पलटन के सीन को रियल बनाने के लिए जेपी दत्ता ने किया ये काम

2018-08-21T05:01:35+05:30

फिल्म पलटन की शूटिंग उन्हीं परिस्थितियों में करने का प्रयास किया गया है जिसमें हमारे सैनिकों ने वह जंग लड़ी और चीन की सेना को पीछे हटने को मजबूर कर दिया।

मुंबई(ब्यूरो)।कहा जा रहा है कि भारत-चीन के बीच 1967 में हुए युद्ध पर बन रही फिल्म 'पलटन' के लिए हर एक कलाकार ने जी-जान से मेहनत की है। युद्ध आधारित फिल्में बनाने में माहिर निर्माता-निर्देशक जेपी दत्ता की इस फिल्म के बारे में कहा जा रहा है कि इसमें काफी कुछ रीयल है।  वास्तविक सीन्स को दर्शाने का प्रयास  वैसे कहानी तो वास्तविक है ही, पर सबसे दिलचस्प यह है कि इस फिल्म की शूटिंग उन्हीं परिस्थितियों में करने का प्रयास किया गया है, जिसमें हमारे सैनिकों ने वह जंग लड़ी और चीन की सेना को पीछे हटने को मजबूर कर दिया। सभी जानते हैं कि लद्दाख में ठंड काफी अधिक पड़ती है। ऐसे में अगर दिसंबर का महीना हो, तो यह हाड़ कंपा देने वाली ठंड का मौसम होता है। -26 डिग्री सेल्सियस में शूटिंग करना कोई मजाक नहीं था। और तो और, दिसंबर के महीने में लद्दाख शहर पूरी तरह बंद होता है, लेकिन इसके बावजूद सिर्फ शूटिंग के लिए इसे दिसंबर महीने में खोला गया था।  'बॉर्डर' और 'एलओसी' जैसी फिल्में बना चुके हैं दत्ता  इससे पहले जेपी दत्ता को लोग 'बॉर्डर' और 'एलओसी' जैसी फिल्मों के लिए जानते हैं। इन फिल्मों की पृष्ठभूमि भारत-पाकिस्तान के बीच हुए युद्ध थे। लेकिन अब जेपी ने 'पलटन' को नाथुला पास में केंद्रित किया है, जिसमें चीन की सैनिक टुकड़ी पर भारतीय सेना की विजय की कहानी है। दर्शक इस फिल्म में भारतीय सेना के अदम्य साहस से रूबरू होंगे। 

 

मुंबई(ब्यूरो)।कहा जा रहा है कि भारत-चीन के बीच 1967 में हुए युद्ध पर बन रही फिल्म 'पलटन' के लिए हर एक कलाकार ने जी-जान से मेहनत की है। युद्ध आधारित फिल्में बनाने में माहिर निर्माता-निर्देशक जेपी दत्ता की इस फिल्म के बारे में कहा जा रहा है कि इसमें काफी कुछ रीयल है। 

वास्तविक सीन्स को दर्शाने का प्रयास 

वैसे कहानी तो वास्तविक है ही, पर सबसे दिलचस्प यह है कि इस फिल्म की शूटिंग उन्हीं परिस्थितियों में करने का प्रयास किया गया है, जिसमें हमारे सैनिकों ने वह जंग लड़ी और चीन की सेना को पीछे हटने को मजबूर कर दिया। सभी जानते हैं कि लद्दाख में ठंड काफी अधिक पड़ती है। ऐसे में अगर दिसंबर का महीना हो, तो यह हाड़ कंपा देने वाली ठंड का मौसम होता है। -26 डिग्री सेल्सियस में शूटिंग करना कोई मजाक नहीं था। और तो और, दिसंबर के महीने में लद्दाख शहर पूरी तरह बंद होता है, लेकिन इसके बावजूद सिर्फ शूटिंग के लिए इसे दिसंबर महीने में खोला गया था। 

'बॉर्डर' और 'एलओसी' जैसी फिल्में बना चुके हैं दत्ता 

इससे पहले जेपी दत्ता को लोग 'बॉर्डर' और 'एलओसी' जैसी फिल्मों के लिए जानते हैं। इन फिल्मों की पृष्ठभूमि भारत-पाकिस्तान के बीच हुए युद्ध थे। लेकिन अब जेपी ने 'पलटन' को नाथुला पास में केंद्रित किया है, जिसमें चीन की सैनिक टुकड़ी पर भारतीय सेना की विजय की कहानी है। दर्शक इस फिल्म में भारतीय सेना के अदम्य साहस से रूबरू होंगे। 

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