पीड 2 से 5 मेगाबिट्स प्रति सेकेंड के बीच होती है। हालांकि कुछ देशों में 4G-LTE पर अधिकतम स्‍पीड 50 मेगाबिट्स प्रति सेकेंड तक मिलती है।

5G: वायरलेस कम्‍युनीकेशन की दुनिया में पांचवी जनरेशन को 5जी बोला जाता है। बता दें कि दुनिया की पहली कमर्शियल 5जी सर्विस अमरीकी टेलीकॉम कंपनी वेरिजॉन ने अक्‍टूबर 2018 के पहले हफ्ते में लॉन्‍च कर दी है। हालांकि यह सर्विस अमरीका के लॉस एंजिल्‍स और ह्यूस्‍टन शहरों के सीमित क्षेत्र में ही शुरु हो पाई है। 5जी सर्विस के अंतर्गत अलग अलग कंडीशन में 71 मेगाबिट्स प्रति सेकेंड से लेकर 1.4 गीगाबिट्स तक की डानलोडिंग स्‍पीड मिल सकेगी। एक्‍सपर्ट्स के मुताबिक 5जी सर्विस के अधिकांश यूजर्स 10 एमबीपीएस से लेकर 186 एमबीपीएस के तक की स्‍पीड पर इंटरनेट एक्‍सेस कर सकेंगे। साल 2020 तक भारत समेत दुनिया के तमाम देशों में 5जी सर्विस लॉन्‍च होने की उम्‍मीद है।

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