प्रयागराज कुंभ 2019 अन्न क्षेत्र चलाने में मुस्लिम परिवार सालों से कर रहा मदद

2019-01-17T09:23:24+05:30

संगम नगरी प्रयागराज में हमेशा से गंगाजमुनी तहजीब की बयार बहती हुई दिखाई देती है ऐसा ही नजारा इन दिनों कुंभ नगरी में फिर से देखने को मिल रहा है

-पूरी श्रद्धा से जुटा हुआ है लाम मेंहदी के मालिक की पूरी फैमिली

-जगतगुरु राम सुभग दास बिनैका बाबा के सान्निध्य में आने के बाद से फैमिली कर रही सेवा

prakashmani.tripathi@inext.co.in
PRAYAGRAJ: संगम नगरी प्रयागराज में हमेशा से गंगा-जमुनी तहजीब की बयार बहती हुई दिखाई देती है. ऐसा ही नजारा इन दिनों कुंभ नगरी में फिर से देखने को मिल रहा है. जहां शहर के प्रसिद्ध बिजनेसमैन और लाम मेंहदी के मालिक सादिक शफीक पूरी श्रद्धा के साथ अन्न क्षेत्र में मदद के जरिए कुंभ में श्रद्धालुओं की मदद कर रहे है. सादिक के छोटे भाई शलीम खान ने बताया कि पिछले कई सालों से वह माघ मेला और सभी कुंभ में अन्न क्षेत्र चलाने में पूरी मदद करते है. इस कार्य में उनके बड़े भाई के साथ ही पूरी फैमली भी इस कार्य में हर प्रकार की मदद करते है. उनका मानना है कि गरीब लोगों की मदद से ज्यादा पुण्य कहीं नहीं है.

गुरु के सान्निध्य से मिली प्रेरणा
शलीम बताते हैं कि मेला क्षेत्र में अन्न क्षेत्र चलाने की प्रेरणा उनका जगतगुरु राम सुभग दास बिनैका बाबा के शरण में आने से मिली. करीब तीन-चार साल पहले वह बिनैका बाबा से मिले. उनसे सनातन धर्म और संस्कृति के बारे में गहनता से जानने का मौका मिला. जिसके बाद उनके बड़े भाई ने मेला क्षेत्र में अन्नक्षेत्र चलाने का निर्णय लिया. उसके बाद गुरु की मदद से वह लगातार चार सालों से मेला क्षेत्र में अन्नक्षेत्र चलाने में मदद करते हैं. उनके इस काम में पूरी फैमिली सेवाभाव से जुटी रहती है. प्रयागराज के साथ ही नासिक और उज्जैन में भी कुंभ के दौरान परिवार के मेंबर्स वहां पहुंचकर अन्नक्षेत्र का संचालन करवाने में जुटे रहे.

गंगा स्नान व यज्ञ के साथ नमाज का संगम
मेले के दौरान उनके परिवार की कोशिश होती है कि अधिक से अधिक समय वह मेला क्षेत्र में व्यतीत करते हुए श्रद्धालुओं की सेवा कर सकें. इतना ही नहीं, फैमिली के साथ वह मेले के दौरान गंगा स्नान भी करते हैं. इसके साथ ही बिनैका बाबा के शिविर में होने वाले यज्ञ के दौरान भी पत्नी के साथ पूजा करते हैं. सनातन धर्म की परम्परा का निर्वहन करने के साथ ही वह पांचों समय की नमाज भी अदा करते हैं. शलीम कहते हैं कि उनकी फैमिली का मानना है कि सभी धर्म मानवता का संदेश देते हैं. ऐसे में सभी धमरें का सम्मान करना चाहिए. जिससे समाज और विश्व में शांति व सद्भाव बना रहे.


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