बाबाओं को चाहिए भौकाली सुरक्षा

2019-01-12T06:01:05+05:30

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महात्माओं ने पुलिस अधिकारियों के पास किए हैं सुरक्षा के लिए आवेदन

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महात्माओं ने कर रखी है गनर संग अखाड़े व मठ में गार्द की मांग

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महात्माओं को अभी तक उपलब्ध कराये जा चुके हैं गनर

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महात्माओं के अखाड़े व मठ में की जा चुकी है गार्द की व्यवस्था

कुंभ मेला में पहुंचे संत महात्माओं को सता रही सुरक्षा की चिंता

भयभीत महात्माओं को चाहिए नेताओं सरीखी सुरक्षा व्यवस्था

जान बचेगी तभी मिलेगा मोक्ष की सोच पर चल रहे हैं संत- महात्मा

mukesh.chaturvedi@inext.co.in

PRAYAGRAJ: संगम की रेत पर बसाए गए तंबुओं के शहर में आने वाले संत महात्माओं को सुरक्षा की चिंता सता रही है। उन्हें कैबिनेट- स्टेट मिनिस्टर कैटेगिरी के नेताओं सरीखी सुरक्षा व्यवस्था चाहिए। अपनी इस चिंता से पुलिस अफसरों को अवगत कराते हुए उन्होंने गनर- गार्द की डिमांड भी कर दी है। कुछ बाबाओं को पुलिस सुरक्षा उपलब्ध करा दी गयी है तो बाकी ने भी इसके लिए प्रेशर बनाना शुरू कर दिया है। खुद की सेफ्टी को लेकर संजीदा महंतों ने इस व्यवस्था के लिए एड़ी से चोटी का जोर लगा दिया है.

डिमांड की है लंबी कतार

आत्मा अमर है, वह न तो मरती है और न ही नष्ट होती है। सब कुछ ईश्वर करते और कराते हैं। भक्तों को इसी तरह के ज्ञान देने वाले महात्मा कुंभ मेला में खुद की सुरक्षा को लेकर डरे सहमे हैं। वे जान बचेगी तभी मोक्ष मिलेगा के मार्ग पर रेस लगा रहे हैं। शायद यही वजह है कि पुलिस अधिकारियों के समक्ष तकरीबन 500 महात्माओं ने गनर और मठ एवं अखाड़ों में पुलिस गार्द की मांग की है। सूत्रों की मानें तो उनके द्वारा सुरक्षा को लेकर की गई मांग थोड़ी बहुत कम नहीं तो नेताओं वाली है। खुद के लिए गन से लैस गनर के साथ अपने मठ व अखाड़ों में गार्द की मांग करने वाले महात्माओं की लंबी फेहरिस्त है.

बाबा बनवा रहे तगड़ा दबाव

महात्माओं द्वारा की किए गनर और गार्द की मांग के इंतजाम में जुटे अधिकारियों को पसीने छूट रहे हैं। क्योंकि कुछ महात्मा अपनी मांग को मनवाने के लिए सिर्फ खुद का ही नहीं दूसरों का भी दबाव बनवाने से पीछे नहीं हट रहे हैं। अभी तक अधिकारियों ने तकरीबन 72 महात्माओं को गनर उपलब्ध करा दिए हैं। दिए गए गनर को सख्त निर्देश हैं कि वे महात्मा की सुरक्षा में किसी तरह की ढिलाई या लापरवाही न बरतें। करीब 22 मठ व अखाड़ों को पुलिस अधिकारियों ने गार्द की व्यवस्था उपलब्ध करा दी है। गार्द में तैनात पुलिस के जवान महात्माओं के निर्देश पर मठ व अखाड़ों में सुरक्षा की कमान संभालेंगे.

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बाउंसर माडल जवान की डिमांड

गनर और गार्द में बाउंसर माडल यानी लंबे- चौड़े व तंदरुस्त जवानों की डिमांड ज्यादा है।

पतले दुबले जवानों को लेने से महात्मा कतरा रहे हैं।

उनका मानना है कि भीड़ में जवान तंदरुस्त व लंबे चौड़े होंगे तभी उनकी सेफ्टी का ध्यान ठीक से रख सकेंगे.

गनर और गार्द की मांग करने वाले महात्माओं में से किसी एक को भी अधिकारी निराश करने के मूड में नहीं हैं.

महात्माओं द्वारा की गई गनर व गार्द की मांग को पूरा किया जाएगा। कुछ को गनर व गार्द उपलब्ध कराये जा चुके हैं। शेष महात्माओं को भी जल्द ही गनर व गार्द दे दिए जाएंगे। मेला पुलिस प्रशासन के पास फोर्स की कमी नहीं है.

आशुतोष मिश्र,

एसपी सुरक्षा कुंभ मेला

inextlive from Allahabad News Desk


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